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UP: ममेरे भाई की शादी में 16 साल पहले आए थे शहर, हिंदी गानों पर किया था डांस; नडेला-पिचाई की फेहरिस्त में सबीह
Thu, 10 Jul 2025 01:55 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 10 Jul 2025 01:55 PM IST
सार
मुरादाबाद में जन्मे सबीह खान विश्व की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी और आईफोन निर्माता एपल के नए चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) बनाए गए हैं। वह इस महीने के अंत में जेफ विलियम्स की जगह लेंगे।
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मुरादाबाद में जन्मे सबीह खान का फोटो
- फोटो : परिजन
विस्तार
अपनी मेहनत और काबिलियत से दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी एपल में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) पद पर नियुक्त होने वाले सबीह खान बेहद सादगी पसंद हैं। 16 साल पहले जब वह अपने ममेरे भाई की शादी में शामिल होने मुरादाबाद आए तो उन्होंने मुरादाबाद और रामपुर के परिचित लोगों को गले लगा लिया था।
उनके परिचित बताते हैं कि उन्होंने एक-एक रिश्तेदार से लंबी बात की और घर-परिवार व बच्चों को हालचाल लिया था। इस दौरान उन्होंने हिंदी गानों पर डांस भी किया।सबीह के रिश्तेदार मुरादाबाद में ब्रास, होटल और स्कूल कारोबार से जुड़े हैं।
सबीह को एपल कंपनी में सीओओ का पद मिला तो उनकी रिश्तेदारों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मुरादाबाद के अलावा दूसरे शहरों में रहने वाले उनके परिचित और रिश्तेदार भी उन्हें बधाई देने लगे। देर रात तक बधाइयों का सिलसिला जारी रहा।
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उनके रिश्तेदार बताते हैं कि करीब 16 साल पहले सबीह के ममेरे भाई की शादी में शामिल होने वह सिंगापुर से आए थे। तब उन्होंने सभी से बड़ी सादगी के साथ मुलाकात की थी और जल्द ही दोबारा आने की बात कहकर गए थे।
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उनके परिचित बताते हैं कि उन्होंने एक-एक रिश्तेदार से लंबी बात की और घर-परिवार व बच्चों को हालचाल लिया था। इस दौरान उन्होंने हिंदी गानों पर डांस भी किया।सबीह के रिश्तेदार मुरादाबाद में ब्रास, होटल और स्कूल कारोबार से जुड़े हैं।
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सबीह को एपल कंपनी में सीओओ का पद मिला तो उनकी रिश्तेदारों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मुरादाबाद के अलावा दूसरे शहरों में रहने वाले उनके परिचित और रिश्तेदार भी उन्हें बधाई देने लगे। देर रात तक बधाइयों का सिलसिला जारी रहा।
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उनके रिश्तेदार बताते हैं कि करीब 16 साल पहले सबीह के ममेरे भाई की शादी में शामिल होने वह सिंगापुर से आए थे। तब उन्होंने सभी से बड़ी सादगी के साथ मुलाकात की थी और जल्द ही दोबारा आने की बात कहकर गए थे।
सिंगापुर में स्कूली पढ़ाई के बाद अमेरिका पहुंचे खान, जीई प्लास्टिक्स में भी रहे
सबीह खान ने अपनी स्कूली शिक्षा सिंगापुर में पूरी की और फिर अमेरिका चले गए जहां उन्होंने टफ्ट्स विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री और रेनसेलर पॉलिटेक्निक संस्थान से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। 1995 में एप्पल के खरीद समूह में शामिल होने से पहले, खान ने जीई प्लास्टिक्स में एप्लिकेशन डेवलपमेंट इंजीनियर और प्रमुख खाता तकनीकी प्रमुख के रूप में काम किया।
सबीह खान ने अपनी स्कूली शिक्षा सिंगापुर में पूरी की और फिर अमेरिका चले गए जहां उन्होंने टफ्ट्स विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री और रेनसेलर पॉलिटेक्निक संस्थान से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। 1995 में एप्पल के खरीद समूह में शामिल होने से पहले, खान ने जीई प्लास्टिक्स में एप्लिकेशन डेवलपमेंट इंजीनियर और प्रमुख खाता तकनीकी प्रमुख के रूप में काम किया।
सत्य नडेला, सुंदर पिचाई की फेहरिस्त में हुए शामिल
सबीह खान इस पदोन्नति के साथ ही दुनिया की दिग्गज कंपनियों में प्रमुख की भूमिकाएं निभाने वाले सत्य नडेला, सुंदर पिचाई और इंदिरा नुई की फेहरिस्त में शामिल हो गए। सत्य नडेला माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन व सीईओ हैं। वहीं सुंदर पिचाई गूगल और उसकी होल्डिंग कंपनी एल्फाबेट के सीईओ हैं।
सबीह खान इस पदोन्नति के साथ ही दुनिया की दिग्गज कंपनियों में प्रमुख की भूमिकाएं निभाने वाले सत्य नडेला, सुंदर पिचाई और इंदिरा नुई की फेहरिस्त में शामिल हो गए। सत्य नडेला माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन व सीईओ हैं। वहीं सुंदर पिचाई गूगल और उसकी होल्डिंग कंपनी एल्फाबेट के सीईओ हैं।
