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Moradabad News: मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग फोर लेन का काम पड़ा धीमा
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मुरादाबाद।
उत्तराखंड से यूपी को जोड़ने वाला मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा फोर लेन का काम धीमा पड़ गया है। एनएचएआई के अधिकारियों ने ठेकेदार के कार्यों पर नाराजगी जताई है। ठेकेदार का कहना है कि पहले पेड़ कटेगा तब काम तेज होगा। ठेकेदार की जिच के चलते बाईपास पर मिट्टी डालने का काम पूरा नहीं हो पाया है।
मुरादाबाद से ठाकुरद्वारा के बीच की दूरी 38 किमी है। इसमें 21 किलोमीटर लंबा बाईपास बनना है। सिर्फ 17 किलोमीटर मार्ग को डबल लेन से फोरलेन किया जाएगा। जिला प्रशासन ने बाईपास निर्माण के लिए जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा दिया है। कुछ खेतों में एनएचएआई के ठेकेदार ने मिट्टी बिछाने का काम किया है, लेकिन काम की गति काफी सुस्त है। इस मार्ग के निर्माण कराने के लिए एटा जिले की एक कंपनी को ठेका मिला है। एनएचएआई के अभियंताओं का कहना है कि मिट्टी का काम पूरा नहीं होने पर बरसात में दिक्कत होगी। इधर ठेकेदार सिर्फ पेड़ को कटवाने पर जोर दे रहा है। पेड़ वन निगम को काटना है। वन विभाग ने पेड़ों की नंबरिंग का काम पूरा कर सारी जिम्मेदारी वन निगम पर डाल दी है। फोर लेन बनाने के लिए 625 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ था। इस बारे में एनएचएआई के पीडी अनुज कुमार जैन का कहना है कि ठेकेदार को काम तेज करने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन ठेकेदार पेड़ कटवाने पर अड़ा है। उसे कहा गया है कि बाईपास की जमीन पर शीघ्र मिट्टी डालने से फायदा होगा। फिर भी ठेकेदार मान नहीं रहा है। इस मार्ग का निरीक्षण करने करने के लिए दिल्ली से अधिकारियों की एक भी आई थी। उन्होंने काम तेज करने की हिदायत दी थी।
पेड़ों की मार्किंग के साथ कटाई का काम होगा
मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग को फोर लेन बनाने के लिए 11500 बड़े और 33500 छोटे पेड़ आड़े आ रहे हैं। पेड़ों की कटाई करने के लिए वन विभाग मार्किंग का काम लगभग पूरा कर लिया है। अब पेड़ काटने की जिम्मेदारी नजीबाबाद स्थित वन निगम की है। पेड़ों की कटाई के लिए एनएचएआई ने करीब 400 करोड़ रुपये वन निगम को दिए हैं।
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245 करोड़ किसानों को बंट चुका है मुआवजा
सिटी मजिस्ट्रेट किंशुक श्रीवास्तव ने बताया कि मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग के किसानों को आरटीजीएस के तहत करोड़ों रुपये मुआवजे के रूप में प्रतिदिन खाते में डाले जा रहे हैं। जमीन का सत्यापन करने के बाद 245 करोड़ से अधिक की धनराशि किसानों के खाते में भेजी गई है।
पुराना मार्ग गड्ढों के कारण हुआ जर्जर
मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग का एनएचएआई ने दिसंबर में मरम्मत कराया था, लेकिन भारी वाहनों के चलने के कारण मार्ग जर्जर हो गया। अप्रैल में मार्ग पर चलना मुश्किल हो गया है। धूल और गड्ढों से दो पहिया वाहन सवार परेशान हैं। चारपहिया वाहनों की कमानी भी एक बार चलने के बाद सुरक्षित नहीं रह पाती है। एनएचएआई के पीडी अनुज कुमार जैन का कहना है कि केंद्र सरकार ने फोर लेन के निर्माण के लिए धन आवंटित किया है। ऐसी स्थिति में पुराने मार्ग पर किस मद से पैसा खर्च किया जाएगा।
