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Moradabad News: आनंदपुर ट्रस्ट की 123 एकड़ जमीन के मामले में 72 लोगों को नोटिस जारी
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मुरादाबाद। बाराही लालपुर मुस्तकम स्थित आनंदपुर ट्रस्ट की 123 एकड़ जमीन के मामले में एडीएम प्रशासन ने सोमवार को वाद दायर किया। इसमें आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने ट्रस्ट की जमीन को जिला प्रशासन से बगैर अनुमति लिए बेच दिया है। इस मामले में प्रशासन ने जवाब दाखिल करने के लिए 72 लोगों को नोटिस जारी किया है।
सदर तहसील के गांव बाराही लालपुर मुस्तकम श्री आनंदपुर ट्रस्ट के नाम पर 123 एकड़ जमीन चार लोगों के नाम पर खतौनी में दर्ज है। नियमानुसार यह जमीन जिला प्रशासन की अनुमति के बगैर बेची नहीं जा सकती है। यदि जमीन बेची भी जाती है तो उसका उद्देश्य धार्मिक होना चाहिए। जबकि इसके विपरीत लोगों ने जमीन बेची है, जो सीलिंग एक्ट (उत्तर प्रदेश अधिकतम जोत सीमा आरोपण अधिनियम) का उल्लंघन है।
इस मामले में डीएम अनुज सिंह ने अक्तूबर में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाते हुए प्रारंभिक जांच कराई। इस मामले में एसडीएम सदर ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट डीएम को दी है। जिला प्रशासन का मानना है कि खतौनी में डीएम की अनुमति के बगैर जमीन किसी के व्यक्तिगत नाम में दर्ज कराना गलत है। ट्रस्ट की भूमि ट्रस्ट की ही रहेगी। किसी व्यक्तिगत उत्तराधिकारी की नहीं हो सकती है। इस जमीन के मालिकाना हक पर किए गए सभी बदलाव कानूनी तौर पर शून्य हैं।
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इस मामले में रामपुर जिले के टांडा तहसील के आदर्श राना, उदयवीर सिंह, काशीपुर निवासी अमलेश और अनुपालन सिंह का नाम मालिकान के रूप में दर्ज किया गया है। एडीएम प्रशासन संगीता गौतम ने बताया कि इस मामले में उन्होंने अपनी कोर्ट में सुनवाई के लिए वाद दायर किया है। जमीन खरीद बिक्री से संबंधित कुल 72 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर जमीन सीलिंग एक्ट के तहत जिला प्रशासन के कब्जे में आएगी। नियमों का उल्लंघन करने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी।
काशीपुर में भी है आनंदपुर ट्रस्ट की शाखा
एसडीएम सदर डॉ. राम मोहन मीणा ने बताया कि आनंदपुर ट्रस्ट की जमीन जिला प्रशासन से बगैर परमिशन लिए बिक्री की गई है। इस मामले में डीएम कार्यालय को पूरी रिपोर्ट दी गई है। सदर क्षेत्र के लेखपाल राम चंद्र ने बताया कि आनंदपुर ट्रस्ट ने बाहरी लाल मुस्तकम में काफी जमीन थी। ट्रस्ट के अध्यक्ष राजस्थान के जैसलमेर से आए थे। उन्होंने एक कुटिया का निर्माण कराया था। इस संस्था का कार्यालय उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर में मौजूद थे। ट्रस्ट की जमीन कई बार बिक चुकी है। इस मामले में जिला स्तर पर जांच जारी है।
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सदर तहसील के गांव बाराही लालपुर मुस्तकम श्री आनंदपुर ट्रस्ट के नाम पर 123 एकड़ जमीन चार लोगों के नाम पर खतौनी में दर्ज है। नियमानुसार यह जमीन जिला प्रशासन की अनुमति के बगैर बेची नहीं जा सकती है। यदि जमीन बेची भी जाती है तो उसका उद्देश्य धार्मिक होना चाहिए। जबकि इसके विपरीत लोगों ने जमीन बेची है, जो सीलिंग एक्ट (उत्तर प्रदेश अधिकतम जोत सीमा आरोपण अधिनियम) का उल्लंघन है।
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इस मामले में डीएम अनुज सिंह ने अक्तूबर में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाते हुए प्रारंभिक जांच कराई। इस मामले में एसडीएम सदर ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट डीएम को दी है। जिला प्रशासन का मानना है कि खतौनी में डीएम की अनुमति के बगैर जमीन किसी के व्यक्तिगत नाम में दर्ज कराना गलत है। ट्रस्ट की भूमि ट्रस्ट की ही रहेगी। किसी व्यक्तिगत उत्तराधिकारी की नहीं हो सकती है। इस जमीन के मालिकाना हक पर किए गए सभी बदलाव कानूनी तौर पर शून्य हैं।
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इस मामले में रामपुर जिले के टांडा तहसील के आदर्श राना, उदयवीर सिंह, काशीपुर निवासी अमलेश और अनुपालन सिंह का नाम मालिकान के रूप में दर्ज किया गया है। एडीएम प्रशासन संगीता गौतम ने बताया कि इस मामले में उन्होंने अपनी कोर्ट में सुनवाई के लिए वाद दायर किया है। जमीन खरीद बिक्री से संबंधित कुल 72 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर जमीन सीलिंग एक्ट के तहत जिला प्रशासन के कब्जे में आएगी। नियमों का उल्लंघन करने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी।
काशीपुर में भी है आनंदपुर ट्रस्ट की शाखा
एसडीएम सदर डॉ. राम मोहन मीणा ने बताया कि आनंदपुर ट्रस्ट की जमीन जिला प्रशासन से बगैर परमिशन लिए बिक्री की गई है। इस मामले में डीएम कार्यालय को पूरी रिपोर्ट दी गई है। सदर क्षेत्र के लेखपाल राम चंद्र ने बताया कि आनंदपुर ट्रस्ट ने बाहरी लाल मुस्तकम में काफी जमीन थी। ट्रस्ट के अध्यक्ष राजस्थान के जैसलमेर से आए थे। उन्होंने एक कुटिया का निर्माण कराया था। इस संस्था का कार्यालय उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर में मौजूद थे। ट्रस्ट की जमीन कई बार बिक चुकी है। इस मामले में जिला स्तर पर जांच जारी है।