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Moradabad: जीआईएस सर्वे ने बढ़ा दी नगर निगम में आपत्तियां, 1700 का नहीं हुआ निस्तारण, अब कैंप लगाने की तैयारी

Tue, 22 Oct 2024 10:18 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Tue, 22 Oct 2024 10:18 AM IST
सार

मुरादाबाद में जीआईएस सर्वे के बाद हाउस टैक्स को लेकर निगम में 1700 से अधिक शिकायतें लंबित हैं। जहां लोगों ने गलत वर्गीकरण और कवर्ड एरिया बढ़ाकर दिखाने का आरोप लगाया है। निगम ने पहली छमाही में 22 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली की है, जो पिछले साल से अधिक है।

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Moradabad: GIS survey increased the objections in the Municipal Corporation, 1700 objections were not resolved
नगर निगम मुरादाबाद - फोटो : संवाद

विस्तार

मुरादाबाद में हाउस टैक्स के लिए पीतलनगरी में हुए जीआईएस (ज्योग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम) सर्वे को लेकर निगम में शिकायतों की भरमार है। अब भी निगम के पास गृह कर के 1700 से अधिक मामले लंबित पड़े हुए हैं। निगम को हर दिन 15 से 20 आपत्तियां प्राप्त हो रही हैं।

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लोगों का आरोप है कि सर्वे ठीक तरीके से नहीं किया गया है। कहीं, मकान को काॅमर्शियल श्रेणी में रख दिया गया है तो कहीं, दुकानदारों को ही पूरे मकान के हाउस टैक्स का नोटिस भेज दिया गया। निगम में हाउस टैक्स में कवर्ड एरिया को लेकर भी शिकायतें पहुंची हैं।
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लोगों का आरोप है कि ऑनलाइन सर्वे होने की वजह से संपत्ति का कवर्ड एरिया ज्यादा दिख रहा है। बहुत सारे लोगों ने अपने घर की दूसरी या तीसरी मंजिल पर थोड़ा सा निर्माण कराकर छोड़ दिया था। सर्वे में उसे भी पूरा कवर्ड दिखा दिया गया है।
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इसके हिसाब से उनका टैक्स ज्यादा हो गया है। नगर निगम प्रशासन अब इन सभी आपत्तियों के निस्तारण के लिए दीपावली के बाद कैंप लगाएगा।

पहली छमाही में हुई 22 करोड़ की वसूली 

नगर निगम ने जीआईएस सर्वे के बाद की पहली छमाही में 22 करोड़ आठ लाख रुपये का टैक्स वसूला है। वहीं पिछले वर्ष पहली छमाही में निगम ने 19 करोड़ 73 लाख रुपये की वसूली की थी। निगम के अधिकारियों का दावा है कि नए निर्माण और नई संपत्तियों की वजह से टैक्स में बढ़ोतरी हुई है।


अधिकारियों के अनुसार इस बार 8790 नए भवन और 50 हजार ऐसे भवनों से टैक्स वसूला गया है, जिन्होंने पहले कभी टैक्स नहीं जमा किया था। 

केस एक: मंडी चौक के रहने वाले आशीष अग्रवाल का आरोप है कि उनके भवन को व्यावसायिक वर्ग में रखा गया है, जबकि घर में एक भी दुकान नहीं है और न ही कोई किरायेदार है। इसको लेकर भागदौड़ कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।

केस दो: सराफा बाजार के संदीप मित्तल का कहना है कि उनकी बाजार में दुकान है। उन्हें पूरे भवन का हाउस टैक्स जमा करने का नोटिस भेजा गया है। इसको लेकर उन्होंने निगम में शिकायत भी दर्ज कर दी है। 


सभी आपत्तियों की स्थलीय जांच की जाएगी। इन आपत्तियों के निस्तारण के लिए निगम की ओर से कैंप भी लगाए जाएंगे। इससे पहले भी कैंप लगाकर आपत्तियों का निस्तारण किया गया था, जो भी नई आपत्तियां हैं उनको भी जल्द निस्तारित किया जाएगा। - दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त

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