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पुजारी की करतूत को याद कर घुटता था मन, अब मिला सुकून
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मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा के श्मशान घाट में दीवाली की रात हुए दोहरे हत्या का मुख्य आरोपी अंकुश यादव पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूला है कि उसने ही बंटी के साथ मिलकर पुजारी और नितेश की हत्या की थी। उसे शक था कि पुजारी ने उसकी बहन की चिता से मांस निकालकर खाया था। पुजारी की इस करतूत को याद कर वह घुटता था। उसकी हत्या करने के बाद ही उसे सुकून मिल पाया है। पुलिस ने हत्यारोपी अंकुश, बंटी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल फावड़ा, डंडा, गैस सिंलिडर और एक चाकू बरामद किया। दोपहर बाद दोनों को अदालत में पेश किया गया।
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण उदय शंकर सिंह ने बुधवार को पुलिस लाइन में ठाकुरद्वारा के दोहरे हत्या का खुलासा। उन्होंने बताया कि ठाकुरद्वारा के मोहल्ला होलिका स्थित श्मशान में दीपावली की रात पुजारी राजेंद्र गिरि (35) और ठाकुरद्वारा क्षेत्र के कालाझांडा निवासी नितेश (42) की सिर कुचलकर हत्या कर दी गई थी। राजेंद्र गिरी ठाकुरद्वारा क्षेत्र के ही गांव दूल्हापुर सबलपुर का रहने वाला था और श्मशान में बने मंदिर में पूजा पाठ व तंत्र क्रिया करता था। राजेंद्र गिरि के भाई नंदू ने बंटी निवासी कौशाल्या नगर होलिका मंदिर के पास समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने बंटी से पूछताछ की तो उसने दावा किया कि दोहरे हत्याकांड को उसके मोहल्ले के अंकुश यादव ने अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस ने अंकुश को हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ की तो उसने उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि
12 अगस्त को उसकी बहन अंशु यादव की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। उसी श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया था। अंकुश के पिता दो घंटे बाद चिता देखने गए तो चिता तितर बितर मिली थी। जिससे कुछ मांस गायब था। इस बात को लेकर पुजारी से अंकुश के पिता की कहासुनी हुई थी। अंकुश ने कबूला कि तब से ही वह पुजारी को ठिकाने लगाने की सोच रहा था। उसने बताया कि वह घटना वाली रात बंटी को लेकर
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इस तरह दिया घटना को अंजाम
हत्यारोपी अंकुश ने कबूला कि घटना वाली रात उसने वह ठाकुरद्वारा में नगर पालिका टंकी के पास बियर और शराब पी। इसके बाद वह अपने घर लौट रहा था। तब उसे रास्ते में बंटी मिल गया। बंटी ने अंकुश से कहा कि वह उसे शराब पिलाए। अंकुश ने बंटी को शराब पिलाई और पकौड़ी खिलाई। इसके बाद उसने कहा कि वह पुजारी के साथ मारपीट करेगी। बंटी भी उसके साथ चला गया। दोनों रात करीब नौ बजे श्मशान घाट में पहुंच गए। उन्होंने पुजारी का दरवाजा खुलवा लिया। पुजारी और अंकुश के बीच मारपीट शुरू हो गई।
मौत होने तक सिर और चेहरे पर किया वार
