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Moradabad News: बजट मिला न लक्ष्य, फाइलों में योजनाएं डंप
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मुरादाबाद। कई योजनाएं भले ही फाइलों में चल रही हों, लेकिन इन योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए न बजट मिला और न ही लक्ष्य निर्धारित किए गए। कुछ योजनाओं को तीन साल से बजट का इंतजार है तो कुछ योजनाएं शासन से दिशा निर्देश मिलने की प्रतीक्षा में हैं। ऐसे में ये योजनाएं फाइलों में डंप हैं।
गांवों का अलग से विकास कराने के लिए सांसद आदर्श ग्राम योजना और प्रधानमंत्री आदर्श योजना चलाई गई है। इस योजना के तहत चयनित प्रत्येक गांव में नाली, सड़क, पानी जैसी सुविधाओं के लिए 20 लाख रुपये मिलते हैं। सांसद आदर्श गांव के लिए तीन साल से बजट जारी नहीं हुआ और न ही नए गांवों का चयन हुआ। जबकि प्रधानमंत्री आदर्श गांव योजना में 2020-21 के बाद नए गांवों का चयन नहीं किया गया।
प्रधानमंत्री काैशल विकास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के लिए पिछले साल जिले के लिए कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया। सुगम्य भारत अभियान के तहत भवनों को दिव्यांगों के अनुकूल बनाने के लिए रैंप और रेलिंग आदि का निर्माण कराया जाता है। इस योजना के तहत जनपद स्तर पर कोई बजट नहीं मिला।
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यही हाल कुछ अन्य योजनाओं का है। जो सरकारी फाइलों में दर्ज हैं लेकिन लक्ष्य और बजट के अभाव में इनका संचालन नहीं हो पा रहा है। जबकि सरकारी रिकाॅर्ड में ये योजनाएं बंद भी नहीं हैं।
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ये हैं प्रमुख योजनाओं की स्थिति
- सांसद आदर्श ग्राम योजना : वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत ग्राम पंचायतों के चयन के लिए शासन स्तर से विभाग को कोई दिशा निर्देश नहीं मिले।
- प्रधानमंत्री आदर्श गांव योजना : वित्तीय वर्ष 2020-21 में 44 गांवों का चयन किया गया था। इसके बाद नए गांव नहीं चयनित किए गए।
- प्रधानमंत्री काैशल विकास योजना : वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रशिक्षण के लिए जिले को कोई लक्ष्य नहीं मिला।
- प्रधानमंत्री आवास योजना : वित्तीय वर्ष 2025-26 में कोई लक्ष्य नहीं मिला।
- प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम : वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग को कोई लक्ष्य नहीं मिला।
- सुगम्य भारत अभियान : इस योजना के लिए जिले स्तर कोई बजट आवंटन नहीं हुआ।
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- सांसद आदर्श ग्राम योजना के लिए तीन साल से बजट नहीं मिला। प्रधानमंत्री आदर्श गांव के तहत नए गांव नहीं चुने गए। बजट भी नहीं मिला। - श्वेतांक पांडेय, परियोजना निदेशक (डीआरडीए)
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- अधिकांश योजनाओं का लक्ष्य मई और जून में निर्धारित किए जाते हैं। इसके बाद ही बजट जारी होते हैं। - आलोक शर्मा, डीपीआरओ
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गांवों का अलग से विकास कराने के लिए सांसद आदर्श ग्राम योजना और प्रधानमंत्री आदर्श योजना चलाई गई है। इस योजना के तहत चयनित प्रत्येक गांव में नाली, सड़क, पानी जैसी सुविधाओं के लिए 20 लाख रुपये मिलते हैं। सांसद आदर्श गांव के लिए तीन साल से बजट जारी नहीं हुआ और न ही नए गांवों का चयन हुआ। जबकि प्रधानमंत्री आदर्श गांव योजना में 2020-21 के बाद नए गांवों का चयन नहीं किया गया।
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प्रधानमंत्री काैशल विकास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के लिए पिछले साल जिले के लिए कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया। सुगम्य भारत अभियान के तहत भवनों को दिव्यांगों के अनुकूल बनाने के लिए रैंप और रेलिंग आदि का निर्माण कराया जाता है। इस योजना के तहत जनपद स्तर पर कोई बजट नहीं मिला।
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यही हाल कुछ अन्य योजनाओं का है। जो सरकारी फाइलों में दर्ज हैं लेकिन लक्ष्य और बजट के अभाव में इनका संचालन नहीं हो पा रहा है। जबकि सरकारी रिकाॅर्ड में ये योजनाएं बंद भी नहीं हैं।
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ये हैं प्रमुख योजनाओं की स्थिति
- सांसद आदर्श ग्राम योजना : वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत ग्राम पंचायतों के चयन के लिए शासन स्तर से विभाग को कोई दिशा निर्देश नहीं मिले।
- प्रधानमंत्री आदर्श गांव योजना : वित्तीय वर्ष 2020-21 में 44 गांवों का चयन किया गया था। इसके बाद नए गांव नहीं चयनित किए गए।
- प्रधानमंत्री काैशल विकास योजना : वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रशिक्षण के लिए जिले को कोई लक्ष्य नहीं मिला।
- प्रधानमंत्री आवास योजना : वित्तीय वर्ष 2025-26 में कोई लक्ष्य नहीं मिला।
- प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम : वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग को कोई लक्ष्य नहीं मिला।
- सुगम्य भारत अभियान : इस योजना के लिए जिले स्तर कोई बजट आवंटन नहीं हुआ।
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- सांसद आदर्श ग्राम योजना के लिए तीन साल से बजट नहीं मिला। प्रधानमंत्री आदर्श गांव के तहत नए गांव नहीं चुने गए। बजट भी नहीं मिला। - श्वेतांक पांडेय, परियोजना निदेशक (डीआरडीए)
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- अधिकांश योजनाओं का लक्ष्य मई और जून में निर्धारित किए जाते हैं। इसके बाद ही बजट जारी होते हैं। - आलोक शर्मा, डीपीआरओ