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Moradabad News: छुट्टियां शुरु होने में नौ दिन...मिड डे मील के लिए नहीं मिले संसाधन
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मुरादाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग स्कूलों में मिड डे मील बनवाने की अभी तक व्यवस्था नहीं कर सका है, जबकि एनजीओ द्वारा किए जा रहे वितरण की आखिरी तारीख 20 मई है। शिक्षकों का कहना है कि विभाग की ओर से कोई संसाधन उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं।
मुरादाबाद नगर क्षेत्र के करीब 114 स्कूलों में लगभग 13 हजार विद्यार्थियों को मिड डे मील उपलब्ध करवाने की व्यवस्था अभी एनजीओ के हाथों में है। खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र वेगीश गोयल ने बताया कि रसोइये की नियुक्ति करने पर हमारा ध्यान है। स्कूलों को कह दिया है कि जहां व्यवस्था नहीं है, वहां पर जून में आने वाली ग्रांट से व्यवस्था की जाएगी। सभी स्कूलों से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, ताकि हमें पता चल सके कि सुविधाओं को जुटाने में कितना बजट लगेगा। अभी इस संदर्भ में इस सप्ताह में दोबारा समीक्षा रखेंगे, जो समस्या आएंगी उसका समाधान किया जाएगा।
प्रधानाध्यापक बोले- न बर्तन न बजट
विभाग ने प्रधानाध्यापकों को एक प्रारूप दिया है। जिसमें छात्र संख्या, कक्षों की संख्या, रसोई घर है या नहीं, रसोइया की उपलब्धता, बर्तन, खाद्यान्न, कन्वर्जन कास्ट और गैस की उपलब्धता के साथ एमडीएम खाते की केवाईसी की स्थिति की जानकारी मांगी है। कई प्रधानाध्यापकों ने लिखकर दिया है कि उनके यहां पर खाद्यान्न, गैस, बर्तनों की उपलब्धता नहीं है और न ही कन्वर्जन कास्ट है। कुछ स्कूलों में रसोई छोटी होने की जानकारी दी गई है।
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मुरादाबाद नगर क्षेत्र के करीब 114 स्कूलों में लगभग 13 हजार विद्यार्थियों को मिड डे मील उपलब्ध करवाने की व्यवस्था अभी एनजीओ के हाथों में है। खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र वेगीश गोयल ने बताया कि रसोइये की नियुक्ति करने पर हमारा ध्यान है। स्कूलों को कह दिया है कि जहां व्यवस्था नहीं है, वहां पर जून में आने वाली ग्रांट से व्यवस्था की जाएगी। सभी स्कूलों से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, ताकि हमें पता चल सके कि सुविधाओं को जुटाने में कितना बजट लगेगा। अभी इस संदर्भ में इस सप्ताह में दोबारा समीक्षा रखेंगे, जो समस्या आएंगी उसका समाधान किया जाएगा।
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प्रधानाध्यापक बोले- न बर्तन न बजट
विभाग ने प्रधानाध्यापकों को एक प्रारूप दिया है। जिसमें छात्र संख्या, कक्षों की संख्या, रसोई घर है या नहीं, रसोइया की उपलब्धता, बर्तन, खाद्यान्न, कन्वर्जन कास्ट और गैस की उपलब्धता के साथ एमडीएम खाते की केवाईसी की स्थिति की जानकारी मांगी है। कई प्रधानाध्यापकों ने लिखकर दिया है कि उनके यहां पर खाद्यान्न, गैस, बर्तनों की उपलब्धता नहीं है और न ही कन्वर्जन कास्ट है। कुछ स्कूलों में रसोई छोटी होने की जानकारी दी गई है।
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