नडेला फरवरी 2014 में स्टीवी बॉलमर की जगह सीईओ बने थे। वहीं सुंदर पिचाई ने अगस्त 2015 में दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल के सीईओ की जिम्मेदारी संभाली। जुलाई 2017 में वह एल्फाबेट के निदेशक मंडल में शामिल हुए।
बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों का भरतवंशी क्लब है बड़ा
विविध क्षेत्रों में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के भारतवंशी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों का क्लब बहुत बड़ा है। इसमें दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक, एडोब के चेयरमैन और सीईओ शांतनु नारायण, आईबीएम के चेयरमैन और सीईओ अरविंद कृष्णा जैसे लीडर शामिल हैं।
विविध क्षेत्रों में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के भारतवंशी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों का क्लब बहुत बड़ा है। इसमें दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक, एडोब के चेयरमैन और सीईओ शांतनु नारायण, आईबीएम के चेयरमैन और सीईओ अरविंद कृष्णा जैसे लीडर शामिल हैं।
इनके अलावा वैश्विक फार्मा कंपनी नोवार्टिस के सीईओ वसंत नरसिम्हन और वैश्विक बायोटेक कंपनी वर्टेक्स की सीईओ और चेयरमैन रेशमा केवलरमानी भी इस क्लब की सदस्य हैं।
इसी तरह, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के चेयरमैन और सीईओ संजय मेहरोत्रा, कैडेंस के चेयरमैन व सीईओ अनिरुद्ध देवगन और चैनल की वैश्विक सीईओ लीना नायर भी इस सूची में मौजूद हैं। बाटा के पूर्व सीईओ संजीव कटारिया को इस फुटवियर कंपनी के पहले भारतीय वैश्विक सीईओ होने का गौरव प्राप्त था। उन्होंने पिछले महीने इस पद से इस्तीफा दे दिया था।
मुरादाबाद के सबीह खान बने एपल के नए सीओओ
मुरादाबाद में जन्मे सबीह खान विश्व की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी और आईफोन निर्माता एपल के नए चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) बनाए गए हैं। वह इस महीने के अंत में जेफ विलियम्स की जगह लेंगे। एपल के सीईओ टिम कुक के बाद सीओओ दूसरा सबसे अहम पद माना जाता है। सबीह की इस कामयाबी पर मुरादाबाद और रामपुर के लोगों में खुशी का माहौल है।
मुरादाबाद में जन्मे सबीह खान विश्व की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी और आईफोन निर्माता एपल के नए चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) बनाए गए हैं। वह इस महीने के अंत में जेफ विलियम्स की जगह लेंगे। एपल के सीईओ टिम कुक के बाद सीओओ दूसरा सबसे अहम पद माना जाता है। सबीह की इस कामयाबी पर मुरादाबाद और रामपुर के लोगों में खुशी का माहौल है।
सबीह खान के पिता सईद यू खान रामपुर के रहने वाले थे। सईद की शादी 1963 में पीतल कारोबारी यार मोहम्मद खान की पोती साजदा खान से हुई थी। शादी के बाद सईद भी मुरादाबाद में आकर बस गए थे और बाद वह पीतल कारोबार से जुड़ गए।
उनके रिश्तेदार बताते हैं कि सबीह का जन्म 1966 में मुरादाबाद में ही हुआ और उन्होंने पांचवीं तक पढ़ाई सेंट मैरी स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद वह अपने माता-पिता के साथ सिंगापुर चले गए। उन्होंने सिंगापुर में ही अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ड्यूल डिग्री हासिल की।
उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित रेंससेलर पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया। उनके रिश्तेदारों के मुताबिक सबीर 1995 में एपल कंपनी से जुड़ गए और विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में अपनी सेवाएं दीं। विदेश जाने के बाद भी उन्होंने अपने शहर से नाता नहीं तोड़ा और वह बीच-बीच में मुरादाबाद आते रहे। बड़ी कंपनी में बड़े पद पर होने और व्यस्तता के बीच भी वह अपने रिश्तेदारों से बातचीत करते रहे। अब कंपनी ने उन्हें सीओओ बनाया तो रिश्तेदारों में खुशी और गर्व का माहौल है। सबीह वर्तमान में पत्नी और तीन बच्चों के साथ सिंगापुर में रहते हैं। उनके दो छोटे भाई में शमी खान लंदन और सलमान खान सिंगापुर में ही रहते हैं।
30 साल से एपल से जुड़े हैं सबीह खान
सबीह पिछले 30 वर्षों से एपल में अलग-अलग भूमिकाओं में रहे। 1995 में कंपनी में शामिल होने के बाद 2019 में उन्होंने सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऑपरेशंस के तौर पर कार्यकारी टीम में जिम्मेदारी संभाली है। 1995 में एप्पल के खरीद समूह में शामिल होने से पहले सबीर ने जीई प्लास्टिक्स में एप्लिकेशन डेवलपमेंट इंजीनियर और प्रमुख खाता तकनीकी प्रमुख के रूप में काम किया।
सबीह पिछले 30 वर्षों से एपल में अलग-अलग भूमिकाओं में रहे। 1995 में कंपनी में शामिल होने के बाद 2019 में उन्होंने सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऑपरेशंस के तौर पर कार्यकारी टीम में जिम्मेदारी संभाली है। 1995 में एप्पल के खरीद समूह में शामिल होने से पहले सबीर ने जीई प्लास्टिक्स में एप्लिकेशन डेवलपमेंट इंजीनियर और प्रमुख खाता तकनीकी प्रमुख के रूप में काम किया।