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मुरादाबाद : रतनपुर कलां में तो एक महीने से अस्पताल ही नहीं खुला, नहीं मिल रहा इलाज
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मुरादाबाद। एक ओर शासन और प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का दावा करते नहीं थक रहा है, वहीं जिले के कुंदरकी ब्लाक में रतनपुर कलां गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लगभग एक माह से बंद पड़ा है। इससे कोरोना संक्रमण से लड़ना तो दूर मरीजों को इलाज तक नहीं मिल पा रहा है। गंभीर रोगियों को 18 किलोमीटर दूर कुंदरकी अथवा 15 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय आकर इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।
रतनपुर कलां गांव की आबादी लगभग 20 हजार है। घनी आबादी होने के बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली है। बीते माह यहां पर चार लोग कोरोना पॉजिटिव निकले थे। जिनको घर पर ही आइसोलेट कर दिया गया था। अब वह सभी लोग स्वस्थ हो गए हैं। एक माह पहले भी रतनपुर कला गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सेवाएं बेहाल थीं। यहां अक्सर डॉक्टर नहीं मिलते थे। कोरोना काल में ग्रामीणों को इलाज के लिए जगह-जगह भटकना पड़ रहा है। फिलहाल यहां डॉक्टर सौरभ कुमार भर्तिया और फार्मासिस्ट त्रिवेंद्र कुमार तैनात हैं, जिनकी ड्यूटी वैक्सीनेशन करने के लिए मुरादाबाद में लगी है।
कुंदरकी ब्लाक के रतनपुर कलां गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डॉक्टर और फार्मासिस्ट की ड्यूटी वैक्सीनेशन में लगी हुई है। डॉक्टर न होने के कारण रतनपुर कलां का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद है। जल्द ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को खोल दिया जाएगा।
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डॉ एमसी गर्ग, सीएमओ, मुरादाबाद
कोरोना काल के इस बुरे वक्त में भी लोगों को सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। रतनपुर कलां गांव में आधी से अधिक आबादी रोज कमाकर पेट पालने वाली है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद होने से ग्रामीणों को निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ रहा है।
विक्रम सिंह, पूर्व प्रधान, रतनपुर कलां
सरकार करोड़ों रुपये खर्च करके अस्पताल बनवाती है, लेकिन डॉक्टर ही नहीं आते, जिससे कोई फायदा नहीं मिल पाता। अस्पताल में कुर्सी, मेज, चिकित्सा उपकरणों आदि संसाधनों पर लाखों रुपये खर्च किया गया है।
कल्लू अंसारी, निवासी रतनपुर कलां
गांव में बुखार और खांसी के लगातार मरीज निकलते रहते हैं। इसके बावजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद हैं। पिछले महीने गांव में कोरोना के पॉजिटिव भी निकले थे। उनके बाद भी स्वास्थ्य विभाग लापरवाही बरत रहा है।
मोहम्मद उमर, निवासी रतनपुर कलां
कोरोना महामारी के समय में भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद है। स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल खोलने की शीघ्र ही मांग की जाएगी क्योंकि रतनपुर कलां में मध्यम वर्ग से नीचे के लोग ज्यादा निवास करते हैं, जो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से अधिकांश दवाइयां लेते हैं।
नजाकत अली, प्रधान पति, रतनपुर कलां
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रतनपुर कलां गांव की आबादी लगभग 20 हजार है। घनी आबादी होने के बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली है। बीते माह यहां पर चार लोग कोरोना पॉजिटिव निकले थे। जिनको घर पर ही आइसोलेट कर दिया गया था। अब वह सभी लोग स्वस्थ हो गए हैं। एक माह पहले भी रतनपुर कला गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सेवाएं बेहाल थीं। यहां अक्सर डॉक्टर नहीं मिलते थे। कोरोना काल में ग्रामीणों को इलाज के लिए जगह-जगह भटकना पड़ रहा है। फिलहाल यहां डॉक्टर सौरभ कुमार भर्तिया और फार्मासिस्ट त्रिवेंद्र कुमार तैनात हैं, जिनकी ड्यूटी वैक्सीनेशन करने के लिए मुरादाबाद में लगी है।
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कुंदरकी ब्लाक के रतनपुर कलां गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डॉक्टर और फार्मासिस्ट की ड्यूटी वैक्सीनेशन में लगी हुई है। डॉक्टर न होने के कारण रतनपुर कलां का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद है। जल्द ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को खोल दिया जाएगा।
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डॉ एमसी गर्ग, सीएमओ, मुरादाबाद
कोरोना काल के इस बुरे वक्त में भी लोगों को सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। रतनपुर कलां गांव में आधी से अधिक आबादी रोज कमाकर पेट पालने वाली है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद होने से ग्रामीणों को निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ रहा है।
विक्रम सिंह, पूर्व प्रधान, रतनपुर कलां
सरकार करोड़ों रुपये खर्च करके अस्पताल बनवाती है, लेकिन डॉक्टर ही नहीं आते, जिससे कोई फायदा नहीं मिल पाता। अस्पताल में कुर्सी, मेज, चिकित्सा उपकरणों आदि संसाधनों पर लाखों रुपये खर्च किया गया है।
कल्लू अंसारी, निवासी रतनपुर कलां
गांव में बुखार और खांसी के लगातार मरीज निकलते रहते हैं। इसके बावजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद हैं। पिछले महीने गांव में कोरोना के पॉजिटिव भी निकले थे। उनके बाद भी स्वास्थ्य विभाग लापरवाही बरत रहा है।
मोहम्मद उमर, निवासी रतनपुर कलां
कोरोना महामारी के समय में भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद है। स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल खोलने की शीघ्र ही मांग की जाएगी क्योंकि रतनपुर कलां में मध्यम वर्ग से नीचे के लोग ज्यादा निवास करते हैं, जो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से अधिकांश दवाइयां लेते हैं।
नजाकत अली, प्रधान पति, रतनपुर कलां