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Moradabad News: भूजल का दोहन कर रहीं 250 से अधिक वाणिज्यिक इकाइयां
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मुरादाबाद। जिले में 250 से अधिक वाणिज्यिक इकाइयां (निजी अस्पताल और औद्योगिक इकाइयां) ऐसी हैं, जो भूजल का दोहन कर रही हैं। इन इकाइयों ने भूगर्भ जल विभाग से एनओसी भी नहीं ली है। डीएम के निर्देश पर कराए गए सर्वे के बाद सीडीओ ने 19 निजी अस्पतालों समेत 50 वाणिज्य इकाइयों को नोटिस जारी किया है।
मुख्य विकास अधिकारी सुमित यादव ने बताया कि जिले की अधिकांश औद्योगिक इकाइयां और निजी अस्पताल भूजल का दोहन अवैध रूप से कर रहे हैं। उनके द्वारा नियमानुसार एनओसी भी नहीं प्राप्त की गई है। इन इकाइयों द्वारा पानी की बर्बादी की भी शिकायतें मिल रही हैं। डीएम के निर्देश पर भूगर्भ जल विभाग की टीम से सर्वे कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अब तक हुए सर्वे के दौरान करीब 250 वाणिज्य इकाइयां चिह्नित की गई हैं। इनमें से 31 औद्योगिक इकाइयों तथा 19 निजी अस्पतालों को पहले चरण में नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के अंदर भूगर्भ जल पोर्टल upgwdonline.in या निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कराकर एनओसी प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सीडीओ ने बताया कि ऐसा न करने पर वाणिज्य इकाइयों के स्वामी को दो से पांच लाख रुपये तक जुर्माना अथवा छह माह से एक वर्ष तक के कारावास की सजा हो सकती है।
सीडीओ ने बताया कि भूजल दोहन करने वाली इकाइयों को बोरिंग में फ्लोमीटर लगाकर भूगर्भ जल पोर्टल पर आवेदन करना होगा। साथ ही भूजल दोहन के सापेक्ष भूजल रिचार्ज के लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाना होगा।
उन्होंने बताया कि पूर्व में जिन औद्योगिक इकाइयों द्वारा एनओसी ली जा चुकी है, उनके द्वारा शर्तों का अनुपालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी जांच करने के निर्देश भूगर्भ जल विभाग को दिए गए हैं।
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मुख्य विकास अधिकारी सुमित यादव ने बताया कि जिले की अधिकांश औद्योगिक इकाइयां और निजी अस्पताल भूजल का दोहन अवैध रूप से कर रहे हैं। उनके द्वारा नियमानुसार एनओसी भी नहीं प्राप्त की गई है। इन इकाइयों द्वारा पानी की बर्बादी की भी शिकायतें मिल रही हैं। डीएम के निर्देश पर भूगर्भ जल विभाग की टीम से सर्वे कराया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि अब तक हुए सर्वे के दौरान करीब 250 वाणिज्य इकाइयां चिह्नित की गई हैं। इनमें से 31 औद्योगिक इकाइयों तथा 19 निजी अस्पतालों को पहले चरण में नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के अंदर भूगर्भ जल पोर्टल upgwdonline.in या निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कराकर एनओसी प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सीडीओ ने बताया कि ऐसा न करने पर वाणिज्य इकाइयों के स्वामी को दो से पांच लाख रुपये तक जुर्माना अथवा छह माह से एक वर्ष तक के कारावास की सजा हो सकती है।
सीडीओ ने बताया कि भूजल दोहन करने वाली इकाइयों को बोरिंग में फ्लोमीटर लगाकर भूगर्भ जल पोर्टल पर आवेदन करना होगा। साथ ही भूजल दोहन के सापेक्ष भूजल रिचार्ज के लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाना होगा।
उन्होंने बताया कि पूर्व में जिन औद्योगिक इकाइयों द्वारा एनओसी ली जा चुकी है, उनके द्वारा शर्तों का अनुपालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी जांच करने के निर्देश भूगर्भ जल विभाग को दिए गए हैं।