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भीकनपुर कुलवाड़ा के पूर्व प्रधान, तत्कालीन पंचायत सचिव को 14.16 लाख रुपये वसूली का नोटिस
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कुंदरकी विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत भीकनपुर कुलवाड़ा के पूर्व प्रधान और तत्कालीन पंचायत सचिव को डीएम ने 14.16 लाख रुपये वसूली ( प्रत्येक से 708000 रुपये) का नोटिस जारी करते हुए उनसे एक सप्ताह में जवाब मांगा है। लोकायुक्त के आदेश पर संभल के एडीएम (एफआर) की अगुवाई में गठित तीन सदस्यीय टीम द्वारा की गई जांच के आधार पर डीएम ने यह नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के बाद ग्राम पंचायत भीकनपुर कुलवाड़ा एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है।
कुंदरकी विकास खंड की ग्राम पंचायत भीकनपुर कुलवाड़ा में वर्ष 2015 में प्रधान पद पर अब्बास अली निर्वाचित हुए थे। उनके कार्यकाल के दो वित्तीय वर्ष में ग्राम पंचायत में 400 से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया गया। जिसके बाद गांव के ही कुछ लोग वर्ष 2018 से ही शौचालय समेत विभिन्न निर्माण कार्यों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हए शिकायत करने लगे। जिसकी अलग-अलग जिला स्तरीय अधिकारियों ने जांच की। जिसके आधार पर तत्कालीन डीएम राकेश कुमार की ओर से शौचालय निर्माण संबंधी मामले में प्रधान को क्लीनचिट भी दी गई। लेकिन शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हुए। उन्होेंने जिले के अधिकारियों पर ठीक ढंग से जांच न करने का आरोप लगाते हए इसकी शिकायत लोकायुक्त से की। जिसके आधार पर वर्ष 2020 में इस मामले की जांच संभल के अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में परियोजना निदेशक डीआरडीए तथा अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग संभल को सौंप दी गई थी।
टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त के माध्यम से डीएम मुरादाबाद को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दी। डीएम शैलेंद्र सिंह ने इसके आधार पर अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग प्रखंड से इसके तकनीकी मुल्यांकन की जांच कराई तो 118 शौचालय निर्माण में गड़बड़ी पाई गई। एक शौचालय के लिए 12 हजार रुपये जारी किए गए थे। जिसके आधार पर 14.16 लाख रुपये की वसूली निर्धारित की गई।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम शैलेंद्र कुमार ने ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान अब्बास अली और तत्कालीन पंचायत सचिव जयलाल शर्मा से संयुक्त रूप से 14.16 लाख रुपये (प्रत्येक से 708000 रुपये) वसूली का नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।
कई साल पूर्व गांव में शौचालय निर्माण कराया गया था। जिसके रख रखाव हेतु ग्राम निधि में कोई प्राविधान नहीं है। जिस जांच के आधार पर मुझे नोटिस दिया गया है वह जांच रिपोर्ट मुझे उपलब्ध नहीं कराई गई है। पूर्व में इन्हीं शौचालय निर्माण की शिकायतों की हुई जांच में मुझे क्लीनचिट मिल चुकी है। लाभार्थी ग्रामीणों ने शौचालय निर्माण का शपथपत्र भी दिया है। राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर कुछ लोग लगातार इसकी शिकायत कर रहे हैं। नोटिस का जल्द ही विधिवत जवाब दूंगा। - अब्बास अली, पूर्व प्रधान
जांच टीम को शौचालय निर्माण मिली कमियों के कुछ बिंदु
तीन लाभार्थियों का नाम डिजीटल डायरी में डबल दर्शाया गया मिला
नौै लाभार्थियों ने जांच टीम को बताया स्वयं बनवाया शौचालय
सात लाभार्थियों ने बताया कुछ सामग्री उपलब्ध कराने की बात
78 लाभार्थियों के शौचालयों में छत, दरवाजा अथवा प्लास्टर कराया नहीं मिला
16 शौचालयों का मौके पर सत्यापन नहीं कराया जा सका
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कुंदरकी विकास खंड की ग्राम पंचायत भीकनपुर कुलवाड़ा में वर्ष 2015 में प्रधान पद पर अब्बास अली निर्वाचित हुए थे। उनके कार्यकाल के दो वित्तीय वर्ष में ग्राम पंचायत में 400 से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया गया। जिसके बाद गांव के ही कुछ लोग वर्ष 2018 से ही शौचालय समेत विभिन्न निर्माण कार्यों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हए शिकायत करने लगे। जिसकी अलग-अलग जिला स्तरीय अधिकारियों ने जांच की। जिसके आधार पर तत्कालीन डीएम राकेश कुमार की ओर से शौचालय निर्माण संबंधी मामले में प्रधान को क्लीनचिट भी दी गई। लेकिन शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हुए। उन्होेंने जिले के अधिकारियों पर ठीक ढंग से जांच न करने का आरोप लगाते हए इसकी शिकायत लोकायुक्त से की। जिसके आधार पर वर्ष 2020 में इस मामले की जांच संभल के अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में परियोजना निदेशक डीआरडीए तथा अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग संभल को सौंप दी गई थी।
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टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त के माध्यम से डीएम मुरादाबाद को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दी। डीएम शैलेंद्र सिंह ने इसके आधार पर अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग प्रखंड से इसके तकनीकी मुल्यांकन की जांच कराई तो 118 शौचालय निर्माण में गड़बड़ी पाई गई। एक शौचालय के लिए 12 हजार रुपये जारी किए गए थे। जिसके आधार पर 14.16 लाख रुपये की वसूली निर्धारित की गई।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम शैलेंद्र कुमार ने ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान अब्बास अली और तत्कालीन पंचायत सचिव जयलाल शर्मा से संयुक्त रूप से 14.16 लाख रुपये (प्रत्येक से 708000 रुपये) वसूली का नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।
कई साल पूर्व गांव में शौचालय निर्माण कराया गया था। जिसके रख रखाव हेतु ग्राम निधि में कोई प्राविधान नहीं है। जिस जांच के आधार पर मुझे नोटिस दिया गया है वह जांच रिपोर्ट मुझे उपलब्ध नहीं कराई गई है। पूर्व में इन्हीं शौचालय निर्माण की शिकायतों की हुई जांच में मुझे क्लीनचिट मिल चुकी है। लाभार्थी ग्रामीणों ने शौचालय निर्माण का शपथपत्र भी दिया है। राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर कुछ लोग लगातार इसकी शिकायत कर रहे हैं। नोटिस का जल्द ही विधिवत जवाब दूंगा। - अब्बास अली, पूर्व प्रधान
जांच टीम को शौचालय निर्माण मिली कमियों के कुछ बिंदु
तीन लाभार्थियों का नाम डिजीटल डायरी में डबल दर्शाया गया मिला
नौै लाभार्थियों ने जांच टीम को बताया स्वयं बनवाया शौचालय
सात लाभार्थियों ने बताया कुछ सामग्री उपलब्ध कराने की बात
78 लाभार्थियों के शौचालयों में छत, दरवाजा अथवा प्लास्टर कराया नहीं मिला
16 शौचालयों का मौके पर सत्यापन नहीं कराया जा सका