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उत्तराखंड से यूपी को जोड़ने वाला मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा फोर लेन का काम धीमा पड़ गया है। एनएचएआई के अधिकारियों ने ठेकेदार के कार्यों पर नाराजगी जताई है। ठेकेदार का कहना है कि पहले पेड़ कटेगा तब काम तेज होगा। ठेकेदार की जिच के चलते बाईपास पर मिट्टी डालने का काम पूरा नहीं हो पाया है।
मुरादाबाद से ठाकुरद्वारा के बीच की दूरी 38 किमी है। इसमें 21 किलोमीटर लंबा बाईपास बनना है। सिर्फ 17 किलोमीटर मार्ग को डबल लेन से फोरलेन किया जाएगा। जिला प्रशासन ने बाईपास निर्माण के लिए जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा दिया है। कुछ खेतों में एनएचएआई के ठेकेदार ने मिट्टी बिछाने का काम किया है, लेकिन काम की गति काफी सुस्त है। इस मार्ग के निर्माण कराने के लिए एटा जिले की एक कंपनी को ठेका मिला है। एनएचएआई के अभियंताओं का कहना है कि मिट्टी का काम पूरा नहीं होने पर बरसात में दिक्कत होगी। इधर ठेकेदार सिर्फ पेड़ को कटवाने पर जोर दे रहा है। पेड़ वन निगम को काटना है। वन विभाग ने पेड़ों की नंबरिंग का काम पूरा कर सारी जिम्मेदारी वन निगम पर डाल दी है। फोर लेन बनाने के लिए 625 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ था। इस बारे में एनएचएआई के पीडी अनुज कुमार जैन का कहना है कि ठेकेदार को काम तेज करने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन ठेकेदार पेड़ कटवाने पर अड़ा है। उसे कहा गया है कि बाईपास की जमीन पर शीघ्र मिट्टी डालने से फायदा होगा। फिर भी ठेकेदार मान नहीं रहा है। इस मार्ग का निरीक्षण करने करने के लिए दिल्ली से अधिकारियों की एक भी आई थी। उन्होंने काम तेज करने की हिदायत दी थी।
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पेड़ों की मार्किंग के साथ कटाई का काम होगा
मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग को फोर लेन बनाने के लिए 11500 बड़े और 33500 छोटे पेड़ आड़े आ रहे हैं। पेड़ों की कटाई करने के लिए वन विभाग मार्किंग का काम लगभग पूरा कर लिया है। अब पेड़ काटने की जिम्मेदारी नजीबाबाद स्थित वन निगम की है। पेड़ों की कटाई के लिए एनएचएआई ने करीब 400 करोड़ रुपये वन निगम को दिए हैं।
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245 करोड़ किसानों को बंट चुका है मुआवजा
सिटी मजिस्ट्रेट किंशुक श्रीवास्तव ने बताया कि मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग के किसानों को आरटीजीएस के तहत करोड़ों रुपये मुआवजे के रूप में प्रतिदिन खाते में डाले जा रहे हैं। जमीन का सत्यापन करने के बाद 245 करोड़ से अधिक की धनराशि किसानों के खाते में भेजी गई है।
पुराना मार्ग गड्ढों के कारण हुआ जर्जर
मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग का एनएचएआई ने दिसंबर में मरम्मत कराया था, लेकिन भारी वाहनों के चलने के कारण मार्ग जर्जर हो गया। अप्रैल में मार्ग पर चलना मुश्किल हो गया है। धूल और गड्ढों से दो पहिया वाहन सवार परेशान हैं। चारपहिया वाहनों की कमानी भी एक बार चलने के बाद सुरक्षित नहीं रह पाती है। एनएचएआई के पीडी अनुज कुमार जैन का कहना है कि केंद्र सरकार ने फोर लेन के निर्माण के लिए धन आवंटित किया है। ऐसी स्थिति में पुराने मार्ग पर किस मद से पैसा खर्च किया जाएगा।