{"_id":"6004a7f18ebc3e2e750b20a4","slug":"moradabad-is-on-eighth-place-in-pollution-city-news-mbd3764946176","type":"story","status":"publish","title_hn":"सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में सातवें नंबर पर मुरादाबाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में सातवें नंबर पर मुरादाबाद
विज्ञापन
मुरादाबाद। मुरादाबाद की हवा ज्यादातर समय प्रदूषित रहती है। रविवार सुबह नौ बजे मुरादाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 345 दर्ज किया गया, जो देश में आठवें नंबर पर था। प्रदूषण की यह स्थिति लगातार चार महीने से बनी हुई है। कोरोना संक्रमण काल में ग्रीन जोन में पहुंचे मुरादाबाद का आखिरी बार 50 से कम एक्यूआई 25 सितंबर को दर्ज किया गया था।
मौसम के बिगड़े मिजाज का असर वायु गुणवत्ता पर पड़ रहा है। नए साल में मुरादाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक आठ दिन लाल जोन, पांच दिन पीले और तीन दिन नारंगी जोन में दर्ज किया गया। रविवार सुबह मुरादाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 345 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर था, जिसमें पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 403, पीएम 10 का अधिकतम स्तर 347 और नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का अधिकतम स्तर 105 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर था। विशेषज्ञों के अनुसार स्तर बहुत खराब श्रेणी में आता है। लंबे समय तक ऐसे वातावरण में रहने पर सांस की बीमारी होने का खतरा रहता है। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विकास मिश्र के अनुसार पश्चिमी उत्तरप्रदेश के सभी शहरों में वायु प्रदूषण की यही स्थिति है, क्योंकि कोहरे और ठंड की वजह से भारी कण वातावरण में बिखर नहीं पाते हैं।
शहर एक्यूआई
ग्रेटर नोएडा 399
नोएडा 396
कानपुर 376
गुवाहाटी 365
बुलंदशहर 365
गाजियाबाद 364
दिल्ली 347
दुर्गापुर 351
मुरादाबाद 345
विज्ञापन
मौसम के बिगड़े मिजाज का असर वायु गुणवत्ता पर पड़ रहा है। नए साल में मुरादाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक आठ दिन लाल जोन, पांच दिन पीले और तीन दिन नारंगी जोन में दर्ज किया गया। रविवार सुबह मुरादाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 345 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर था, जिसमें पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 403, पीएम 10 का अधिकतम स्तर 347 और नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का अधिकतम स्तर 105 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर था। विशेषज्ञों के अनुसार स्तर बहुत खराब श्रेणी में आता है। लंबे समय तक ऐसे वातावरण में रहने पर सांस की बीमारी होने का खतरा रहता है। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विकास मिश्र के अनुसार पश्चिमी उत्तरप्रदेश के सभी शहरों में वायु प्रदूषण की यही स्थिति है, क्योंकि कोहरे और ठंड की वजह से भारी कण वातावरण में बिखर नहीं पाते हैं।
विज्ञापन
शहर एक्यूआई
ग्रेटर नोएडा 399
नोएडा 396
कानपुर 376
गुवाहाटी 365
बुलंदशहर 365
गाजियाबाद 364
दिल्ली 347
दुर्गापुर 351
मुरादाबाद 345