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जयाप्रदा केस: अभद्र टिप्पणी मामले में सांसद आजम खां और अब्दुल्ला को मिली राहत, मिली जमानत
Tue, 12 Jan 2021 09:32 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jan 2021 09:32 PM IST
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पिता आजम खां के साथ अब्दुल्ला आजम
- फोटो : Social Media
रामपुर की पूर्व सांसद एवं अभिनेत्री जयाप्रदा पर अभद्र टिप्पणी के मामले में सपा सांसद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को अदालत से जमानत मिल गई। इस मामले में अन्य आरोपियों को पहले जमानत मिल चुकी है। आजम खां और अब्दुल्ला आजम इस वक्त सीतापुर जेल में हैं।
मुरादाबाद के मुस्लिम कालेज में 30 जून 2019 को हुए कार्यक्रम के दौरान जयाप्रदा पर अभद्र टिप्पणी किए जाने का आरोप लगा था। इस मामले में रामपुर निवासी मुस्तफा हुसैन ने रामपुर के सिविल लाइंस थाने में आजम खां और अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दो जुलाई 2019 को केेस दर्ज कराया था।
घटनास्थल मुरादाबाद का होने के कारण मामले की जांच 30 अगस्त 2019 को थाना कटघर स्थानांतरित की गई थी। बाद में विवेचना क्राइम ब्रांच रामपुर को सौंप दी गई थी।
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इस मामले में आजम खां और अब्दुल्ला आजम की जमानत के लिए उनके अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र दिए थे। इस पर मंगलवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई।इस दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता शहनवाज सिब्तेन ने मुकदमे को राजनीति से प्रेरित बताया। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि मुकदमा वादी ने सिर्फ सुनी सुनाई बातों के आधार पर दर्ज कराया है।
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मुरादाबाद के मुस्लिम कालेज में 30 जून 2019 को हुए कार्यक्रम के दौरान जयाप्रदा पर अभद्र टिप्पणी किए जाने का आरोप लगा था। इस मामले में रामपुर निवासी मुस्तफा हुसैन ने रामपुर के सिविल लाइंस थाने में आजम खां और अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दो जुलाई 2019 को केेस दर्ज कराया था।
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घटनास्थल मुरादाबाद का होने के कारण मामले की जांच 30 अगस्त 2019 को थाना कटघर स्थानांतरित की गई थी। बाद में विवेचना क्राइम ब्रांच रामपुर को सौंप दी गई थी।
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इस मामले में आजम खां और अब्दुल्ला आजम की जमानत के लिए उनके अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र दिए थे। इस पर मंगलवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई।इस दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता शहनवाज सिब्तेन ने मुकदमे को राजनीति से प्रेरित बताया। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि मुकदमा वादी ने सिर्फ सुनी सुनाई बातों के आधार पर दर्ज कराया है।
ऐसा कोई गवाह नहीं है जो यह कह सके कि आरोपियों द्वारा अभद्र टिप्पणी की गई है। वहीं, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल गुप्ता ने जमानत का विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
इसके तहत दोनों को 50-50 हजार रुपये के दो-दो जमानतियों के साथ-साथ इतनी ही धनराशि का निजी मुचलका जमा करने का आदेश सुनाया है।
इसी मुकदमे के आरोपी मुरादाबाद के सांसद एसटी हसन और संभल के सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खान को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
इसके तहत दोनों को 50-50 हजार रुपये के दो-दो जमानतियों के साथ-साथ इतनी ही धनराशि का निजी मुचलका जमा करने का आदेश सुनाया है।
इसी मुकदमे के आरोपी मुरादाबाद के सांसद एसटी हसन और संभल के सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खान को पहले ही जमानत मिल चुकी है।