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औद्यानिक समिति की 18 समितियों को नोटिस
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मुरादाबाद। जिले में कई निष्क्रिय औद्यानिक समितियों के नाम जारी किए गए उर्वरक लाइसेंस के मामले की जांच डीएम के आदेश पर डीएचओ ने तेज कर दी है। डीएचओ को एआर कोऑपरेटिव के माध्यम से औद्यानिक विभाग में पंजीकृत 32 समितियों में से मात्र 14 औद्यौनिक समितियों के ही चुनावी रूप से सक्रिय होने के अभिलेख डीएचओ को भेजे हैं। इसके बाद डीएचओ ने औद्यानिक विभाग में पंजीकृत 18 समितियों को नोटिस जारी करते हुए उनके सक्रिय होने का अभिलेख एक सप्ताह में प्रस्तुत करने को कहा है। एक सप्ताह में अभिलेखीय साक्ष्य प्राप्त न होने पर समिति का निबंधन निरस्त कराने की कार्रवाई किए जाने की भी चेतावनी दी है।
जिले में निष्क्रिय चल रहीं कई औद्यानिक समितियों के पदाधिकारियों द्वारा कृषि विभाग से लाइसेंस प्राप्त कर उर्वरक बिक्री का कारोबार करने का मामला सामने आने के बाद डीएम ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही निष्क्रिय औद्यानिक समितियों की सूची जिला उद्यान अधिकारी से उपलब्ध कराने को कहा है। इससे संबंधित समितियों व उससे जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जा सके। डीएम के आदेश पर डीएचओ सुनील कुमार व एआर कोऑपरेटिव जितेंद्र कुमार सिंह ने मामले की जांच तेज कर दी है। डीएचओ ने बताया कि उनके विभाग में 32 समितियां पंजीकृत हैं। एआर से मांगी गई सूचना में इनमें से मात्र 14 समितियों को ही चुनावी आधार पर सक्रिय बताया गया है। उनके अन्य अभिलेखों की पड़ताल की जा रही है। इसके अलावा एआर कोऑपरेटिव के स्तर से जिन 18 समितियों को चुनावी दृष्टिकोण से निष्क्रिय बताया गया है उन सभी समितियों को नोटिस जारी करते हुए उनसे एक सप्ताह में अभिलेखीय साक्ष्य, किए जाने वाले व्यवसाय आदि का ब्योरा व उससे संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया है। डीएचओ ने बताया कि यदि एक सप्ताह में यह समितियां अपने सक्रिय होने का साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करती हैं तो उनके निबंधन को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। डीएचओ द्वारा इस नोटिस के जारी किए जाने के बाद निष्क्रिय समितियों के नाम पर उर्वरक लाइसेंस प्राप्त कर व्यवसाय करने वालों में हड़कंप है।
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जिले में निष्क्रिय चल रहीं कई औद्यानिक समितियों के पदाधिकारियों द्वारा कृषि विभाग से लाइसेंस प्राप्त कर उर्वरक बिक्री का कारोबार करने का मामला सामने आने के बाद डीएम ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही निष्क्रिय औद्यानिक समितियों की सूची जिला उद्यान अधिकारी से उपलब्ध कराने को कहा है। इससे संबंधित समितियों व उससे जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जा सके। डीएम के आदेश पर डीएचओ सुनील कुमार व एआर कोऑपरेटिव जितेंद्र कुमार सिंह ने मामले की जांच तेज कर दी है। डीएचओ ने बताया कि उनके विभाग में 32 समितियां पंजीकृत हैं। एआर से मांगी गई सूचना में इनमें से मात्र 14 समितियों को ही चुनावी आधार पर सक्रिय बताया गया है। उनके अन्य अभिलेखों की पड़ताल की जा रही है। इसके अलावा एआर कोऑपरेटिव के स्तर से जिन 18 समितियों को चुनावी दृष्टिकोण से निष्क्रिय बताया गया है उन सभी समितियों को नोटिस जारी करते हुए उनसे एक सप्ताह में अभिलेखीय साक्ष्य, किए जाने वाले व्यवसाय आदि का ब्योरा व उससे संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया है। डीएचओ ने बताया कि यदि एक सप्ताह में यह समितियां अपने सक्रिय होने का साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करती हैं तो उनके निबंधन को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। डीएचओ द्वारा इस नोटिस के जारी किए जाने के बाद निष्क्रिय समितियों के नाम पर उर्वरक लाइसेंस प्राप्त कर व्यवसाय करने वालों में हड़कंप है।
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