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मुरादाबाद: 80 फीसदी मरीजों में नहीं दिखे लक्षण, सामान्य दवाओं से हुई रिकवरी

Mon, 11 May 2020 02:45 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद Published by: प्राची प्रियम Updated Mon, 11 May 2020 02:45 PM IST
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Moradabad coronavirus patients recovers with the normal medicines
कोरोना वायरस - फोटो : PTI

कोरोना संक्रमण की दृष्टि से प्रदेश के आठ शहर मुरादाबाद से ऊपर हैं। मुरादाबाद उत्तर प्रदेश के टॉप टेन जिलों में 9वें स्थान पर है। जिले में 80 फीसदी से अधिक मरीजों में कोरोना के लक्षण नहीं उभरे हैं। जिससे मरीजों के ठीक होने का अनुपात भी अन्य जिलों की तुलना में अच्छा रहा है। 

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पेरासिटामोल और सामान्य एंटीबायोटिक जैसी दवाओं से ही संक्रमितों का इलाज हुआ। 73 फीसदी मरीजों की रिकवरी के साथ मुरादाबाद प्रदेश में 5वें पायदान पर है।

जनसंख्या घनत्व के लिहाज से मुरादाबाद अतिसंवेदनशील है। 19 मार्च को जिले में फ्रांस से लौटी युवती के संक्रमित होने के साथ पहला मामला आया। 10 अप्रैल को युवती की अस्पताल से छुट्टी हो गई। 12 अप्रैल से मुरादाबाद में संक्रमित केस की बाढ़ सी आ गई। 
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9 मई तक संक्रमितों का आंकड़ा 126 पहुंच गया। संक्रमितों के इलाज के लिए प्रशासन ने तीर्थांकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) समेत 10 निजी अस्पतालों को अधिग्रहीत किया है। महिला मैटरनिटी विंग में कोविड-19 एल 1 अस्पताल और जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में मरीजों का इलाज हो रहा है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. एमसी गर्ग के मुताबिक मुरादाबाद के संक्रमित केस संख्या बढ़ने के साथ रिकवरी का औसत भी दूसरे जिलों से आगे है। इसकी वजह संक्रमितों की समय पर पहचान और उनमें लक्षण नहीं उभरना रहा है। 

जिले में 80 फीसदी मरीजों में बुखार, जुकाम और सांस फूलने जैसे कोई गंभीर लक्षण नहीं थे। अधिकतर मरीजों को दवा की जरूरत ही नहीं पड़ी। जिन्हें बुखार या जुकाम जैसी हल्की शिकायत भी थी 10 से 16 दिन के अंतराल में दूसरी निगेटिव रिपोर्ट आने पर डिस्चार्ज कर दिया गया। 


जिले में 90 मरीजों की अस्पताल से छुट्टी हो चुकी है। जिले में पांच मरीजों की मौत हुई है। संक्रमित लोगों के मधुमेह होने से ही वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

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