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कस्टम के नए नियम ने बढ़ाई निर्यातकों की मुश्किलें
ब्यूरो/अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Wed, 23 Dec 2015 06:57 PM IST
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कस्टम के नए नियमों में बदलाव ने निर्यातकों की मुश्किलें बढ़ाने जा रहा है। फोकस लाइसेंस के लिए एप्लीकेशन की नई व्यवस्था से उन्हें निराशा हाथ लगी है। नई प्रक्रिया में एकमुश्त फोकस लाइसेंस के बजाय हर कंटेनर के लिए एप्लीकेशन देनी होगी।
वहीं स्वीकृति मिलने पर मुंद्रा पोर्ट के लिए ट्रक से कंटेनर भेजे जा सकेंगे। मंगलवार को मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स ऐसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कस्टम के अधिकारियों से मुलाकात की। जिसमें ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि फोकस लाइसेंस के लिए आवेदन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।
पहले पचास शिपिंग बिल तक आवेदन होता था। लेकिन अब पांच शिपिंग बिल पर बंदरगाह वार एप्लीकेशन देनी होगी। इसके अलावा मुंद्रा पोर्ट तक ट्रक कंटेनर ले जाने पर चर्चा हुई। ज्वाइंट कमिश्नर ने कहा कि आपात परिस्थितियों में ट्रक से कंटेनर भेजने के लिए स्वीकृति दी जा सकती है।
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मिलने वालों में अब्दुल अजीम और सतपाल रहे। पूर्व सचिव सतपाल ने बताया कि नए प्रक्रिया में निर्यातकों कोई लाभ नहीं होगा। इससे लाइसेंस की वैल्यू खत्म हो जाएगी।
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वहीं स्वीकृति मिलने पर मुंद्रा पोर्ट के लिए ट्रक से कंटेनर भेजे जा सकेंगे। मंगलवार को मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स ऐसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कस्टम के अधिकारियों से मुलाकात की। जिसमें ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि फोकस लाइसेंस के लिए आवेदन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।
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पहले पचास शिपिंग बिल तक आवेदन होता था। लेकिन अब पांच शिपिंग बिल पर बंदरगाह वार एप्लीकेशन देनी होगी। इसके अलावा मुंद्रा पोर्ट तक ट्रक कंटेनर ले जाने पर चर्चा हुई। ज्वाइंट कमिश्नर ने कहा कि आपात परिस्थितियों में ट्रक से कंटेनर भेजने के लिए स्वीकृति दी जा सकती है।
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मिलने वालों में अब्दुल अजीम और सतपाल रहे। पूर्व सचिव सतपाल ने बताया कि नए प्रक्रिया में निर्यातकों कोई लाभ नहीं होगा। इससे लाइसेंस की वैल्यू खत्म हो जाएगी।