{"_id":"68ed684d3f2dec6de3082a8a","slug":"mother-and-child-died-due-to-negligence-of-a-quack-in-kundarki-bilari-news-c-307-1-smbd1005-105383-2025-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: कुंदरकी में झोलाछाप की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: कुंदरकी में झोलाछाप की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत
Tue, 14 Oct 2025 02:29 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Tue, 14 Oct 2025 02:29 AM IST
विज्ञापन
कुंदरकी (मुरादाबाद)। मकान में अवैध रूप से संचालित अस्पताल में तीन दिन पहले झोलाछाप की लापरवाही से प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत का मामला प्रकाश में आया है। सोशल मीडिया पर मामला उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और अपंजीकृत अस्पताल को सील कर दिया है।
गांव काजीपुर निवासी समा परवीन को तीन दिन पहले प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने कुंदरकी में एक घर में संचालित अवैध अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां पर प्रसव के कुछ देर बाद ही नवजात की मौत हो गई थी, जबकि जच्चा की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल संचालिका ने मुरादाबाद के लिए रेफर कर दिया था। मुरादाबाद के अस्पताल में उपचार के दौरान प्रसूता की भी मौत हो गई थी। परिजनों ने अस्पताल संचालिका पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई तो आरोपी संचालिका अस्पताल बंद कर भाग गई थी। परिजनों ने जच्चा-बच्चे के शव सुपुर्द ए खाक कर दिए थे।
सोमवार को सोशल मीडिया पर अपंजीकृत अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत का मामला वायरल हुआ तो सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सौरभ बरतरिया पुलिस के साथ पहुंचे और अस्पताल की जांच की। जांच में अस्पताल अवैध पाया गया। जिसके बाद अस्पताल को सील कर दिया है। साथ ही चिकित्सा अधीक्षक ने अस्पताल संचालिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज के लिए थाने में तहरीर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव काजीपुर निवासी समा परवीन को तीन दिन पहले प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने कुंदरकी में एक घर में संचालित अवैध अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां पर प्रसव के कुछ देर बाद ही नवजात की मौत हो गई थी, जबकि जच्चा की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल संचालिका ने मुरादाबाद के लिए रेफर कर दिया था। मुरादाबाद के अस्पताल में उपचार के दौरान प्रसूता की भी मौत हो गई थी। परिजनों ने अस्पताल संचालिका पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई तो आरोपी संचालिका अस्पताल बंद कर भाग गई थी। परिजनों ने जच्चा-बच्चे के शव सुपुर्द ए खाक कर दिए थे।
विज्ञापन
सोमवार को सोशल मीडिया पर अपंजीकृत अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत का मामला वायरल हुआ तो सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सौरभ बरतरिया पुलिस के साथ पहुंचे और अस्पताल की जांच की। जांच में अस्पताल अवैध पाया गया। जिसके बाद अस्पताल को सील कर दिया है। साथ ही चिकित्सा अधीक्षक ने अस्पताल संचालिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज के लिए थाने में तहरीर दी है।
विज्ञापन