मुरादाबाद। अंकुश और बंटी जब श्मशान घाट में पहुंचे तो वहां पुजारी और नितेश तंत्र क्रिया कर रहे थे। दोनों काफी नशे में थे। अंकुश पुजारी को बाल पकड़कर घसीटता हुआ बाहर निकाल लाया और पीटना शुरू कर दिया। बाल पकड़कर कई बार उसे जमीन पर पटक कर मारा। इसके बाद फावड़ा से उसका सिर और चेहरा कुचल दिया। नितेश शोर मचाने लगा तो उसे बंटी ने पकड़ लिया। इसके नितेश को बाहर खींच लिया और उसका सिर भी फावड़ा से कुचल दिया। इसके बाद अंकुश गैस सिलिंडर निकलाकर लाया और दोनों के सिर पर फिर से हमला किया। दोनों की मौत हो चुकी थी।
हत्या करने के बाद पी कोल्ड ड्रिंक और उड़ाए सिगरेट के छल्ले
मुरादाबाद। घटना को अंजाम देने के बाद अंकुश ने बंटी को 110 रुपये दिए। इसके बाद फावड़ा, चाकू और डंडे को बंटी ने दीवार पर चढ़कर छत पर फेंक दिया। इसके बाद वह पीछे खेत में कूद गया। जबकि अंकुश नितेश की बाइक लेकर वहां से भागा। इसके बाद होलिका मंदिर के पास दोनों ने कोल्ड ड्रिंक और सिगरेट पी। बंटी ने अंकुश को 50 रुपये वापस कर दिए। ताकी वह बाइक में पेट्रोल डलवा ले और मुरादाबाद पहुंच जाए।
गुजरात भागने की थी योजना
मुरादाबाद। अंकुश ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि वह नितेश की बाइक से गुजरात भागना चाहता था। ताकी पुलिस उस तक नहीं पहुंच पाए। वह नितेश की बाइक लेकर मुरादाबाद की ओर दौड़ा। उसकी प्लानिंग थी कि वह बाइक मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर खड़ी कर देगा। यहां वह आला हजरत एक्सप्रेस में बैठकर गुजरात पहुंच जाएगा। लेकिन मुरादाबाद ठाकुरद्वारा मार्ग पर लौंगी खुर्द गांव के पास नशे के कारण अंकुश के पेट में दर्द होने लगा। जिस कारण उसने बाइक खड़ी कर दी और वहीं सो गया। सुबह जागने पर वह वापस घर लौट गया।
मंदी के कारण गुजरात से लौट आया था अंकुश
मुरादाबाद। एसपी देहात उदय शंकर सिंह ने बताया कि अंकुश यादव गुजरात में डायमंड फैक्ट्री में नौकरी करता था। उसने पूछताछ में पुलिस को बताया कि मंदी के कारण फैक्टरी से कुछ कर्मचारियों को निकाल दिया गया था। निकाले गए कर्मचारियों में अंकुश भी शामिल था। इसके बाद अंकुश घर लौट आया था।
बंटी बोला, पुजारी से मारपीट करने को बोला था अंकुश
मुरादाबाद। बंटी उर्फ योगेेंद्र ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि अंकुश ने उसे कहा था कि वह पुजारी के साथ मारपीट करेगा। हत्या की जानकारी उसे नहीं थी। इस लिए ही वह उसके साथ वहां पहुंच गया। वहां अंकुश को अधिक गुस्सा आ गया और वह उसे फावड़ा से पीटने लगा।
एक हत्या का जुर्म छिपाने को किया दूसरा कत्ल
मुरादाबाद। हत्यारोपियों ने पूछताछ में कबूला है कि वह पुजारी को ही मारना चाहते थे। उन्होंने नितेश के वहां होने की कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने पुजारी की हत्या की तो नितेश शोर मचाने लगा। तब बंटी ने उसे पकड़ किया। इसके बाद उसकी हत्या कर दी।
एसपी देहात के हमराह को मिली पर्ची
एसपी देहात उदय शंकर सिंह का कहना है कि दोहरे हत्याकांड के खुलासे में उनके हमराह सुनील कुमार को मिल पर्ची अहम रही। इसी सुराग के जरिये वह हत्यारोपियों तक पहुंच पाए।
रेसलर रह चुका है अंकुश यादव
