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सत्ता, सिस्टम और विपक्ष किसी को नहीं सरोकार, कौन है दिलीप की मौत का जिम्मेदार
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मुरादाबाद। अपने घर लौट रहा युवक दिलीप बाइक समेत उस नाले में जा गिरा जिसका ढक्कन निगम कर्मियों ने खोल दिया था और सफाई के बाद फिर बंद नहीं किया। इस घोर लापरवाही से इस युवक की जान चली गई। हद तो यह रही कि उसी दिन अमर उजाला ने हाकिमों को इसी गड्ढे के बारे में चेताया था पर इसे बंद नहीं किया गया। सिस्टम ने तो इस पूरे प्रकरण में मजाक किया ही बल्कि सत्ताधारी और विपक्ष दोनाें की ही भूमिका सवालों के कटघरे में है। न तो किसी ने पीड़ित परिवार के घर जाकर सुध ली और न ही इस बाबत कोई जिज्ञासा दिखाई बल्कि अधिकतर को तो इस घटना का ही पता नहीं।
25 फरवरी के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से यह मामला उठाया था। सचित्र खबर प्रकाशित की थी कि शहर में बिना योजना के काम हो रहा है। सड़कें खोद कर छोड़ दी जाती हैं। नाले खुले पड़े हैं। खास तौर पर उसी नाले और ढक्कन का फोटो प्रकाशित किया था पर आला अधिकारी नहीं चेते और बाइक सवार दिलीप इसी में जा गिरा। यदि उसे उसी समय बंद करा दिया जाता तो दिलीप की जान न जाती। अब कुछ मातहतों पर कार्रवाई की गई है लेकिन क्या यह वास्तविक इंसाफ है। यहां खास बात भी है कि सत्तापक्ष तक के लोगाें को घटना का पता तक नहीं जबकि यह घटना शुक्रवार को दिन भर प्रमुख सुर्खियां बनीं रहीं। हैरत यह कि विपक्ष भी इस मसले पर चुप्पी साधे रहा और कई को इस घटना का पता ही नहीं। कांग्रेस के एक अनुषांगिक संगठन ने अवश्य प्रदर्शन किया पर मुख्य इकाई के लोगों ने इस प्रकरण में कोई आवाज नहीं उठाई। अन्य का भी यही हाल रहा ।
विनोद गुंबर पीड़ित परिवार के घर तक गए नहीं पर कह रहे विनोद अग्रवाल पर करो मुकदमा
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनोद गुंबर खुद तो पीड़ित परिवार के घर तक गए नहीं, न ही फोन किया पर पूछते ही तपाक से बोले कि इसके जिम्मेदार महापौर विनोद अग्रवाल हैं। उन पर मुकदमा होना चाहिए। बोले कि उन्होंने पीड़ित परिवार के घर किसी अन्य को भेजा था, लेकिन घर पर परिवार का कोई बड़ा नहीं था। इसलिए पीड़ित के घर नहीं गए। रविवार को नगर आयुक्त से मिलने की बात कही। कहा कि अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो पार्टी आवाज उठाएगी।
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सपा जिलाध्यक्ष को तो घटना की जानकारी ही नहीं
इस घटना की सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव को शनिवार शाम तक जानकारी ही नहीं थी। न तो उनकी किसी जिम्मेदार से बात हुई और न ही वह पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे। पूछने पर अवश्य कहा कि रविवार को पीड़ित परिवार से मिलेंगे। उनकी हर संभव मदद कराएंगे। उच्चाधिकारियों से बात करेंगे। युवक की मौत के लिए नगर निगम जिम्मेदार है।
आप जिलाध्यक्ष बोले मुझे घटना का नहीं पता, मैं तो रैली की तैयारी कर रहा हूं
आप जिलाध्यक्ष जाबिर हुसैन से पूछा तो बतया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। वह तो मेरठ में होने वाली केजरीवाल की रैली की तैयारी में जुटे हैं। नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मृतक के परिजनों को मुआवजा मिलना चाहिए। आम आदमी पार्टी मृतक के परिजनों के साथ खड़ी है।
भाजपा महानगर अध्यक्ष को घटना की कोई जानकारी नहीं
भाजपा महानगर अध्यक्ष धर्मेंद्र नाथ मिश्रा को इस घटना की कोई जानकारी नहीं थी। शनिवार शाम बात की तो पता चला कि उन्होंने तो इस बाबत कुछ पता ही नहीं है। बोेले कि परिवार के एक कार्यक्रम की तैयारियों में व्यस्त था और बाहर गया था। आज ही लौटा। अब पूरे प्रकरण की जानकारी करता हूं और इस पर अधिकारियों से बात करेेेंगे।
सांसद बोले, विपक्ष की सुनता कौन है
सांसद एसटी हसन ने कहा कि अखबारों से उन्हें इस घटना की जानकारी हुई। हालांकि सांसद भी न तो इस परिवार से मिले और न ही फोन पर बात की। बोले कि इसमें शत प्रतिशत निगम जिम्मेदार है और पहले दोषी चिह्नित होने चाहिए। बोले कि मैं तो ऐसे प्रकरणों में आवाज उठाता हूं पर इस समय विपक्ष की कोई नहीं सुन रहा है। कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है।
बसपा जिलाध्यक्ष, अब करेेंगे मुलाकात
