Moradabad: युवक की गैर इरादतन हत्या में चार को आजीवन कारावास, कोर्ट ने 21-21 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
संभल में अनुसूचित जाति के युवक की गैर इरादतन हत्या मामले में अदालत ने चार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा सभी पर 21-21 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। 2011 में छेड़खानी के आरोप के बाद आरोपियों ने युवक की पिटाई कर उसे थाने ले जाकर केस दर्ज कराया था। बाद में उसकी हालत बिगड़ने पर अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
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अनुसूचित जाति के युवक की गैर इरादतन हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार (एससी-एसटी एक्ट) की अदालत ने सोमवार को धर्मपाल, यशपाल, हरिओम और रुस्तम सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालतों ने चारों पर 21-21 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
संभल के कुढ़फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के अहलादपुर करार निवासी प्रेम वाल्मीकि ने 23 सितंबर 2011 को गांव निवासी धर्मपाल, यशपाल, हरिओम और रुस्तम के खिलाफ हत्या, एससी एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्रेम ने बताया कि उसके बेटे शनि (22) पर धर्मपाल की पत्नी ने छेड़खानी करने का आरोप लगाया था।
जिस कारण शनि घर छोड़कर चला गया था। 22 सितंबर 2011 की शाम करीब छह बजे शनि गांव लौट आया था। इसके बाद शनि खेत पर घूमने चला गया था। चंद्रपाल के खेत में आरोपियों ने शनि को घेर लिया और उसकी पिटाई की थी। इसके बाद चारों आरोपी शनि को कुढ़फतेह थाने ले गए और वहां पुलिस के हवाले कर दिया था।
शनि के खिलाफ ही केस दर्ज करा दिया था। पुलिस ने घायल शनि को चंदौसी के अस्पताल में इलाज कराया और मेडिकल कराया। इसके बाद पुलिस उसे थाने ले गई थी। थाने में उसकी हालत बिगड़ गई तो पुलिस उसे जिला अस्पताल मुरादाबाद ले गई थी, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
इस केस की सुनवाई विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार(एससी-एसटी एक्ट) की अदालत में चली। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और साक्ष्यों के आधार पर इस मामले को गैर इरादतन हत्या मानते हुए सोमवार को फैसला सुनाया है। अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है जबकि चारों दोषियों पर 21-21 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
लूट में दो दोषियों को 5-5 साल की सजा
एडीजे आठ आरके गौतम की अदालत ने लूट के मामले में सलीम और आसिफ को दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल की सजा और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। डिलारी के महमूदपुर लाल निवासी सराफ मनोज कुमार ने 17 अप्रैल 2011 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मनोज ने बताया कि वह अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे।
रास्ते में बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और तमंचा दिखाकर सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए थे। इस मामले में पुलिस ने उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर थाना क्षेत्र के कठोरा ताल निवासी सलीम और काशीपुर के ही काजीवाल निवासी आसिफ को गिरफ्तार कर खुलासा किया था।
इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे-आठ आरके गौतम की अदालत में चली। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सोमवार को सलीम और आसिफ को दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल की सजा और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।