मुरादाबाद। अंकुश यादव का परिवार मूलरूप से भगतपुर थानाक्षेत्र के मलवाड़ा गांव निवासी है। आठ साल पहले ही वह ठाकुरद्वारा में आकर बसे हैं। उसके पिता महुआखेड़ा स्थित फैक्टरी में नौकरी करते हैं। वह अपने मां बाप का इकलौता बेटा है। एक छोटी बहन है। उसने इंटर किया है। स्कूल के दिनों में वह रेसलिंग करता था। बाद में वह गुजरात में नौकर करने चला गया था। नौकरी छूटने पर वह वापस लौट आया था। यहां आकर अब वह मेहनत मजदूरी कर रहा था। जबकि बंटी उर्फ योगेेंद्र काशीपुर स्थित फैक्टरी में मजदूरी करता है।
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पुलिस अधीक्षक ग्रामीण उदय शंकर सिंह ने बुधवार को पुलिस लाइन में ठाकुरद्वारा के दोहरे हत्या का खुलासा। उन्होंने बताया कि ठाकुरद्वारा के मोहल्ला होलिका स्थित श्मशान में दीपावली की रात पुजारी राजेंद्र गिरि (35) और ठाकुरद्वारा क्षेत्र के कालाझांडा निवासी नितेश (42) की सिर कुचलकर हत्या कर दी गई थी। राजेंद्र गिरी ठाकुरद्वारा क्षेत्र के ही गांव दूल्हापुर सबलपुर का रहने वाला था और श्मशान में बने मंदिर में पूजा पाठ व तंत्र क्रिया करता था। राजेंद्र गिरि के भाई नंदू ने बंटी निवासी कौशाल्या नगर होलिका मंदिर के पास समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने बंटी से पूछताछ की तो उसने दावा किया कि दोहरे हत्याकांड को उसके मोहल्ले के अंकुश यादव ने अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस ने अंकुश को हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ की तो उसने उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि
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12 अगस्त को उसकी बहन अंशु यादव की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। उसी श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया था। अंकुश के पिता दो घंटे बाद चिता देखने गए तो चिता तितर बितर मिली थी। जिससे कुछ मांस गायब था। इस बात को लेकर पुजारी से अंकुश के पिता की कहासुनी हुई थी। अंकुश ने कबूला कि तब से ही वह पुजारी को ठिकाने लगाने की सोच रहा था। उसने बताया कि वह घटना वाली रात बंटी को लेकर
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इस तरह दिया घटना को अंजाम
हत्यारोपी अंकुश ने कबूला कि घटना वाली रात उसने वह ठाकुरद्वारा में नगर पालिका टंकी के पास बियर और शराब पी। इसके बाद वह अपने घर लौट रहा था। तब उसे रास्ते में बंटी मिल गया। बंटी ने अंकुश से कहा कि वह उसे शराब पिलाए। अंकुश ने बंटी को शराब पिलाई और पकौड़ी खिलाई। इसके बाद उसने कहा कि वह पुजारी के साथ मारपीट करेगी। बंटी भी उसके साथ चला गया। दोनों रात करीब नौ बजे श्मशान घाट में पहुंच गए। उन्होंने पुजारी का दरवाजा खुलवा लिया। पुजारी और अंकुश के बीच मारपीट शुरू हो गई।
मौत होने तक सिर और चेहरे पर किया वार
मुरादाबाद। अंकुश और बंटी जब श्मशान घाट में पहुंचे तो वहां पुजारी और नितेश तंत्र क्रिया कर रहे थे। दोनों काफी नशे में थे। अंकुश पुजारी को बाल पकड़कर घसीटता हुआ बाहर निकाल लाया और पीटना शुरू कर दिया। बाल पकड़कर कई बार उसे जमीन पर पटक कर मारा। इसके बाद फावड़ा से उसका सिर और चेहरा कुचल दिया। नितेश शोर मचाने लगा तो उसे बंटी ने पकड़ लिया। इसके नितेश को बाहर खींच लिया और उसका सिर भी फावड़ा से कुचल दिया। इसके बाद अंकुश गैस सिलिंडर निकलाकर लाया और दोनों के सिर पर फिर से हमला किया। दोनों की मौत हो चुकी थी।
