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न मुकदमा लिखा न आरोपी की तलाश, होटल स्टाफ तक से नहीं की पूछताछ
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मुरादाबाद। नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म के आरोप का मामला अभी तक पूरी तरह से सुलझा ही नहीं था कि शनिवार को युवक द्वारा अमरोहा की किशोरी को एक होटल के कमरे में लाने के बाद उसे छोड़ जाने के मामले में महिला थाना पुलिस की लापरवाही भी सामने आ गई। हालांकि महिला थानाध्यक्ष का कहना है कि बच्ची अथवा उसके परिवार वाले कोई कार्रवाई नहीं चाहते थे, लिहाजा किशोरी को उसके परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया गया। महिला पुलिस ने इस मामले न किसी से कोई पूछताछ की न ही कोई मुकदमा ही लिखा।
शनिवार को अमरोहा क्षेत्र की एक 16 वर्षीय किशोरी को उसी क्षेत्र का एक युवक अपने साथ ले आया था। कोतवाली क्षेत्र के बुध बाजार स्थित एक होटल के कमरे में उसके साथ कुछ देर बिताने के बाद उसे छोड़कर युवक फरार हो गया था। उसके काफी देर तक वापस न आने पर किशोरी ने होटल के स्टाफ से यह बात बताई। राह गुजरते एक युवक उसकी मदद को आगे आया। किशोरी सदमे के कारण बार-बार बेहोश हो रही थी। इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंच चुकी थी। बताया जाता है कि इसके बाद पुलिस किशोरी को महिला थाने ले आई। वहां से मदद में पहुंचे युवक के माध्यम से उसे जिला अस्पताल में दिखाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे भर्ती करने की सलाह दी, लेकिन किशोरी भर्ती होने से इनकार करती रही। इसके बाद महिला थाना पुलिस ने उसके परिवार लोगों के नंबर की किशोरी से जानकारी की। पुलिस ने फिर फोन कर परिजनों को मुरादाबाद बुलाया। बाद में महिला पुलिस ने किशोरी को उसके पिता की सुपुर्दगी में देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। महिला थाना पुलिस ने न तो इस मामले में किसी तरह का कोई मुकदमा पंजीकृत किया और न ही आरोपी की तलाश ही की। यही नहीं किशोरी के साथ जिस होटल में युवक रुका था, उसके स्टाफ अथवा मालिक तक भी पुलिस ने कोई पूछताछ नहीं की। इससे महिला थाना पुलिस की भूमिका पर भी सवालिया निशान लग गया है। खास बात यह है कि महिला थानाध्यक्ष से लेकर सीओ स्तर तक के अधिकारी यह कह कर अपनी जिम्मेदारी से बचते दिखाई दिए कि किशोरी व उसके परिवार वाले किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं चाहते थे, लिहाजा इस लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मेरे थाने की पुलिस न तो उसे किसी होटल से लेकर आई थी और न ही उसका मेडिकल कराया। शहर के एक युवक द्वारा किशोरी को महिला थाना लाया गया था। पूछताछ में किशोरी ने बताया था कि वह नाराज होकर अपने घर से आ गई थी। उसने किसी युवक द्वारा लेकर आने और होटल के कमरे में छोड़ कर चले जाने की जानकारी नहीं दी थी। किशोरी अपने परिवार वालों के साथ भी जाने को नहीं राजी थी। किशोरी के परिवार वालों को फोन कर बुलाने के बाद किशोरी को समझाबुझा कर परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया गया। किशोरी अथवा परिवार के लोगों ने किसी तरह की कोई भी कार्रवाई करने से इनकार किया। इसके बाद किशोरी को परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया गया।
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महिला थाना प्रभारी
मैंने महिला थाना पुलिस और किशोरी के पिता से बात की। किशोरी के पिता ने बताया कि उनकी बेटी क्षेत्र के ही अपने प्रेमी युवक के साथ चली गई थी। सूचना मिलने पर वह लोग महिला थाना गए थे। वह लोग कार्रवाई नहीं चाहते थे। स्वेच्छा से किशोरी को महिला थाने से अपने साथ ले गए।
सीओ कटघर
