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मुरादाबाद बस दुर्घटना: घायलों के नहीं बने मददगार, साथी समेत चार को मरा छोड़ पुलिसकर्मी हुए फरार
Tue, 29 Jun 2021 02:37 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 29 Jun 2021 02:37 AM IST
सार
सोमवार की सुबह दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर मझोला थानाक्षेत्र के गांव मनोहरपुर के पास टीआई धर्मेंद्र राठौर पांच पुलिस कर्मियों के साथ अवैध रूप से वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान पंजाब के संगरूर से 23 लोगों को लेकर आ रही पिकअप को रोक लिया और चालक से वसूली की बात करने लगे। तभी पीछे से एक डबल डेकर बस आ गई। पुलिस कर्मियों ने बस को रोकने की कोशिश की। चालक के संतुलन खोने से बस पिकअप से टकराकर पलट गई।
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मुरादाबाद बस दुर्घटना
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
हाईवे स्थित मनोहरपुर गांव के पास अवैध रूप से वसूली में लगे पुलिसकर्मी हादसे के बाद घायल यात्रियों के मददगार नहीं बने। मदद की गुहार और चीखपुकार के बीच पुलिसकर्मी अपने साथी ब्रज किशोर समेत चार को मरने जैसे हालात में छोड़कर मौके से भाग गए। बाद में खेतों में काम करने वाले घायलों की मदद के लिए मौके पर पहुंचे। वहीं मझोला और पाकबड़ा थाने की पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
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सोमवार की सुबह दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर मझोला थानाक्षेत्र के गांव मनोहरपुर के पास टीआई धर्मेंद्र राठौर पांच पुलिस कर्मियों के साथ अवैध रूप से वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान पंजाब के संगरूर से 23 लोगों को लेकर आ रही पिकअप को रोक लिया और चालक से वसूली की बात करने लगे। तभी पीछे से एक डबल डेकर बस आ गई। पुलिस कर्मियों ने बस को रोकने की कोशिश की। चालक के संतुलन खोने से बस पिकअप से टकराकर पलट गई।
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हादसे में चेकिंग कर रहे एक पुलिस कर्मी सहित पिकअप में सवार तीन लोगों की मौत हो गई और 19 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद अवैध वसूली में लगे पुलिसकर्मी न अपने साथी को बचाने के लिए आगे आए और न ही घायल दूसरे यात्रियों की मदद की।
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हादसे के बाद इनोवा कार लेकर पुलिसकर्मी साथी समेत चार को उनके हाल पर छोड़कर भाग निकले। चश्मदीदों में शामिल वाहिद निवासी मनोहरपुर और अंकित निवासी गुन्नौर दी माफी का कहना है कि चेकिंग के लिए खड़े पुलिसकर्मियों ने बेहद संवेदनहीनता दिखाई। जबकि हादसे में एक सिपाही की भी बस की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई थी। चश्मदीदों का कहना है कि पुलिसकर्मी अपने साथी के भी नहीं हुए।
हादसे के बाद चेकिंग करने पहुंचा प्रवर्तन दल
नौकरशाहों पर इतने भीषण हादसे के बाद भी कोई फर्क नहीं पड़ा। हादसा करीब सवा छह बजे हुआ और आठ बजे परिवहन विभाग का प्रवर्तन दल वहां पहुंचकर दोबारा चेकिंग करने लगा। इससे मौके पर खड़े ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने प्रवर्तन दल के साथ बहस करनी शुरू कर दी, इसके बाद परिवहन विभाग की गाड़ी वहां से चली गई। हालांकि ग्रामीणों का कहना था कि जो हादसे से पहले चेकिंग कर रहे थे वे पुलिसकर्मी दूसरे थे।
ट्रैफिक इंस्पेक्टर जहां चेकिंग करा रहे थे वहां नहीं है चेक प्वाइंट : एसएसपी
हाईवे पर सोमवार की सुबह हुए हादसे की वजह ट्रैफिक पुलिस की अवैध वसूली थी। यह तथ्य पुलिस की जांच में सामने आया है कि हाईवे पर सोमवार सुबह यातायात पुलिस के निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह राठौर अपनी टीम के साथ हाईवे पर चेकिंग कर रहे थे। हादसे में जान गंवाने वाला सिपाही निरीक्षक का हमराह था। पुलिस ने निरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है। घटना के बाद से जांच में जुटी पुलिस ने जब घायलों, मृतकों के परिवार वालों और पिकअप के चालक रक्षपाल से बातचीत की तो यह तथ्य सामने आए।
एसएसपी पवन कुमार ने बताया कि जांच में पता चला है कि इनोवा कार के साथ छह पुलिसकर्मी मनोहरपुर के पास हाईवे पर पिकअप को रुकवाकर चालक से उसके कागजात चेक कर रहे थे। बीमा का कागज न होने पर पुलिसकर्मी पिकअप चालक से पैसे के लेनदेन की बात कर रहे थे। तभी पीछे से आ रही डबल डेकर बस को भी रोकने का प्रयास पुलिस वालों ने किया। बस रोके जाने का इशारा मिलने पर चालक ने स्पीड बढ़ा दी, जिससे बस अनियंत्रित होकर पिकअप में टक्कर मारकर डिवाइडर से जा टकराई और दूसरी ओर जाकर पलट गई। एसएसपी ने बताया कि जांच में यह तथ्य भी सामने आएं हैं कि ट्रैफिक इंस्पेक्टर जहां पर चेकिंग करा रहे थे वहां पर कोई चेकिंग प्वाइंट नहीं है।