Moradabad: ईंट-भट्ठा मजदूर बनकर कर रहे थे साइबर ठगी, पचास लाख का लगा चुके हैं चूना, दो आरोपी गिरफ्तार
मुरादाबाद पुलिस ने लोगों के खातों से पैसे उड़ाने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी अब तक पचास लाख से अधिक की रकम उड़ा चुके हैं। उन पर शक न हो इसलिए भट्ठे पर काम करते थे।
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गांव में चलने वाले समूह और लोन की किस्त ऑनलाइन जमा करने का झांसा देकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन्होंने पूछताछ में कबूला है कि उन पर कोई शक न करे इसलिए ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते थे।
उनका गिरोह अब तक 150 से ज्यादा लोगों से करीब 50 लाख रुपये की ठगी कर चुका है। पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि सिविल लाइंस के अगवानपुर मोहल्ला बाईपास निवासी इरफान ने सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज कराया था।
जिसमें उसने बताया कि दो नवंबर 2023 को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने अपना नाम हनीफ बताया था। उसने इरफान से कहा था कि वह बैंक से बोल रहा है। लोन की किस्त जमा करा दें। इसके बाद दूसरा लोन तुरंत हो जाएगा।
अगर ऑनलाइन किस्त जमा नहीं करोगे तो लोन दोगुना हो जाएगा। झांसे में आकर पीड़ित ने आरोपी के बताए खाते पर 20 हजार रुपये जमा कर दिए थे। साइबर सेल और सिविल लाइंस पुलिस ने इस मामले की जांच पड़ताल की। जिस खाते में रकम ट्रांसफर की गई थी उसकी डिटेल खंगाली गई।
जिससे पता चला कि रकम जनसेवा केंद्र क्यूआर कोड के जरिए भेजी गई थी। साइबर सेल जांच करते हुए जनसेवा केंद्र तक पहुंच गई तब पता चला कि पाकबड़ा के महलकपुर निवासी हनीफ और नाजिम ने कहीं से रकम ट्रांसफर कराई थी।
इससे पहले और बाद में ही वह रकम ट्रांसफर करा चुके हैं। टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में पता चला कि दोनों ईंट भट्ठा पर मजदूरी करते हैं। दोनों आरोपी भट्ठे और जंगल में फर्जी सिम से लोगों को कॉल करते हैं। उनसे समूह और लोन की किस्त ऑनलाइन जमा कराने का झांसा देते हैं।
हनीफ और नाजिम ने बताया कि उनके साथ अन्य लोग भी जुड़े हैं। वह अब तक 150 से ज्यादा लोगों से 50 लाख ठग चुके हैं। टीम ने आरोपियों से पांच सिम, आठ फर्जी आईडी कार्ड, दो बाइक बरामद की हैं। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि शनिवार शाम दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्र के लोग हो चुके हैं शिकार
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ही झांसे में लेते थे। अधिकांश गांवों में ही समूह चलाए जाते हैं। उन्हें बताते हैं कि इस बार समूह की किस्त या लोन की किस्त ऑनलाइन जमा होगी। वह मुरादाबाद के अलावा अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, संभल, बागपत, मेरठ, अमरोहा, बिजनौर, सहारनपुर, रामपुर, बदायूं और बरेली समेत अन्य जनपदों के लोगों को शिकार बना चुके हैं।