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मुरादाबाद वापस आने को मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
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मुरादाबाद। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए किए गए लॉकडाउन की वजह से चक्कर की मिलक निवासी छह लोग केरल के कन्नूर जनपद में फंस गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्वीट कर मुरादाबाद वापसी आने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि अब उनके पास रुपये भी खत्म होने लगे हैं। ऐसे में आगामी दिनों में परेशानी होगी।
चक्कर की मिलक निवासी अकरम ने बताया कि केरल के कन्नूर जिले के पानूर में उनका सैलून है। घर और दुकान दोनों ही किराए पर हैं। लॉकडाउन होने की वजह से काम बंद हो गया है और वह घर में हैं। उनके साथ बड़ा भाई, भाभी, चचेरा भाई और पांच कर्मचारी हैं। इसमें एक कर्मचारी संभल और एक बिलारी का है। अकरम ने बताया कि भाभी गर्भवती है। उनके पत्नी, माता-पिता और बच्चे मुरादाबाद में ही हैं। 36 दिनों से काम न होने की वजह से बचत खत्म हो रही है। सरकार की ओर से 15 दिन मे पांच किलो चावल, एक किलो प्याज, एक किलो आलू, आधा किलो टमाटर, तीन किलो आटा मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार या किसी व्यक्ति से शिकायत नहीं है, लेकिन अपना घर अपना ही होता है। इसलिए वह मुरादाबाद लौटना चाहते हैं। अकरम का कहना है कि सैलून का काम कब शुरू होगा, इसको लेकर अनिश्चितता है। पूरी बचत खत्म हो जाए तो इससे बेहतर है कि वह मुरादाबाद में रहें। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से भी गुहार लगाई है।
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चक्कर की मिलक निवासी अकरम ने बताया कि केरल के कन्नूर जिले के पानूर में उनका सैलून है। घर और दुकान दोनों ही किराए पर हैं। लॉकडाउन होने की वजह से काम बंद हो गया है और वह घर में हैं। उनके साथ बड़ा भाई, भाभी, चचेरा भाई और पांच कर्मचारी हैं। इसमें एक कर्मचारी संभल और एक बिलारी का है। अकरम ने बताया कि भाभी गर्भवती है। उनके पत्नी, माता-पिता और बच्चे मुरादाबाद में ही हैं। 36 दिनों से काम न होने की वजह से बचत खत्म हो रही है। सरकार की ओर से 15 दिन मे पांच किलो चावल, एक किलो प्याज, एक किलो आलू, आधा किलो टमाटर, तीन किलो आटा मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार या किसी व्यक्ति से शिकायत नहीं है, लेकिन अपना घर अपना ही होता है। इसलिए वह मुरादाबाद लौटना चाहते हैं। अकरम का कहना है कि सैलून का काम कब शुरू होगा, इसको लेकर अनिश्चितता है। पूरी बचत खत्म हो जाए तो इससे बेहतर है कि वह मुरादाबाद में रहें। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से भी गुहार लगाई है।
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