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बैंककर्मियों ने हिंदी को प्रमुख स्थान देने की ली शपथ
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मुरादाबाद।
मातृभाषा का सम्मान एक सभ्य समाज का आइना होती है। अमर उजाला की ओर से हिंदी के प्रचार प्रसार, सम्मान और उत्थान के लिए शुरू किए गए अभियान ‘हिंदी हैं हम’ के तहत गुरुवार को भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने कामकाज और संवाद में हिंदी को प्रमुख स्थान देने और दूसरों से भी ऐसा ही करवाने का आह्वान किया और संकल्प लिया।
‘हिंदी हैं हम’ अभियान के माध्यम से अमर उजाला ने एक ऐसा मंच प्रदान किया है जहां हम सब मिलकर उम्मीद की एक नई वर्णमाला लिख सकते हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक सिंह चंदेल ने कहा कि हिंदी हम सबके सांसों में बसी है। हिंदी प्राण, आत्मा और संवेदना की भाषा है। संस्कार और संस्कृति की भाषा है। हमारी हर भावनाओं की अभिव्यक्ति हिंदी से है। हिंदी आम लोगों के मन में रची बसी है। यहीं वह भाषा है जिस भाषा में हम सपने देखते हैं। आज पुरी दुनिया में हिंदी का मान बढ़ा है। दुनिया के अन्य देशों के लोग भी हिंदी सीख रहे हैं। हिंदी उदार भाषा है, इस भाषा ने कई भाषाओं के शब्द अपने में समाहित किए हैं, लिहाजा हिंदी दिन-प्रतिदिन सशक्त हो रही है। इसे और सशक्त करने के लिए हमें अपने-अपने घरों के बच्चों को अन्य भाषाएं सिखाने के साथ हिंदी में पढ़ना और लिखना सिखाना होगा। इसके अलावा बैंक के कामकाज में हिंदी को सर्वोच्च स्थान देना होगा और अपने ग्राहकों के साथ संवाद भी हिंदी में ही बनाने की प्राथमिकता दी जाएगी। चीफ मैनेजर धीरज सिंह ने कहा कि हम अपना कामकाज हिंदी में करेंगे। हिंदी हमारी मातृभाषा है और हम हिंदी के उत्थान के लिए लगातार प्रयासरत रहेंगे। अपने संवाद का कामकाज का मुख्य माध्यम हिंदी को ही बनाएंगे क्योंकि हिंदी की उन्नति ही राष्ट्र की उन्नति है। इस दौरान अभिषेक कुमार, आकर्षिता द्विवेदी, संदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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मातृभाषा का सम्मान एक सभ्य समाज का आइना होती है। अमर उजाला की ओर से हिंदी के प्रचार प्रसार, सम्मान और उत्थान के लिए शुरू किए गए अभियान ‘हिंदी हैं हम’ के तहत गुरुवार को भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने कामकाज और संवाद में हिंदी को प्रमुख स्थान देने और दूसरों से भी ऐसा ही करवाने का आह्वान किया और संकल्प लिया।
‘हिंदी हैं हम’ अभियान के माध्यम से अमर उजाला ने एक ऐसा मंच प्रदान किया है जहां हम सब मिलकर उम्मीद की एक नई वर्णमाला लिख सकते हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक सिंह चंदेल ने कहा कि हिंदी हम सबके सांसों में बसी है। हिंदी प्राण, आत्मा और संवेदना की भाषा है। संस्कार और संस्कृति की भाषा है। हमारी हर भावनाओं की अभिव्यक्ति हिंदी से है। हिंदी आम लोगों के मन में रची बसी है। यहीं वह भाषा है जिस भाषा में हम सपने देखते हैं। आज पुरी दुनिया में हिंदी का मान बढ़ा है। दुनिया के अन्य देशों के लोग भी हिंदी सीख रहे हैं। हिंदी उदार भाषा है, इस भाषा ने कई भाषाओं के शब्द अपने में समाहित किए हैं, लिहाजा हिंदी दिन-प्रतिदिन सशक्त हो रही है। इसे और सशक्त करने के लिए हमें अपने-अपने घरों के बच्चों को अन्य भाषाएं सिखाने के साथ हिंदी में पढ़ना और लिखना सिखाना होगा। इसके अलावा बैंक के कामकाज में हिंदी को सर्वोच्च स्थान देना होगा और अपने ग्राहकों के साथ संवाद भी हिंदी में ही बनाने की प्राथमिकता दी जाएगी। चीफ मैनेजर धीरज सिंह ने कहा कि हम अपना कामकाज हिंदी में करेंगे। हिंदी हमारी मातृभाषा है और हम हिंदी के उत्थान के लिए लगातार प्रयासरत रहेंगे। अपने संवाद का कामकाज का मुख्य माध्यम हिंदी को ही बनाएंगे क्योंकि हिंदी की उन्नति ही राष्ट्र की उन्नति है। इस दौरान अभिषेक कुमार, आकर्षिता द्विवेदी, संदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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