{"_id":"6ae504ecbce3c726bd0aee6f","slug":"no-issues-found-in-the-water-following-the-test-moradabad-news-c-15-1-mbd1014-1028011-2026-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: जिले में 21 हजार टेस्ट के बाद कही पानी में नहीं मिली गड़बड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: जिले में 21 हजार टेस्ट के बाद कही पानी में नहीं मिली गड़बड़ी
विज्ञापन
मुरादाबाद। जल जीवन मिशन के तहत जिले के 224 गांवों तक पानी पहुंच गया है। पानी की शुद्धता की जांच करने के लिए अलग घरों और टंकियों की जांच की गई लेकिन किसी स्थान के पेयजल में गड़बड़ी नहीं मिली है।
जिले में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति के लिए 955 गांव लिए गए हैं। विभाग का दावा है कि अभी तक 118 गांवों में नियमित पानी की सप्लाई चल रही हैं। 224 गांवों को पाइप लाइन के माध्यम से पानी पहुंच रहा है। ट्रायल रन के तहत 106 गांव लिए गए हैं। 731 गांवों में टंकी और अन्य कार्यों का निर्माण चल रहा है। जल निगम की पुरानी योजनाओं वाले 42 गांवों में आंशिक जलापूर्ति की जा रही है। केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार पेयजल आपूर्ति के अनुसार लैब में टेस्टिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस मामले में अधिशासी अभियंता विनय कुमार सेहरावत का कहना है कि गांवों के स्कूल और आंगनबाड़ी के पानी की भी जांचें की गई हैं। वर्ष 2026-27 में 29 अक्टूबर तक जिले के 1193 स्कूलों, 1860 आंगनबाड़ी केंद्रों में फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से पानी की करीब 19,500 जांचें हुई हैं। जिले में 21 हजार जांचे पूरी हो चुकी हैं। फिर भी कही पानी में कमीं नही पाई गई है। कुंदरकी ब्लॉक के भीखनपुर वगहा के ग्रामीण पेयजल को लेकर पहले परेशान रहते थे। अब उनके गांव में टंकी से सुबह-शाम पानी पहुंच रहा है। गांव के निवासी सचिन कहते हैं कि पानी साफ-सुथरा है। इसी प्रकार गांव टहानायक (मूंढापांडे ब्लॉक) के घरों की टोटियों से दोनों समय पानी पहुंच रहा है। पहले गांवों में पानी को लेकर काफी समस्याएं थीं, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।
विज्ञापन
जिले में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति के लिए 955 गांव लिए गए हैं। विभाग का दावा है कि अभी तक 118 गांवों में नियमित पानी की सप्लाई चल रही हैं। 224 गांवों को पाइप लाइन के माध्यम से पानी पहुंच रहा है। ट्रायल रन के तहत 106 गांव लिए गए हैं। 731 गांवों में टंकी और अन्य कार्यों का निर्माण चल रहा है। जल निगम की पुरानी योजनाओं वाले 42 गांवों में आंशिक जलापूर्ति की जा रही है। केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार पेयजल आपूर्ति के अनुसार लैब में टेस्टिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस मामले में अधिशासी अभियंता विनय कुमार सेहरावत का कहना है कि गांवों के स्कूल और आंगनबाड़ी के पानी की भी जांचें की गई हैं। वर्ष 2026-27 में 29 अक्टूबर तक जिले के 1193 स्कूलों, 1860 आंगनबाड़ी केंद्रों में फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से पानी की करीब 19,500 जांचें हुई हैं। जिले में 21 हजार जांचे पूरी हो चुकी हैं। फिर भी कही पानी में कमीं नही पाई गई है। कुंदरकी ब्लॉक के भीखनपुर वगहा के ग्रामीण पेयजल को लेकर पहले परेशान रहते थे। अब उनके गांव में टंकी से सुबह-शाम पानी पहुंच रहा है। गांव के निवासी सचिन कहते हैं कि पानी साफ-सुथरा है। इसी प्रकार गांव टहानायक (मूंढापांडे ब्लॉक) के घरों की टोटियों से दोनों समय पानी पहुंच रहा है। पहले गांवों में पानी को लेकर काफी समस्याएं थीं, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।
विज्ञापन