{"_id":"697a6f13b26ed0091c0b41c8","slug":"now-farmers-will-become-exporters-will-send-agricultural-products-abroad-moradabad-news-c-15-1-mbd1061-821244-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: अब किसान बनेंगे निर्यातक, विदेशों को भेजेंगे कृषि उत्पाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: अब किसान बनेंगे निर्यातक, विदेशों को भेजेंगे कृषि उत्पाद
विज्ञापन
मुरादाबाद। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में वही उत्पाद अपना वर्चस्व कायम रख पाते हैं, जो वहां संबंधित देश की मांग के आधार पर बने होते हैं। इसलिए हमें अपने उत्पादों को अंतराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्तायुक्त बनाने होंगे। भारतीय कृषि उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। यही कारण है कि सरकार भी अब मंडल स्तर पर किसान उत्पादक संगठनों ( एफपीओ ) को प्रशिक्षित करके उन्हें निर्यात फर्म के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके लिए मंडल के मुरादाबाद, संभल, रामपुर और अमरोहा जिले पांच एफपीओ को चयनित किया गया है, उनके प्रमुखों को शीघ्र ही एक्सपोजर विजिट पर हैदराबाद भेजने की तैयारी है।
ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक आशीष कुमार गुप्ता ने बताया कि कृषि निर्यात में कई वस्तुएं विदेशों को निर्यात की जा रही है, मुरादाबाद जिले से अब गुड़ को भी निर्यात करने की तैयारी चल रही है। इसके साथ साथ कई एफपीओ को मिलेट्स (श्रीअन्न) से बने उत्पाद तैयार कर रहे हैं, मिलेट्स के अलावा अन्य सब्जियों के उत्पाद बनाने वाले एफपीओ को भी निर्यात से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिन एफपीओ को चयनित किया जा रहा है, उन्हें एक्सपोजर विजिट पर हैदराबाद स्थित मैनिज (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन मैनेजमेंट) संस्थान में भेजा जाएगा। पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिलाया जाएगा, जिसमें देश के अनुभवी विशेषज्ञ एफपीओ प्रतिनिधियों को निर्यात से जुड़ी बारीकियां समझाएंगे। एफपीओ संचालकों को खासतौर पर बताया जाएगा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुसार अपने कृषि उत्पादों की गुणवत्ता कैसे बेहतर और सुंदर की जाए। इसके साथ ही उत्पादों की आकर्षक और सुरक्षित पैकेजिंग, ब्रांडिंग, लेबलिंग, गुणवत्ता प्रमाणन तथा निर्यात की औपचारिक प्रक्रियाओं को भी बताया जाएगा, जिससे वह अपने उत्पादों को विदेशी बाजारों में प्रतिस्पर्धा के बीच ठहराव के लिए तैयार कर सकें। एफपीओ को विशेष प्रशिक्षण देकर निर्यात इकाई के रूप में विकसित करने की इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन्हें सीधे वैश्विक अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना है, जिससे किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिल सके। ऐसा होने पर किसानों की आय में वृद्धि होगी, जिससे वह आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकेंगे।
--
ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक आशीष कुमार गुप्ता ने बताया कि विशेष प्रशिक्षण के लिए मुरादाबाद जिले से फैमिली फार्मर मुरादाबाद (एग्रोप्रोड्यूसर कंपनी), संभल जिले से सीएससी सारसी संभल (यूपी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी), अमरोहा से शोनाथ एग्रीटेक प्रोड्यूसर कंपनी, रामपुर से रामपुर कृषक फार्मर कंपनी व बिजनौर जिले से बि्रज और्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, कुल पांच एफपीओ को चयनित किया गया है। प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट से एफपीओ स्वामी निर्यात से जुड़े व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे, जिसका लाभ वे अपने संगठन और क्षेत्र के किसानों तक पहुंचा सकेंगे। आने वाले समय में और अधिक एफपीओ को भी इसी तरह निर्यात से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक आशीष कुमार गुप्ता ने बताया कि कृषि निर्यात में कई वस्तुएं विदेशों को निर्यात की जा रही है, मुरादाबाद जिले से अब गुड़ को भी निर्यात करने की तैयारी चल रही है। इसके साथ साथ कई एफपीओ को मिलेट्स (श्रीअन्न) से बने उत्पाद तैयार कर रहे हैं, मिलेट्स के अलावा अन्य सब्जियों के उत्पाद बनाने वाले एफपीओ को भी निर्यात से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिन एफपीओ को चयनित किया जा रहा है, उन्हें एक्सपोजर विजिट पर हैदराबाद स्थित मैनिज (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन मैनेजमेंट) संस्थान में भेजा जाएगा। पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिलाया जाएगा, जिसमें देश के अनुभवी विशेषज्ञ एफपीओ प्रतिनिधियों को निर्यात से जुड़ी बारीकियां समझाएंगे। एफपीओ संचालकों को खासतौर पर बताया जाएगा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुसार अपने कृषि उत्पादों की गुणवत्ता कैसे बेहतर और सुंदर की जाए। इसके साथ ही उत्पादों की आकर्षक और सुरक्षित पैकेजिंग, ब्रांडिंग, लेबलिंग, गुणवत्ता प्रमाणन तथा निर्यात की औपचारिक प्रक्रियाओं को भी बताया जाएगा, जिससे वह अपने उत्पादों को विदेशी बाजारों में प्रतिस्पर्धा के बीच ठहराव के लिए तैयार कर सकें। एफपीओ को विशेष प्रशिक्षण देकर निर्यात इकाई के रूप में विकसित करने की इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन्हें सीधे वैश्विक अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना है, जिससे किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिल सके। ऐसा होने पर किसानों की आय में वृद्धि होगी, जिससे वह आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकेंगे।
विज्ञापन
ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक आशीष कुमार गुप्ता ने बताया कि विशेष प्रशिक्षण के लिए मुरादाबाद जिले से फैमिली फार्मर मुरादाबाद (एग्रोप्रोड्यूसर कंपनी), संभल जिले से सीएससी सारसी संभल (यूपी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी), अमरोहा से शोनाथ एग्रीटेक प्रोड्यूसर कंपनी, रामपुर से रामपुर कृषक फार्मर कंपनी व बिजनौर जिले से बि्रज और्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, कुल पांच एफपीओ को चयनित किया गया है। प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट से एफपीओ स्वामी निर्यात से जुड़े व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे, जिसका लाभ वे अपने संगठन और क्षेत्र के किसानों तक पहुंचा सकेंगे। आने वाले समय में और अधिक एफपीओ को भी इसी तरह निर्यात से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है।
विज्ञापन