{"_id":"69ab42eb6db709e5d10676d5","slug":"nanhuwala-primary-health-center-is-handed-over-to-contract-workers-there-are-no-permanent-employees-thakurdwara-news-c-279-1-mo11005-114028-2026-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: संविदा कर्मियों के हवाले नन्हूवाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कोई भी स्थायी कर्मचारी नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: संविदा कर्मियों के हवाले नन्हूवाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कोई भी स्थायी कर्मचारी नहीं
Sat, 07 Mar 2026 02:41 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Sat, 07 Mar 2026 02:41 AM IST
विज्ञापन
ठाकुरद्वारा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नन्हूवाला में काफी समय से कोई स्थायी कर्मचारी मौजूद नहीं है। यह स्वास्थ्य केंद्र संविदा कर्मियों के हवाले चल रहा है। एक फार्मासिस्ट असगर जिलानी को यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शरीफ नगर से भेज रखा है।
रखरखाव के अभाव में यहां कर्मचारियों के लिए बने आवास खंडहर की स्थिति में पहुंच गए हैं। वहीं परिसर में चारों तरफ घासें निकल आई हैं। स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना बसपा के शासन में वर्ष 2007 में हुई थी।
यहां पर आसपास के गांव के मरीज भी आते हैं लेकिन कोई स्थाई डॉक्टर या अन्य कर्मचारी यहां नियुक्त नहीं है। यहां पर संविदा डॉक्टर आगाज खान इस समय काम कर रहे हैं। जबकि लैब टेक्नीशियन संविदा कर्मी सुमित कुमार है। स्टाफ नर्स के रूप में संविदा कर्मी संगीता सैनी कार्यरत है। डॉ आगाज खान का कहना है कि यहां 25 से 30 मरीज रोजाना आ जाते हैं जिनको देखकर दवाइयां दी जाती हैं। कोई भी कर्मचारी यहां पर शाम को नहीं रुकता है जिससे ग्रामीणों को आपात स्थिति में सरकारी स्वास्थ्य सेवा का लाभ नहीं मिल पाता है।
विज्ञापन
उधर इस गांव के प्रधान के भाई अबरार का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र परिसर में आवास बने हुए हैं लेकिन यहां कभी-कभी तेंदुआ जाता है इसलिए कोई कर्मचारी यहां नहीं रहते है। कर्मचारियों के लिए बने आवास खंडहर जैसे दिखाई दे रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि यदि यहां पर स्वास्थ्य सेवाएं और अच्छी हो तो मरीजों की संख्या और अधिक बढ़ सकती है।
विज्ञापन
रखरखाव के अभाव में यहां कर्मचारियों के लिए बने आवास खंडहर की स्थिति में पहुंच गए हैं। वहीं परिसर में चारों तरफ घासें निकल आई हैं। स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना बसपा के शासन में वर्ष 2007 में हुई थी।
विज्ञापन
यहां पर आसपास के गांव के मरीज भी आते हैं लेकिन कोई स्थाई डॉक्टर या अन्य कर्मचारी यहां नियुक्त नहीं है। यहां पर संविदा डॉक्टर आगाज खान इस समय काम कर रहे हैं। जबकि लैब टेक्नीशियन संविदा कर्मी सुमित कुमार है। स्टाफ नर्स के रूप में संविदा कर्मी संगीता सैनी कार्यरत है। डॉ आगाज खान का कहना है कि यहां 25 से 30 मरीज रोजाना आ जाते हैं जिनको देखकर दवाइयां दी जाती हैं। कोई भी कर्मचारी यहां पर शाम को नहीं रुकता है जिससे ग्रामीणों को आपात स्थिति में सरकारी स्वास्थ्य सेवा का लाभ नहीं मिल पाता है।
विज्ञापन
उधर इस गांव के प्रधान के भाई अबरार का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र परिसर में आवास बने हुए हैं लेकिन यहां कभी-कभी तेंदुआ जाता है इसलिए कोई कर्मचारी यहां नहीं रहते है। कर्मचारियों के लिए बने आवास खंडहर जैसे दिखाई दे रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि यदि यहां पर स्वास्थ्य सेवाएं और अच्छी हो तो मरीजों की संख्या और अधिक बढ़ सकती है।