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मां ने तेंदुए के जबड़े से खींच लिया अपना बेटा
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तेंदुए द्वारा बच्चे पर हमला होने के बाद जिला अस्पताल में उपचार कराने के बाद वार्ड में भर्ती बच्चा
- फोटो : CITY
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मुरादाबाद। अपने बेटे की जान बचाने को छोटी तेंदुए से भिड़ गई। उसने अपनी जिंदगी की फिक्र किए बिना तेंदुए के जबड़े से अपने पांच वर्ष के लाल को खींच लिया। इसके बाद तेंदुआ हिम्मत हार गया और बच्चे को छोड़कर भाग गया। जिला अस्पताल में भी उपचार में लापरवाही हुई तो छोटी ने यहां भी कर्मचारियों को खरी खोटी सुना दी।
मूंढापांडे थानाक्षेत्र के मूलावान गांव निवासी भूरा मजदूरी करता है। घर में पत्नी भूरी और तीन तीन बच्चे आयान, शाकिब और इकरा है। छोटी रात में अपने तीनों बच्चों को साथ लेकर एक चारपाई पर सो रही थी। जबकि कुछ ही दूरी पर उसका देवर गुड्डू सो रहा था। रात करीब दो बजे तेेंदुआ छोटी के घर में घुस गया। उसने छोटी के पांच वर्षीय बेटे शाकिब को अपने जबड़े में भर लिया और उठाकर ले जाने लगा। बच्चे की चीख पुकार सुनकर छोटी जाग गई और वह तेेेंदुए से भिड़ गई। करीब पांच मिनट तक वह तेंदुए से लड़ती रही और उसने हिम्मत नहीं हारी। इसी बीच देवर गुड्डू भी जाग गया। इसके बाद वह भी महिला की मदद को आगे आया। उसने डंडे से तेेंदुए पर हमला कर दिया। इसी बीच महिला ने बच्चे को तेेंदुए के जबड़े से खींच लिया। चीख पुकार सुनकर आस पड़ोस के अन्य लोग भी आ गए। बच्चे को पहले डिलारी के अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद रात करीब तीन बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुबह तक डाक्टर बच्चे को देखने बेड पर नहीं पहुंचे तो यहां भी छोटी ने कर्मचारियों को खरी खोटी सुनाई। इसके बाद कर्मचारियों ने डाक्टर बुला लिए। इसके बाद ही बच्चे का उपचार शुरू किया गया।
डिलारी के गांव में रात में किसी जानवर ने लोगों पर हमला किया था। जानवर की अभी पहचान नहीं हो पाई है। गांव में एहतियातन टीम लगा दी गई है।
सूरज सिंह, डीएफओ, मुरादाबाद
लोगों पर हमला करने के बाद बछड़े किया हमला
मुरादाबाद। जिला अस्पताल में घायलों का इलाज कराने पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए ने सोते हुए लोगों पर हमला किया। जब लोग जाग गए और उन्होंने शोर शराबा किया तो तेंदुए गांव से जंगल की ओर भागा। एक घर में उसने बछड़े पर भी हमला किया। ब्यूरो
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मूंढापांडे थानाक्षेत्र के मूलावान गांव निवासी भूरा मजदूरी करता है। घर में पत्नी भूरी और तीन तीन बच्चे आयान, शाकिब और इकरा है। छोटी रात में अपने तीनों बच्चों को साथ लेकर एक चारपाई पर सो रही थी। जबकि कुछ ही दूरी पर उसका देवर गुड्डू सो रहा था। रात करीब दो बजे तेेंदुआ छोटी के घर में घुस गया। उसने छोटी के पांच वर्षीय बेटे शाकिब को अपने जबड़े में भर लिया और उठाकर ले जाने लगा। बच्चे की चीख पुकार सुनकर छोटी जाग गई और वह तेेेंदुए से भिड़ गई। करीब पांच मिनट तक वह तेंदुए से लड़ती रही और उसने हिम्मत नहीं हारी। इसी बीच देवर गुड्डू भी जाग गया। इसके बाद वह भी महिला की मदद को आगे आया। उसने डंडे से तेेंदुए पर हमला कर दिया। इसी बीच महिला ने बच्चे को तेेंदुए के जबड़े से खींच लिया। चीख पुकार सुनकर आस पड़ोस के अन्य लोग भी आ गए। बच्चे को पहले डिलारी के अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद रात करीब तीन बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुबह तक डाक्टर बच्चे को देखने बेड पर नहीं पहुंचे तो यहां भी छोटी ने कर्मचारियों को खरी खोटी सुनाई। इसके बाद कर्मचारियों ने डाक्टर बुला लिए। इसके बाद ही बच्चे का उपचार शुरू किया गया।
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डिलारी के गांव में रात में किसी जानवर ने लोगों पर हमला किया था। जानवर की अभी पहचान नहीं हो पाई है। गांव में एहतियातन टीम लगा दी गई है।
सूरज सिंह, डीएफओ, मुरादाबाद
लोगों पर हमला करने के बाद बछड़े किया हमला
मुरादाबाद। जिला अस्पताल में घायलों का इलाज कराने पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए ने सोते हुए लोगों पर हमला किया। जब लोग जाग गए और उन्होंने शोर शराबा किया तो तेंदुए गांव से जंगल की ओर भागा। एक घर में उसने बछड़े पर भी हमला किया। ब्यूरो
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