फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Moradabad kanth bawal case all accused acquitted in 2014 loudspeaker was reason of two community clash

बहुचर्चित कांठ बवाल : कैबिनेट मंत्री और भाजपा नगर विधायक समेत 74 मुलजिम दोषमुक्त 

Tue, 11 Jan 2022 03:48 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Tue, 11 Jan 2022 03:48 PM IST
सार

सात साल बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला, एमपी- एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रही थी सुनवाई।

विज्ञापन
Moradabad kanth bawal case all accused acquitted in 2014 loudspeaker was reason of two community clash
फाइल फोटो - फोटो : Social Media

विस्तार

सात साल पहले उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल लाने वाले बहुचर्चित कांठ बवाल प्रकरण में मंगलवार को अदालत ने फैसला सुनाया। एमपी- एमएलए स्पेशल कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में उत्तर प्रदेश की सरकार में पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह और भाजपा नगर विधायक रितेश गुप्ता समेत 74 आरोपी भाजपाइयों को दोष मुक्त कर दिया है। 

विज्ञापन


तकरीबन सात साल पहले मुरादाबाद जनपद के कांठ थाना क्षेत्र अकबरपुर चैंदरी में मंदिर पर लाउडस्पीकर बजाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। उस वक्त प्रदेश में सपा की सरकार थी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। दोनों पक्षों की लिखित सहमति के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मंदिर से लाउडस्पीकर उतरवा दिए थे। जिसके विरोध में भाजपा की ओर से कांठ में महापंचायत बुलाई गई थी। महापंचायत को रोकने को लेकर पुलिस और भाजपाइयों में भिड़ंत हो गई थी, जिसमें जमकर बवाल हुआ था। तत्कालीन डीएम समेत कई अन्य घायल हो गए थे। 
विज्ञापन


कांठ थाने में कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, भाजपा के मुरादाबाद नगर विधायक रितेश गुप्ता समेत अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। केस में रेलवे विभाग का काफी नुकसान होने की बात कही गई थी। इस मामले में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस ने 31 अगस्त 2014 को आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया था। जिस पर 19 सितंबर 2014 को अदालत ने संज्ञान लेते हुए मुकदमे की सुनवाई शुरू की। इन मुकदमों की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट पुनीत गुप्ता की अदालत में चली। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता पीके जैन, रमेश कुमार आर्य, संजीव राघव, सुधीर गुप्ता ने बहस की। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस, पत्रावली और चार्जशीट देखने के बाद फैसला सुनाया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जिसमें मंत्री भूपेंद्र सिंह व नगर विधायक रितेश गुप्ता समेत अन्य आरोपियों के हक में फैसला आया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मोहनलाल विश्नोई ने बताया कि मुकदमे के 74 आरोपी दोष मुक्त किए गए हैं। दो आरोपी की पत्रावली पृथक कर दी गई है। 

मंदिर से लाउडस्पीकर हटाने पर शुरू हुआ था विवाद 
कांठ थानाक्षेत्र के अकबरपुर चैंदरी गांव में जून 2014 में विवाद की शुरुआत हुई थी। तब सपा सरकार काल में मंदिर से लाउडस्पीकर हटवाने का आदेश दिया था, तब दो समुदाय आमने-सामने आ गए थे। जिसके बाद पुलिस के आलाधिकारियों ने दोनों समुदायों के लोगों को आपस में बैठाकर लिखित रूप से समझौता करा दिया था, लेकिन यह बात जब एक पक्ष के नेताओं की जानकारी में आई, तब माह जुलाई में महापंचायत बुलाई गई थी।

यह महापंचायत 4 जुलाई 2014 को ही जानी सुनिश्चित की गई। इस महापंचायत में मुरादाबाद जिले के अलावा बिजनौर अमरोहा, संभल क्षेत्र के भाजपा नेता भी शामिल हुए थे। जिसमें भाजपा नेताओं के ऊपर आरोप लगा कि उन्होंने जनता को उकसा कर धार्मिक उन्माद फैलाने का प्रयास किया। जिसके फलस्वरूप जनता ने बवाल किया। जिसमें रेलवे ट्रैक को बाधित करते हुए जमकर पथराव किया गया था। संवाद 


दो आरोपियों की पत्रावली पृथक 
58 पेजों के आदेश में 74 आरोपी दोष मुक्त कर दिया गया है। इसी मुकदमे के दो आरोपियों जिनमें बिजनौर के सुधीर कुमार गुप्ता व मुरादाबाद के कमल वीर सिंह की पत्रावली अलग कर दी गई है। यह आरोपी पिछली कई तारीखों से गैरहाजिर थे। जिनकी पत्रावली पर सुनवाई होनी शेष है। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed