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Moradabad News: अगले सप्ताह इसरो के सेटेलाइट से होगा शहर का सर्वे
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मुरादाबाद। शहर में होने वाले अवैध निर्माण का पता लगाने के लिए एमडीए रिमोट सेंसिंग सर्वे कराएगा। अगले सप्ताह इसरो के सेटेलाइट की मदद से प्रदेश के साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग की टीम यह सर्वे करेगी। इसमें हर घर की निगरानी होगी और इसकी जानकारी एमडीए के कंट्रोल रूम को दी जाएगी। प्रत्येक माह सेटेलाइट की रेंज मुरादाबाद की ओर की जाएगी, जिससे यह पता चल जाएगा कि पिछले माह की अपेक्षा शहर में कितने निर्माण कार्य हुए हैं। ऐसे में अवैध निर्माण कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना आसान हो जाएगा।
सर्वे के बाद एमडीए के कंट्रोल रूम को रिमोट सेंसिंग अप्लीकेशन सेंटर (आरएसएसी) से अवैध निर्माण वाले स्थान के रूट आदि की जानकारी मिल जाएगी। एमडीए के अधिकारी कार्यालय में बैठे हुए अवैध निर्माण पर निगरानी कर सकेंगे। दो महीने की तस्वीरों की तुलना करके कहां पर अवैध निर्माण किया जा रहा है, इसका आसानी से पता चल जाएगा। एमडीए ने प्रदेश के साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग को सर्वे के लिए दो लाख रुपये भेज दिए हैं। एमडीए को प्रत्येक क्षेत्र में जेई और अन्य स्टाफ रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सटीक जानकारी मिलने पर टीम माैके पर जाकर कार्रवाई करेगी।
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सर्वे से आरोप लगाने का मौका नहीं मिलेगा
साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग की रिपोर्ट के आधार पर एमडीए कार्यालय से निर्धारित स्थान पर जांच के लिए जेई को भेजा जाएगा। जेई एप के माध्यम से अपनी रिपोर्ट देंगे। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह सिस्टम पारदर्शी होगा। इससे किसी को आरोप लगाने का माैका नहीं मिलेगा। पहले चरण में मुरादाबाद शहर का सर्वे होगा। इसके बाद दूसरे चरण में गजराैला का सर्वे किया जाएगा।
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पारदर्शिता के लिए अत्याधुनिक सिस्टम को अपनाने की अनुमति दी गई है। साइंस एंड टेक्नालॉजी विभाग को पैसा भेज दिया गया है। अगले सप्ताह सर्वे का काम शुरू हो जाएगा। - शैलेष कुमार, उपाध्यक्ष, एमडीए
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सर्वे के बाद एमडीए के कंट्रोल रूम को रिमोट सेंसिंग अप्लीकेशन सेंटर (आरएसएसी) से अवैध निर्माण वाले स्थान के रूट आदि की जानकारी मिल जाएगी। एमडीए के अधिकारी कार्यालय में बैठे हुए अवैध निर्माण पर निगरानी कर सकेंगे। दो महीने की तस्वीरों की तुलना करके कहां पर अवैध निर्माण किया जा रहा है, इसका आसानी से पता चल जाएगा। एमडीए ने प्रदेश के साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग को सर्वे के लिए दो लाख रुपये भेज दिए हैं। एमडीए को प्रत्येक क्षेत्र में जेई और अन्य स्टाफ रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सटीक जानकारी मिलने पर टीम माैके पर जाकर कार्रवाई करेगी।
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सर्वे से आरोप लगाने का मौका नहीं मिलेगा
साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग की रिपोर्ट के आधार पर एमडीए कार्यालय से निर्धारित स्थान पर जांच के लिए जेई को भेजा जाएगा। जेई एप के माध्यम से अपनी रिपोर्ट देंगे। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह सिस्टम पारदर्शी होगा। इससे किसी को आरोप लगाने का माैका नहीं मिलेगा। पहले चरण में मुरादाबाद शहर का सर्वे होगा। इसके बाद दूसरे चरण में गजराैला का सर्वे किया जाएगा।
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पारदर्शिता के लिए अत्याधुनिक सिस्टम को अपनाने की अनुमति दी गई है। साइंस एंड टेक्नालॉजी विभाग को पैसा भेज दिया गया है। अगले सप्ताह सर्वे का काम शुरू हो जाएगा। - शैलेष कुमार, उपाध्यक्ष, एमडीए