{"_id":"68c87f68546f09d2640b4b0a","slug":"mughal-era-coins-will-enhance-the-beauty-of-lucknow-museum-moradabad-news-c-15-1-mbd1005-731199-2025-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: लखनऊ म्यूजियम की शोभा बढ़ाएंगे मुगलकालीन सिक्के","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: लखनऊ म्यूजियम की शोभा बढ़ाएंगे मुगलकालीन सिक्के
विज्ञापन
मुरादाबाद। राज्य संग्रहालय में मुरादाबाद के सिक्के मुगलकाल की मुद्रा का इतिहास बताएंगे। कोषागार में रखे इन सिक्कों को लखनऊ भेजा जाएगा। मुख्य कोषाधिकारी का कहना है कि शासन के निर्देश पर सिक्के भेजने की तैयारी की जा रही है।
मुरादाबाद कोषागार में वर्ष 2000 और वर्ष 2019 में मुगलकालीन सिक्के रखवाए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि 25 वर्ष पहले मार्च 2000 में थाना कटघर के तत्कालीन सीओ ने दो डिब्बों में सिक्के रखवाए थे। इसमें एक डिब्बे में करीब 49 किलो सिक्के हैं। जबकि दूसरे डिब्बे का वजन लगभग 19 किलो है। इसमें दस-दस पैसे के सिक्के हैं। डबल लॉक में रखे इन सिक्कों का हर साल सत्यापन करवाया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि यह सिक्के कहां से खुदाई में मिले हैं यह स्पष्ट नहीं हैं। लेकिन इन सभी सिक्कों पर उर्दू और फारसी भाषा में लिखा हुआ है। उनको देखकर लग रहा है कि यह मुगलकालीन सिक्के हैं।
शिमला के 698 सिक्के भी शामिल
वर्ष 2019 में मुरादाबाद के मजदूर हिमाचल प्रदेश के शिमला में एक सड़क किनारे खुदाई कर रहे थे। इस दौरान वहां पर 698 मुगलकालीन चांदी के सिक्के मिले थे। इन सिक्कों पर मोहम्मद जलालुद्दीन और एक कलमा लिखा हुआ है। मूंढापांडे के ठेकेदार और मजदूर इन सिक्कों को लेकर वापस आ गए थे। बाद में सिक्कों के बंटवारे को लेकर उनके बीच विवाद हो गया। पुलिस को सूचना मिलने पर सिक्कों को कोषागार में जमा करवा दिया गया था। लखनऊ भेजे जाने वाले सिक्कों में यह भी शामिल हैं।
विज्ञापन
राज्य संग्रहालय लखनऊ के सचिव का पत्र मिला है। उन्होंने इन सिक्कों को पुलिस की अभिरक्षा में लखनऊ मंगवाया है, ताकि पुरातत्व विभाग से इनका परीक्षण करवाया जा सके और इन्हें लखनऊ म्यूजियम में रखवाया जा सके।
रेनू बौद्ध, मुख्य कोषाधिकारी
विज्ञापन
मुरादाबाद कोषागार में वर्ष 2000 और वर्ष 2019 में मुगलकालीन सिक्के रखवाए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि 25 वर्ष पहले मार्च 2000 में थाना कटघर के तत्कालीन सीओ ने दो डिब्बों में सिक्के रखवाए थे। इसमें एक डिब्बे में करीब 49 किलो सिक्के हैं। जबकि दूसरे डिब्बे का वजन लगभग 19 किलो है। इसमें दस-दस पैसे के सिक्के हैं। डबल लॉक में रखे इन सिक्कों का हर साल सत्यापन करवाया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि यह सिक्के कहां से खुदाई में मिले हैं यह स्पष्ट नहीं हैं। लेकिन इन सभी सिक्कों पर उर्दू और फारसी भाषा में लिखा हुआ है। उनको देखकर लग रहा है कि यह मुगलकालीन सिक्के हैं।
विज्ञापन
शिमला के 698 सिक्के भी शामिल
वर्ष 2019 में मुरादाबाद के मजदूर हिमाचल प्रदेश के शिमला में एक सड़क किनारे खुदाई कर रहे थे। इस दौरान वहां पर 698 मुगलकालीन चांदी के सिक्के मिले थे। इन सिक्कों पर मोहम्मद जलालुद्दीन और एक कलमा लिखा हुआ है। मूंढापांडे के ठेकेदार और मजदूर इन सिक्कों को लेकर वापस आ गए थे। बाद में सिक्कों के बंटवारे को लेकर उनके बीच विवाद हो गया। पुलिस को सूचना मिलने पर सिक्कों को कोषागार में जमा करवा दिया गया था। लखनऊ भेजे जाने वाले सिक्कों में यह भी शामिल हैं।
विज्ञापन
राज्य संग्रहालय लखनऊ के सचिव का पत्र मिला है। उन्होंने इन सिक्कों को पुलिस की अभिरक्षा में लखनऊ मंगवाया है, ताकि पुरातत्व विभाग से इनका परीक्षण करवाया जा सके और इन्हें लखनऊ म्यूजियम में रखवाया जा सके।
रेनू बौद्ध, मुख्य कोषाधिकारी