बसपा जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश उर्फ मोनू ने कहा कि शनिवार सुबह अमर उजाला में इसकी जानकारी हो सकी। परिवार के साथ हमारी संवेदना हैं। शनिवार को पूरा दिन शहर से बाहर रहे जिस कारण परिवार से मुलाकात नहीं कर पाई। रविवार को परिवार से मुलाकात करेंगे। साथ ही डीएम और कमिश्नर से भी मांग करेंगे कि इस हादसे के जिम्मेदार नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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25 फरवरी के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से यह मामला उठाया था। सचित्र खबर प्रकाशित की थी कि शहर में बिना योजना के काम हो रहा है। सड़कें खोद कर छोड़ दी जाती हैं। नाले खुले पड़े हैं। खास तौर पर उसी नाले और ढक्कन का फोटो प्रकाशित किया था पर आला अधिकारी नहीं चेते और बाइक सवार दिलीप इसी में जा गिरा। यदि उसे उसी समय बंद करा दिया जाता तो दिलीप की जान न जाती। अब कुछ मातहतों पर कार्रवाई की गई है लेकिन क्या यह वास्तविक इंसाफ है। यहां खास बात भी है कि सत्तापक्ष तक के लोगाें को घटना का पता तक नहीं जबकि यह घटना शुक्रवार को दिन भर प्रमुख सुर्खियां बनीं रहीं। हैरत यह कि विपक्ष भी इस मसले पर चुप्पी साधे रहा और कई को इस घटना का पता ही नहीं। कांग्रेस के एक अनुषांगिक संगठन ने अवश्य प्रदर्शन किया पर मुख्य इकाई के लोगों ने इस प्रकरण में कोई आवाज नहीं उठाई। अन्य का भी यही हाल रहा ।
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विनोद गुंबर पीड़ित परिवार के घर तक गए नहीं पर कह रहे विनोद अग्रवाल पर करो मुकदमा
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनोद गुंबर खुद तो पीड़ित परिवार के घर तक गए नहीं, न ही फोन किया पर पूछते ही तपाक से बोले कि इसके जिम्मेदार महापौर विनोद अग्रवाल हैं। उन पर मुकदमा होना चाहिए। बोले कि उन्होंने पीड़ित परिवार के घर किसी अन्य को भेजा था, लेकिन घर पर परिवार का कोई बड़ा नहीं था। इसलिए पीड़ित के घर नहीं गए। रविवार को नगर आयुक्त से मिलने की बात कही। कहा कि अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो पार्टी आवाज उठाएगी।
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सपा जिलाध्यक्ष को तो घटना की जानकारी ही नहीं
इस घटना की सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव को शनिवार शाम तक जानकारी ही नहीं थी। न तो उनकी किसी जिम्मेदार से बात हुई और न ही वह पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे। पूछने पर अवश्य कहा कि रविवार को पीड़ित परिवार से मिलेंगे। उनकी हर संभव मदद कराएंगे। उच्चाधिकारियों से बात करेंगे। युवक की मौत के लिए नगर निगम जिम्मेदार है।
आप जिलाध्यक्ष बोले मुझे घटना का नहीं पता, मैं तो रैली की तैयारी कर रहा हूं
आप जिलाध्यक्ष जाबिर हुसैन से पूछा तो बतया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। वह तो मेरठ में होने वाली केजरीवाल की रैली की तैयारी में जुटे हैं। नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मृतक के परिजनों को मुआवजा मिलना चाहिए। आम आदमी पार्टी मृतक के परिजनों के साथ खड़ी है।
भाजपा महानगर अध्यक्ष को घटना की कोई जानकारी नहीं
भाजपा महानगर अध्यक्ष धर्मेंद्र नाथ मिश्रा को इस घटना की कोई जानकारी नहीं थी। शनिवार शाम बात की तो पता चला कि उन्होंने तो इस बाबत कुछ पता ही नहीं है। बोेले कि परिवार के एक कार्यक्रम की तैयारियों में व्यस्त था और बाहर गया था। आज ही लौटा। अब पूरे प्रकरण की जानकारी करता हूं और इस पर अधिकारियों से बात करेेेंगे।
सांसद बोले, विपक्ष की सुनता कौन है
सांसद एसटी हसन ने कहा कि अखबारों से उन्हें इस घटना की जानकारी हुई। हालांकि सांसद भी न तो इस परिवार से मिले और न ही फोन पर बात की। बोले कि इसमें शत प्रतिशत निगम जिम्मेदार है और पहले दोषी चिह्नित होने चाहिए। बोले कि मैं तो ऐसे प्रकरणों में आवाज उठाता हूं पर इस समय विपक्ष की कोई नहीं सुन रहा है। कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है।
बसपा जिलाध्यक्ष, अब करेेंगे मुलाकात
बसपा जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश उर्फ मोनू ने कहा कि शनिवार सुबह अमर उजाला में इसकी जानकारी हो सकी। परिवार के साथ हमारी संवेदना हैं। शनिवार को पूरा दिन शहर से बाहर रहे जिस कारण परिवार से मुलाकात नहीं कर पाई। रविवार को परिवार से मुलाकात करेंगे। साथ ही डीएम और कमिश्नर से भी मांग करेंगे कि इस हादसे के जिम्मेदार नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।