मुरादाबाद सेहतनामा: कंप्यूटर पर करते हैं काम, हर 20 मिनट में दें आंखों को आराम, नेत्र विशेषज्ञ के सुझाव जानें
मुरादाबाद सेहतनामा के तहत इस बार नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आशी खुराना ने मरीजों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि तेज धूप से आंखों को बचाकर रखें और सोने से दो घंटे पहले मोबाइल अलग रख दें। इससे कई प्रकार की समस्याएं दूर होंगी।
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नौकरीपेशा लोग, विद्यार्थी जो हर दिन घंटों तक कंप्यूटर पर काम करते हैं। आंखों की स्वस्थ रखने के लिए हर मिनट बाद इन्हें आराम दें। इसके लिए आपको रूल ऑफ 20 अपनाना होगा। यानी हर 20 मिनट बाद आंखों को धीरे-धीरे 20 बार झपकाना है। 20 फीट दूर रखी किसी वस्तु को देखना है और काम खत्म करने के बाद आंखों को साफ पानी से धोना है।
इससे आंखों के कमजोर होने की आशंका कम हो जाएगी। इसके अलावा खाने में हरी सब्जियां शामिल करें और दिन में खूब पानी पीयें। यह सुझाव शहर की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आशी खुराना ने दिए हैं। उनका कहना है कि आंखों का स्वस्थ होना ऑक्सीजन पर निर्भर करता है।
आपके शरीर में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचेगी तो आंखें स्वस्थ रहेंगी। रोजाना सुबह जल्दी उठकर सैर करें और हल्का व्यायाम करें। तेज धूप से आंखों को बचाकर रखें। सोने से दो घंटे पहले मोबाइल रख दें। डॉ. खुराना ने मरीजों के सवालों के जवाब भी दिए हैं।
सवाल : मेरी उम्र 32 वर्ष है। मेरी दोनों आंखों में खुजली आती है और लाली भी है। दोनों पलकों में ऊपर व नीचे खुजली रहती है। मुझे क्या करना चाहिए। - शिव कुमार
जवाब : यह सीजनल एलर्जी कंजक्टिवाइटिस हो सकता है। लगातार छींकें आना इसका लक्षण है। बचाव के लिए आंखों पर चश्मा लगाकर रखें। डॉक्टर की सलाह पर दवा लें और आंखों की ठंडी सिकाई करें।
सवाल : मेरी उम्र 40 वर्ष है। मेरी आंखों में कभी-कभी चुभन होने लगती है। ऐसा लगता है जैसे कुछ गिर गया है लेकिन कुछ देर बाद यह खुद ठीक हो जाता है। क्या समस्या हो सकती है। - सुनीता
जवाब : महिलाओं में हार्मोनल व अन्य कारणों से आंखों में सूखापन हो जाता है। लगातार कंप्यूटर पर काम करना और ड्राइविंग करना इसका कारण हो सकती है। साधारण लुब्रिकेंट आई ड्रॉप का इस्तेमाल कर सकती हैं। यदि परेशानी दूर न हो तो डॉक्टर को दिखाएं।
जवाब : यह मोतियाबिंद की शुरुआत हो सकती है। डॉक्टर दवा डालकर जांच करने के बाद ही पुष्टि करेंगे। इसके अलावा चश्मे के फ्रेम के आकार में गड़बड़ हो सकती है। आप इसे चेक करा लें।
सवाल : मेरी उम्र 19 वर्ष है। मैं लगातार पढ़ाई करता हूं, इसके कारण मेरी दाईं आंख के लिए चश्मे का नंबर -1.25 और बांई आंख के लिए -2.5 है। क्या मेरी आंखें ठीक हो सकती हैं। क्या लेजर सर्जरी कराना उचित रहेगा। - अहमद
जवाब : चश्मे से छुटकारा पाने के लिए लेजर सर्जरी अच्छा उपाय है। इसके लिए दो शर्तें हैं, आंखों का आकार सही होना चाहिए और एक साल तक चश्मे का नंबर स्थिर रहना चाहिए। यदि ऐसा नहीं है तो आप 21 की उम्र के बाद लेजर सर्जरी कराएं।
जवाब : पलकों के गिरने के कारण यह समस्या उत्पन्न हो जाती है। आप अपने पुराने व नए फोटोग्राफ्स डॉक्टर के पास ले जाकर मिलान करा सकती हैं। एक छोटे से ऑपरेशन से इस समस्या का उपचार संभव है।
सवाल : मेरी उम्र 61 साल है। मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरी आंख में मोतियाबिंद है या नहीं। - अशोक सहगल
जवाब : मोतियाबिंद को कुछ लक्षणों से पहचाना जा सकता है। नजर कमजोर होना, रात में गाड़ी चलाते समय तेज रोशनी आंखों पर लगना, रंगीन घेरे दिखाई देना आदि लक्षण हैं।
जवाब : इसे हल्के में न लें। आई फ्लू के बाद यह समस्या होना यानी कॉर्निया प्रभावित होने के लक्षण हैं। तुरंत डॉक्टर से मिलकर सलाह लें, देर करने पर काला मोतिया भी हो सकता है।
सवाल : मेरे सिर में एक ओर दर्द रहता है। मैं नियमित रूप से नजर का चश्मा लगाता हूं। कंप्यूटर पर काम करने के कारण मेरे चश्में का नंबर लगातार बढ़ रहा है, क्या करूं। - अमन कुमार
जवाब : आपको डॉक्टर से मिलकर जांच करानी चाहिए और दवा लेनी चाहिए। यदि एक साल में एक से ज्यादा बार चश्मे का नंबर बढ़ रहा है तो यह चिंता का विषय है।