Moradabad Court: अवमानना केस में आजम खां ने मांगा समय, बीमारी के कारण पेश नहीं हुए, अगली सुनवाई 30 को
सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम समेत अन्य के खिलाफ 2008 में छजलैट थाने में केस दर्ज किया गया था। इसमें आजम खां कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। तब उनके खिलाफ अदालत के आदेश की अवमानना मामले में दूसरा केस दर्ज किया गया।
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सपा नेता आजम खां के खिलाफ चल रहे अदालत के आदेश की अवमानना के मामले में मंगलवार को बचाव पक्ष का गवाह पेश नहीं हुआ। उनके वकील ने गवाह के लिए समय की मांग की। जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 30 अक्तूबर की तारीख तय की है।
विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम समेत अन्य के खिलाफ 2008 में छजलैट थाने में केस दर्ज किया गया था। इस मामले में आजम खां कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। तब उनके खिलाफ अदालत के आदेश की अवमानना में केस दर्ज किया गया था।
केस की सुनवाई लघु वाद न्यायाधीश एमपी सिंह की अदालत में जारी है। आजम खां की तरफ से अपने बचाव में बतौर गवाह पेश होना था लेकिन उनके वकील ने इसके लिए अदालत से समय की मांग की। वकील ने बताया कि गवाह डेंगू से पीड़ित है।
अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए 30 अक्तूबर नियत करते हुए बचाव पक्ष को शेष गवाह प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
आज होगी अब्दुल्ला की उम्र मामले में सुनवाई
अब्दुल्ला आजम के नाबालिग होने या नहीं होने के मामले में बुधवार से जिला न्यायाधीश डॉ. अजय कुमार की अदालत में सुनवाई शुरू की जाएगी। अब्दुल्ला आजम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इसमें कहा था कि मुरादाबाद की एमपीएमएलए स्पेशल कोर्ट ने उन्हें गलत सजा सुनाई थी।
घटना के वक्त वह नाबालिग थे। इस कारण से उनके मुकदमे की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड द्वारा की जानी चाहिए थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मुरादाबाद जनपद न्यायाधीश को अब्दुल्ला आजम के उम्र निर्धारण के लिए पत्रावली पर सुनवाई के लिए आदेशित किया है।