मामले की जानकारी मिली है। इस मामले में यह पता करवाया जाएगा कि किशोरी के परिवार वालों ने अपने थाना क्षेत्र में किशोरी को बहला फुसला कर भगा ले जाने का कोई मुकदमा दर्ज कराया है या नहीं। पूरे मामले की जानकारी की जाएगी। इसके अलावा महिला थाना पुलिस के स्तर पर क्या कमियां रही हैं इसे भी दिखवाया जाएगा। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। पुलिस के स्तर पर जो भी कमी पाई जाएगी उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश भदौरिया, एसपी सिटी
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शनिवार को अमरोहा क्षेत्र की एक 16 वर्षीय किशोरी को उसी क्षेत्र का एक युवक अपने साथ ले आया था। कोतवाली क्षेत्र के बुध बाजार स्थित एक होटल के कमरे में उसके साथ कुछ देर बिताने के बाद उसे छोड़कर युवक फरार हो गया था। उसके काफी देर तक वापस न आने पर किशोरी ने होटल के स्टाफ से यह बात बताई। राह गुजरते एक युवक उसकी मदद को आगे आया। किशोरी सदमे के कारण बार-बार बेहोश हो रही थी। इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंच चुकी थी। बताया जाता है कि इसके बाद पुलिस किशोरी को महिला थाने ले आई। वहां से मदद में पहुंचे युवक के माध्यम से उसे जिला अस्पताल में दिखाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे भर्ती करने की सलाह दी, लेकिन किशोरी भर्ती होने से इनकार करती रही। इसके बाद महिला थाना पुलिस ने उसके परिवार लोगों के नंबर की किशोरी से जानकारी की। पुलिस ने फिर फोन कर परिजनों को मुरादाबाद बुलाया। बाद में महिला पुलिस ने किशोरी को उसके पिता की सुपुर्दगी में देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। महिला थाना पुलिस ने न तो इस मामले में किसी तरह का कोई मुकदमा पंजीकृत किया और न ही आरोपी की तलाश ही की। यही नहीं किशोरी के साथ जिस होटल में युवक रुका था, उसके स्टाफ अथवा मालिक तक भी पुलिस ने कोई पूछताछ नहीं की। इससे महिला थाना पुलिस की भूमिका पर भी सवालिया निशान लग गया है। खास बात यह है कि महिला थानाध्यक्ष से लेकर सीओ स्तर तक के अधिकारी यह कह कर अपनी जिम्मेदारी से बचते दिखाई दिए कि किशोरी व उसके परिवार वाले किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं चाहते थे, लिहाजा इस लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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मेरे थाने की पुलिस न तो उसे किसी होटल से लेकर आई थी और न ही उसका मेडिकल कराया। शहर के एक युवक द्वारा किशोरी को महिला थाना लाया गया था। पूछताछ में किशोरी ने बताया था कि वह नाराज होकर अपने घर से आ गई थी। उसने किसी युवक द्वारा लेकर आने और होटल के कमरे में छोड़ कर चले जाने की जानकारी नहीं दी थी। किशोरी अपने परिवार वालों के साथ भी जाने को नहीं राजी थी। किशोरी के परिवार वालों को फोन कर बुलाने के बाद किशोरी को समझाबुझा कर परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया गया। किशोरी अथवा परिवार के लोगों ने किसी तरह की कोई भी कार्रवाई करने से इनकार किया। इसके बाद किशोरी को परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया गया।
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महिला थाना प्रभारी
मैंने महिला थाना पुलिस और किशोरी के पिता से बात की। किशोरी के पिता ने बताया कि उनकी बेटी क्षेत्र के ही अपने प्रेमी युवक के साथ चली गई थी। सूचना मिलने पर वह लोग महिला थाना गए थे। वह लोग कार्रवाई नहीं चाहते थे। स्वेच्छा से किशोरी को महिला थाने से अपने साथ ले गए।
सीओ कटघर
मामले की जानकारी मिली है। इस मामले में यह पता करवाया जाएगा कि किशोरी के परिवार वालों ने अपने थाना क्षेत्र में किशोरी को बहला फुसला कर भगा ले जाने का कोई मुकदमा दर्ज कराया है या नहीं। पूरे मामले की जानकारी की जाएगी। इसके अलावा महिला थाना पुलिस के स्तर पर क्या कमियां रही हैं इसे भी दिखवाया जाएगा। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। पुलिस के स्तर पर जो भी कमी पाई जाएगी उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश भदौरिया, एसपी सिटी