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अमर उजाला एक्सक्लूसिव : जांच में खुलासा, जलती सिगरेट से लगी थी देहरादून शताब्दी में आग

Sat, 03 Apr 2021 11:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 03 Apr 2021 11:49 AM IST
सार

  • बड़ौदा हाउस के अधिकारियों ने पूरी की जांच
  • यात्रियों और रेल स्टाफ के बयानों तथा सीसीटीवी से हुई पुष्टि

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Shatabdi Express Fire moradabad News : Investigation revealed that fire in Shatabdi Expres was due to burning cigarette 
देहरादून शताब्दी में आग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नई दिल्ली-देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस के सी-5 कोच में आग लगने की वजह जलती हुई सिगरेट थी, जिसे एक यात्री ने ट्रेन के शौचालय के कूड़ेदान में डाला था। वहीं से आग फैल गई। उत्तर रेलवे के जोनल मुख्यालय यानी बड़ौदा हाउस के अधिकारियों ने अपनी जांच पूरी कर ली है। ट्रेन के यात्रियों, टीटीई स्टाफ, गार्ड के बयानों और सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से सिगरेट से आग लगने की पुष्टि हुई है।

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नई दिल्ली से देहरादून जा रही शताब्दी एक्सप्रेस (02017) में रायवाला और कांसरो के बीच 13 मार्च को यह हादसा हुआ था। इसके बाद रेल महकमे में अफरा-तफरी का माहौल था। जोनल मुख्यालय के चार वरिष्ठ अधिकारियों ने यह जांच पूरी है। इसमें सीआरएसई कोचिंग शैलेंद्र सिंह, सीईएसई वीना सिन्हा, सीओएम-जी नीरज सहाय और सीएससी आरपीएफ पंकज गंगवार शामिल हैं। 
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आग ट्रेन के सी-5 कोच में लगी थी, इसके बराबर वाले कोच यानी सी-4 की सीसीटीवी फुटेज चेक की गई तो उसमें एक यात्री शौचालय जाते हुए दिख रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक यात्री 11.58 बजे शौचालय में जाने के बाद 12.05 बजे बाहर आया। इसके बाद तकरीबन 12.11 बजे ट्रेन के कोच में आग लगी। जले हुए कोच की फारेंसिक जांच में भी कूड़ेदान से आग लगने के साक्ष्य मिले हैं। इसके बाद मुख्यालय की टीम ने इसे प्रमाणित करने के लिए कूडे़दान में सिगरेट फेंक कर जांच भी की जोकि सही साबित हुई। 
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अधिकारियों का मानना है कि कोविड अवधि में कोच सैनिटाइज किये जा रहे हैं। इससे भी आग को फैलने में सहायता मिली होगी। गौरतलब है कि शुरूआत में कोच के एसी में शार्ट सर्किट को आग की वजह माना जा रहा था लेकिन बड़ौदा हाउस से आई जांच रिपोर्ट ने सब कुछ स्पष्ट कर दिया है। हालांकि सीसीटीवी फुटेज में जो यात्री शौचालय जाते हुए दिख रहे हैं उनकी पहचान नहीं हो पाई है।

ट्रेनों में धातु के कूडे़दान रखने और फायर डिटेक्शन लगाने के निर्देश
वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने जांच पूरी करने के बाद सभी रेल मंडलों को निर्देश भी दिए हैं। इसमें कहा गया है कि सभी ट्रेनों के कोच में रखे जाने वाले कूड़ेदान धातु के बने होने चाहिए जिससे ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। साथ ही सभी कोचों में ऑटोमेटिक फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाए जाने चाहिए। इससे आग पर समय रहते काबू पाने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा टीम ने रायवाला के स्टेशन अधीक्षक, ट्रेन के लोको पायलट और गार्ड के कार्य की सराहना की है। इन्होंने समय रहते यात्रियों को दूसरे कोच में शिफ्ट किया और जिस कोच में आग लगी थी उसे ट्रेन से अलग कर दिया। इसके लिए रायवाला स्टेशन अधीक्षक और शताब्दी एक्सप्रेस के गार्ड को जीएम आशुतोष गंगल सम्मानित भी कर चुके हैं।


13 मार्च को ट्रेन नंबर 02017 नई दिल्ली-देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस के सी-5 कोच में आग लगी थी। यह घटना रायवाला और कांसरो के बीच वन क्षेत्र में हुई। उत्तर रेलवे के जोनल मुख्यालय की टीम ने इसकी जांच पूरी कर ली है और ट्रेन में सिगरेट की चिंगारी से आग लगने की पुष्टि हुई है।
- रेखा शर्मा, सीनियर डीसीएम
 

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