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Moradabad News: तलाक की दहलीज पर फिर थामा एक-दूसरे का हाथ
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मुरादाबाद। कभी एक-दूसरे को अपना बनाने के लिए परिवार की नाराजगी तक मोल लेने वाले रवि और हिमानी के रिश्ते में शादी के कुछ ही दिन बाद शक की दीवार खड़ी हो गई। बात इतनी बढ़ी कि दोनों ने अलग-अलग रहने का फैसला कर लिया। मामला अदालत तक पहुंचा और पति ने तलाक के लिए प्रार्थना पत्र दे दिया लेकिन रिश्ते की डोर पूरी तरह टूटी नहीं थी। काउंसिलिंग के दौरान दोनों ने एक-दूसरे की बात सुनी तो पुराने गिले-शिकवे पीछे छूट गए। अब दोनों ने फिर साथ रहने का फैसला किया है।
भगतपुर थाना क्षेत्र के बढ़ानपुर अलीगंज निवासी रवि कुमार (26) और कटघर थाना क्षेत्र के भदौरा शिव मंदिर क्षेत्र निवासी हिमानी (26) की प्रेम कहानी शादी से पहले शुरू हो हुई थी। रवि के घर के पास ही हिमानी की बुआ का घर है। हिमानी का बुआ के घर आना-जाना था। इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई और धीरे-धीरे यह मुलाकात प्यार में बदल गई। परिवार की सहमति नहीं होने के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया।
16 जुलाई 2024 को दोनों ने मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद 26 जुलाई 2024 को कोर्ट में विवाह का पंजीकरण भी करा लिया। शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा, लेकिन कुछ समय बाद दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होने लगा। एक-दूसरे पर शक बढ़ा तो रिश्ते में दूरियां आने लगीं। 26 अगस्त 2024 से दोनों अलग-अलग रहने लगे। रवि ने तलाक के लिए परिवार न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल कर दिया। मामला परिवार न्यायाधीश की अदालत में चल रहा था। इसी दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मीडिएटर शिव कुमार गौतम ने दोनों की काउंसिलिंग शुरू की। बातचीत के दौरान दोनों को समझाया गया कि आपसी गलतफहमियों और शक की वजह से बना विवाद उनके रिश्ते को खत्म कर सकता है। काउंसिलिंग के दौरान दोनों ने खुलकर एक-दूसरे की बातें सुनीं। पुरानी शिकायतों पर बातचीत हुई और दोनों को महसूस हुआ कि रिश्ते को खत्म करने के बजाय उसे एक मौका देना बेहतर है। इसके बाद दोनों ने साथ रहने की इच्छा जताई। शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों ने तलाक के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र को निरस्त कराने की मांग की हैं।
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रिश्ते को मिला दूसरा मौका
दोनों को महसूस हुआ कि रिश्ते को खत्म करने के बजाय उसे एक मौका देना बेहतर है। इसके बाद उन्होंने साथ रहने की इच्छा जताई। शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों ने तलाक के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र को निरस्त कराने की मांग की। उनके साथ रहने के फैसले को स्वीकार करते हुए मामले का निस्तारण किया गया। रवि और हिमानी अब पुराने गिले-शिकवे भुलाकर फिर साथ हैं।
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भगतपुर थाना क्षेत्र के बढ़ानपुर अलीगंज निवासी रवि कुमार (26) और कटघर थाना क्षेत्र के भदौरा शिव मंदिर क्षेत्र निवासी हिमानी (26) की प्रेम कहानी शादी से पहले शुरू हो हुई थी। रवि के घर के पास ही हिमानी की बुआ का घर है। हिमानी का बुआ के घर आना-जाना था। इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई और धीरे-धीरे यह मुलाकात प्यार में बदल गई। परिवार की सहमति नहीं होने के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया।
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16 जुलाई 2024 को दोनों ने मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद 26 जुलाई 2024 को कोर्ट में विवाह का पंजीकरण भी करा लिया। शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा, लेकिन कुछ समय बाद दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होने लगा। एक-दूसरे पर शक बढ़ा तो रिश्ते में दूरियां आने लगीं। 26 अगस्त 2024 से दोनों अलग-अलग रहने लगे। रवि ने तलाक के लिए परिवार न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल कर दिया। मामला परिवार न्यायाधीश की अदालत में चल रहा था। इसी दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मीडिएटर शिव कुमार गौतम ने दोनों की काउंसिलिंग शुरू की। बातचीत के दौरान दोनों को समझाया गया कि आपसी गलतफहमियों और शक की वजह से बना विवाद उनके रिश्ते को खत्म कर सकता है। काउंसिलिंग के दौरान दोनों ने खुलकर एक-दूसरे की बातें सुनीं। पुरानी शिकायतों पर बातचीत हुई और दोनों को महसूस हुआ कि रिश्ते को खत्म करने के बजाय उसे एक मौका देना बेहतर है। इसके बाद दोनों ने साथ रहने की इच्छा जताई। शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों ने तलाक के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र को निरस्त कराने की मांग की हैं।
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रिश्ते को मिला दूसरा मौका
दोनों को महसूस हुआ कि रिश्ते को खत्म करने के बजाय उसे एक मौका देना बेहतर है। इसके बाद उन्होंने साथ रहने की इच्छा जताई। शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों ने तलाक के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र को निरस्त कराने की मांग की। उनके साथ रहने के फैसले को स्वीकार करते हुए मामले का निस्तारण किया गया। रवि और हिमानी अब पुराने गिले-शिकवे भुलाकर फिर साथ हैं।