आतंकियों का सॉफ्ट टारगेट बन सकती हैं बहुमंजिला इमारतें, केंद्रीय एजेंसियों ने किया आगाह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आतंकी संगठन महानगरों में तेजी से बढ़ रहे फ्लैट कल्चर का फायदा उठाने के मंसूबे पाल रहे हैं। केंद्रीय एजेंसियों ने आगाह किया है कि महानगरों में बने बहुमंजिला फ्लैट्स आतंकियों का सॉफ्ट टारगेट हो सकते हैं। किराएदार की शक्ल में भी आतंकी इन इमारतों को निशाना बना सकते हैं। एजेंसियों ने बड़े शहरों की तर्ज पर महानगरों में भी फ्लैट्स टावर पर सुरक्षा मानकों को पूरा करने की सलाह दी है। बहु मंजिला इमारतों की लिफ्ट को भी आतंकी निशाना बना सकते हैं।
दिल्ली - मुंबई की तर्ज पर महानगरों और छोटे शहरों में भी फ्लैट कल्चर तेजी से बढ़ा है। लेकिन बड़े शहरों की तरह यहां सुरक्षा मानकों का ख्याल नहीं रख जाता। खुफिया एजेंसियों ने चेताया है कि आतंकी संगठन भीड़भाड़ वाले स्थानों और वीआईपी इमारतों के साथ ही अब फ्लैट्स टावर को भी टारगेट करने की साजिश रच रहे हैं। आईबी ने सुरक्षा मानकों की बाबत सर्कुलर जारी किया है। इसमें आशंका जताई गई है कि आतंकी संगठन अधिक से अधिक जनहानि के लिए फ्लैट्स टावर को निशाना बना सकते हैं।
महानगरों और छोटे शहरों में किराएदार रखने से पहले जरूरी छानबीन नहीं होती। अपार्टमेंट्स की सुरक्षा भी बड़े शहरों जैसी नहीं होती है इसलिए आतंकी महानगरों में फ्लैट्स टावर को धमाकों के लिए चुन सकते हैं। इसके लिए आतंकी किराएदार की शक्ल में अपार्टमेंट में पहुंच सकते हैं। 10 से 12 मंजिला और कई जगह उससे भी अधिक ऊंचाई तक बने एक ही टावर में 60 से 70 तक फ्लैट्स होते हैं। कई फ्लैट्स टावर 100 फ्लैट्स के भी होते हैं। एक ही अपार्टमेंट में चार से पांच या इससे भी अधिक टावर होते हैं।
ऐसे में एक ही फ्लैट को किराए पर लेकर आतंकी धमाके के जरिए 300 से 400 फ्लैट्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं। एजेंसियों ने आगाह किया है कि अलर्ट के समय सिर्फ भीड़भाड़ वाले और महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा पर ही फोकस न किया जाए, बल्कि महानगरों और छोटे शहरों में फ्लैट्स टावरों पर भी खास तौर पर सुरक्षा और सतर्कता बढ़ाई जाए। एजेंसियों ने हिदायत दी है कि अपार्टमेंट्स में सुरक्षा मानकों को सख्ती से पूरा नहीं कराया गया तो यह आसानी से आतंकियों का निशाना बन सकते हैं। लिफ्ट के जरिए ब्लास्ट और सिलेंडर ब्लास्ट तक की आशंका एजेंसियों ने जताई है।
खुफिया एजेंसियों ने कहा है कि फ्लैट्स टावर में किराएदार रखने से पहले उसकी पूरी छानबीन, पुलिस जांच, सीसीटीवी कैमरा, मेटल डिटेक्टर और अपार्टमेंट्स में आने वाली गाड़ियों की जांच की पूरी व्यवस्था के साथ ही पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित गार्ड्स भी होना चाहिए। महानगरों में किराएदारों की जांच सिर्फ किराएनामा तैयार होने और एडवांस किराया मिलने तक सिमटकर रह गई है। एनआईए ने अमरोहा से हाल ही में छापा मारकर पांच संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा है, ऐसे में खुफिया एजेंसियों का ताजा सर्कुलर अधिकारियों की बेचैनी बढ़ा रहा है।
वाहनों पर काले रंग के शीशे तुरंत हटाएं
वाहनों पर काले रंग के शीशे आतंकियों के लिए सुरक्षित कवर का काम कर सकते हैं। एजेंसियों ने इसकी आशंका जताते हुए वाहनों के शीशों पर लगी काली फिल्म को सख्ती से उतरवाने की सलाह दी है। खुफिया एजेंसियों ने सलाह दी है कि काले रंग की फिल्म लगे वाहनों की फिल्म उतारवाने के साथ ही वाहन और वाहन स्वामी की गतिविधियों की जांच भी की जाए।