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Moradabad: एक साल बाद भी 74 दुष्कर्म पीड़िताओं को नहीं मिला मुआवजा, अफसरों के दफ्तरों का लगा रहीं चक्कर

Mon, 26 Feb 2024 01:57 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Mon, 26 Feb 2024 01:57 PM IST
सार

सरकार दुष्कर्म पीड़िताओं को आर्थिक मुआवजा देती है।  जिले में बने पैरवी सेल की ओर से इसके लिए दस्तावेज तैयार किए जाते हैं। इसके बाद इसे शासन को भेजी जाती है। जिले में 2022 के बाद किसी को भी मुआवजा नहीं मिल पाया। 

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Moradabad: Even after year 74 victims did not get compensation, are still visiting officers offices
यूपी पुलिस का वाहन - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मुरादाबाद के 74 दुष्कर्म पीड़िताओं को पिछले एक साल से मुआवजा नहीं मिला है। इन सभी मामलों में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल करने के बाद पीड़िताओं को मुआवजा दिलाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन पीड़िताओं के खाते में अब तक मुआवजे की रकम नहीं आई है।

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पीड़िताएं मुआवजे के लिए अफसरों के दफ्तर के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। दुष्कर्म, छेड़खानी और पॉक्सो के मामलों की कोर्ट में मजबूत पैरवी के लिए जिला स्तर पर पैरवी सेल बनाया गया है। पैरवी सेल में तैनात पुलिस कर्मी पीड़िताओं की काउंसिलिंग करते हैं।
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उनकी सुरक्षा और कोर्ट में बयान देने तक की पूरी जिम्मेदारी होती है। जबकि सरकार की ओर से दुष्कर्म पीड़िताओं को आर्थिक मुआवजा देने का प्रावधान है। पीड़िता की शिकायत पर थाने में दर्ज होने वाले केसों की विवेचना की जाती है। विवेचना पूरी होने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाती है।
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इसके बाद पीड़िताओं को मुआवजा किया जाता है। पैरवी सेल की ओर से पीड़िता के दस्तावेज तैयार किए जाते हैं। फाइल तैयार होने के बाद डीपीओ के जरिए फाइल शासन को भेजी जाती है। इसके बाद ही मुआवजा मिलता है। 2022 तक मुआवजा मिला।


इसके बाद पीड़िताएं मुआवजे के लिए भटक रही हैं। 2023 में 74 दुष्कर्म पीड़िताओं की फाइल शासन को मुआवजे के लिए भेजी गई थी, लेकिन एक भी पीड़िता को मुआवजा नहीं मिला है। 2024 में दो फाइलें भेजी थी, लेकिन इनका मुआवजा भी अभी तक नहीं मिला है।

डीपीओ अनुराग श्याम रस्तोगी ने बताया कि जिला स्तर से मुआवजे के लिए शासन को फाइल भेजी जाती हैं। शासन से सीधे पीड़िता के खाते ही मुआवजे की रकम आती है।

 

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