हत्या करने के बाद पी कोल्ड ड्रिंक और उड़ाए सिगरेट के छल्ले
मुरादाबाद। घटना को अंजाम देने के बाद अंकुश ने बंटी को 110 रुपये दिए। इसके बाद फावड़ा, चाकू और डंडे को बंटी ने दीवार पर चढ़कर छत पर फेंक दिया। इसके बाद वह पीछे खेत में कूद गया। जबकि अंकुश नितेश की बाइक लेकर वहां से भागा। इसके बाद होलिका मंदिर के पास दोनों ने कोल्ड ड्रिंक और सिगरेट पी। बंटी ने अंकुश को 50 रुपये वापस कर दिए। ताकी वह बाइक में पेट्रोल डलवा ले और मुरादाबाद पहुंच जाए।
गुजरात भागने की थी योजना
मुरादाबाद। अंकुश ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि वह नितेश की बाइक से गुजरात भागना चाहता था। ताकी पुलिस उस तक नहीं पहुंच पाए। वह नितेश की बाइक लेकर मुरादाबाद की ओर दौड़ा। उसकी प्लानिंग थी कि वह बाइक मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर खड़ी कर देगा। यहां वह आला हजरत एक्सप्रेस में बैठकर गुजरात पहुंच जाएगा। लेकिन मुरादाबाद ठाकुरद्वारा मार्ग पर लौंगी खुर्द गांव के पास नशे के कारण अंकुश के पेट में दर्द होने लगा। जिस कारण उसने बाइक खड़ी कर दी और वहीं सो गया। सुबह जागने पर वह वापस घर लौट गया।
मंदी के कारण गुजरात से लौट आया था अंकुश
मुरादाबाद। एसपी देहात उदय शंकर सिंह ने बताया कि अंकुश यादव गुजरात में डायमंड फैक्ट्री में नौकरी करता था। उसने पूछताछ में पुलिस को बताया कि मंदी के कारण फैक्टरी से कुछ कर्मचारियों को निकाल दिया गया था। निकाले गए कर्मचारियों में अंकुश भी शामिल था। इसके बाद अंकुश घर लौट आया था।
बंटी बोला, पुजारी से मारपीट करने को बोला था अंकुश
मुरादाबाद। बंटी उर्फ योगेेंद्र ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि अंकुश ने उसे कहा था कि वह पुजारी के साथ मारपीट करेगा। हत्या की जानकारी उसे नहीं थी। इस लिए ही वह उसके साथ वहां पहुंच गया। वहां अंकुश को अधिक गुस्सा आ गया और वह उसे फावड़ा से पीटने लगा।
एक हत्या का जुर्म छिपाने को किया दूसरा कत्ल
मुरादाबाद। हत्यारोपियों ने पूछताछ में कबूला है कि वह पुजारी को ही मारना चाहते थे। उन्होंने नितेश के वहां होने की कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने पुजारी की हत्या की तो नितेश शोर मचाने लगा। तब बंटी ने उसे पकड़ किया। इसके बाद उसकी हत्या कर दी।
एसपी देहात के हमराह को मिली पर्ची
एसपी देहात उदय शंकर सिंह का कहना है कि दोहरे हत्याकांड के खुलासे में उनके हमराह सुनील कुमार को मिल पर्ची अहम रही। इसी सुराग के जरिये वह हत्यारोपियों तक पहुंच पाए।
रेसलर रह चुका है अंकुश यादव
मुरादाबाद। अंकुश यादव का परिवार मूलरूप से भगतपुर थानाक्षेत्र के मलवाड़ा गांव निवासी है। आठ साल पहले ही वह ठाकुरद्वारा में आकर बसे हैं। उसके पिता महुआखेड़ा स्थित फैक्टरी में नौकरी करते हैं। वह अपने मां बाप का इकलौता बेटा है। एक छोटी बहन है। उसने इंटर किया है। स्कूल के दिनों में वह रेसलिंग करता था। बाद में वह गुजरात में नौकर करने चला गया था। नौकरी छूटने पर वह वापस लौट आया था। यहां आकर अब वह मेहनत मजदूरी कर रहा था। जबकि बंटी उर्फ योगेेंद्र काशीपुर स्थित फैक्टरी में मजदूरी करता है।