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मुरादाबाद: युवती से दुष्कर्म में मामा को दस साल का कठोर कारावास, 27 हजार का जुर्माना भी लगा
Wed, 15 Sep 2021 10:13 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 15 Sep 2021 10:13 PM IST
सार
मुरादाबाद में युवती से दुष्कर्म के आरोपी मामा को कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाई है साथ ही 27 हजार का जुर्माना भी लगाया है। आरोपी मामा ने मानसिक रूप से कमजोर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था।
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फाइल फोटो
- फोटो : Social Media
विस्तार
मुरादाबाद के बिलारी थाना इलाके में दस नौ साल पहले मानसिक रूप से कमजोर युवती के साथ दुष्कर्म करने वाले मुलजिम मामा को अदालत ने दोषी करार दिया है। अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए दोषी मामा को दस साल के कठोर कारावास के साथ साथ 27 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
बिलारी थाने में 13 अगस्त 2012 को पीड़ित किशोरी के पिता ने केस दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि उसकी 16 वर्षीय बेटी है। वह मानसिक रूप से कमजोर है। वादी ने बताया था कि 6 -7 माह पहले उसका सगा साला उसके घर आया था। उस वक्त उसकी पत्नी की तबीयत बहुत खराब थी।
तीमारदारी के लिए आरोपी अपनी भांजी को साथ ले गया था। वादी ने बताया कि एक माह बाद बेटी वापस आई, लेकिन वह गुमसुम सी रहने लगी थी। करीब 6 माह बाद जब किशोरी का पेट बढ़ने लगा, तब घर वालों को शक हुआ और किशोरी से पूछताछ की। जिस पर उसने बताया कि मामा ने उसके साथ दुष्कर्म किया था।
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बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर किशोरी का मेडिकल कराया थ। जिसमें उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा उसकी आयु भी 19 वर्ष आई थी। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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बिलारी थाने में 13 अगस्त 2012 को पीड़ित किशोरी के पिता ने केस दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि उसकी 16 वर्षीय बेटी है। वह मानसिक रूप से कमजोर है। वादी ने बताया था कि 6 -7 माह पहले उसका सगा साला उसके घर आया था। उस वक्त उसकी पत्नी की तबीयत बहुत खराब थी।
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तीमारदारी के लिए आरोपी अपनी भांजी को साथ ले गया था। वादी ने बताया कि एक माह बाद बेटी वापस आई, लेकिन वह गुमसुम सी रहने लगी थी। करीब 6 माह बाद जब किशोरी का पेट बढ़ने लगा, तब घर वालों को शक हुआ और किशोरी से पूछताछ की। जिस पर उसने बताया कि मामा ने उसके साथ दुष्कर्म किया था।
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बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर किशोरी का मेडिकल कराया थ। जिसमें उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा उसकी आयु भी 19 वर्ष आई थी। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इस मुकदमा को फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या प्रथम योगेंद्र चौहान की अदालत में सुना गया। जिसमें बचाव पक्ष का कथन था कि उसे पारिवारिक रंजिश के कारण झूठा फंसाया गया है। किशोरी नाबालिग लड़की नहीं है। वहीं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक यादव ने अदालत को बताया कि पीड़िता ने अपने बयानों में आरोपी द्वारा किए गए जघन्य अपराध को अदालत के समक्ष बताया है।
पीड़िता के मेडिकल में गर्भवती होने की पुष्टि हुई है। अदालत ने पत्रावली में मौजूद गवाहों की गवाही के आधार पर आरोपी मामा को दुष्कर्म का आरोपी मानते हुए उसे दस साल के कठोर कारावास के साथ साथ 27 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की धनराशि का आधा हिस्सा पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाने के भी आदेश जारी किए गए हैं।
पीड़िता के मेडिकल में गर्भवती होने की पुष्टि हुई है। अदालत ने पत्रावली में मौजूद गवाहों की गवाही के आधार पर आरोपी मामा को दुष्कर्म का आरोपी मानते हुए उसे दस साल के कठोर कारावास के साथ साथ 27 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की धनराशि का आधा हिस्सा पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाने के भी आदेश जारी किए गए हैं।