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Moradabad News: अब एनजीओ करेंगे गोवंशीय पशुओं की देखभाल
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मुरादाबाद। शहरी क्षेत्र की छह गोशालाओं में 1500, ग्राम पंचायतों में 30 गोशालाओं में लगभग 6300 गोवंशीय पशु हैं। इनकी देखरेख की जिम्मेदारी शासन की ओर से गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) को सौंपने की कवायद शुरू की गई है। अभी तक सिर्फ तीन एनजीओ ने आवेदन किया है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सुनीलदत्त प्रजापति के अनुसार अभी तक श्री सेवा ट्रस्ट, नंदिनी गोदान सेवा ट्रस्ट तथा गो पालन सेवा समिति ने रुचि दिखाई है। इन संस्थाओं को गोशालाओं का आवंटन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा। फिलहाल इन संस्थाओं के आवेदन प्राप्त होने के बाद विभागीय स्तर पर दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
इसी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि संस्थाएं गोशालाओं के संचालन में सक्षम है या नहीं। यह भी परखा जाएगा कि संस्था के पास गोशालाओं के संचालन, पशुओं के उपचार, चारे-पानी की व्यवस्था और कर्मचारियों के प्रबंधन का पर्याप्त अनुभव है या नहीं। जिले की और भी संस्थाएं आवेदन कर सकती हैं।
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मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के अनुसार इन संस्थाओं को प्रति दिन प्रति पशु 50 रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा। एनजीओ की सहभागिता से गोशालाओं के संचालन में गुणवत्ता आएगी। निराश्रित गोवंश के संरक्षण की व्यवस्था और सुदृढ़ होगी।
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मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सुनीलदत्त प्रजापति के अनुसार अभी तक श्री सेवा ट्रस्ट, नंदिनी गोदान सेवा ट्रस्ट तथा गो पालन सेवा समिति ने रुचि दिखाई है। इन संस्थाओं को गोशालाओं का आवंटन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा। फिलहाल इन संस्थाओं के आवेदन प्राप्त होने के बाद विभागीय स्तर पर दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
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इसी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि संस्थाएं गोशालाओं के संचालन में सक्षम है या नहीं। यह भी परखा जाएगा कि संस्था के पास गोशालाओं के संचालन, पशुओं के उपचार, चारे-पानी की व्यवस्था और कर्मचारियों के प्रबंधन का पर्याप्त अनुभव है या नहीं। जिले की और भी संस्थाएं आवेदन कर सकती हैं।
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मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के अनुसार इन संस्थाओं को प्रति दिन प्रति पशु 50 रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा। एनजीओ की सहभागिता से गोशालाओं के संचालन में गुणवत्ता आएगी। निराश्रित गोवंश के संरक्षण की व्यवस्था और सुदृढ़ होगी।