मुरादाबाद रिश्वत कांड: दरोगा ने मांगे 40 हजार... 20 में तय हुआ था साैदा, पुलिस केस दर्ज कर ऐसे करती है खेल
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बिलारी थाने में हेड कांस्टेबल को 15 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। इस बीच दरोगा रवि प्रकाश भाग गया। कुंदरकी थाने में कौशल कुमार और दरोगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
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दरोगा रवि प्रकाश ने किसान से उनके दो बेटों के नाम मुकदमे से नाम निकालने के बदले 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। किसान ने अपने बीमार भाई का इलाज कराने और आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए 20 हजार में बात तय कर ली थी। वह चार दिन से दरोगा को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाने की योजना बना रहे थे, लेकिन दरोगा के बजाय उसका विश्वास पात्र हेड कांस्टेबल कौशल कुमार पकड़ा गया।
बिलारी के सिहारी नंदा गांव निवासी किसान मितेंद्र सिंह ने बताया कि जब उसे पता चला कि दरोगा की मिलीभगत से उसके खिलाफ भी थाने में मुकदमा दर्ज हो गया है, तब वह सात सितंबर को थाने में जाकर दरोगा रवि प्रकाश से मिले और कहा कि तुमने गलत मुकदमा दर्ज करा दिया है। इस मुकदमे का फैसला कराइए या मेरे बेटों के नाम केस निकाल दें।
दरोगा ने दो दिन बाद मिलने और गवाहों को लेकर आने के लिए कह दिया था। मितेंद्र 12 सितंबर को दरोगा से मिले, तब कहने लगा कि कुछ खर्चे पानी का इंतजाम कर लो, जब पूछा कि कितना खर्चा आएगा तो दरोगा ने कहा कि 40 हजार रुपये देने होंगे। मुकदमे से तुम्हारे दोनों बेटों के नाम हट जाएंगे।
16 सितंबर को फिर मितेंद्र ने दरोगा से बात की और कहा कि मेरी आर्थिक स्थिति कमजोर है, इतना नहीं कर पाऊंगा। दरोगा ने फिर दो दिन बाद आकर बात करने को कहा। 18 सितंबर को जब दरोगा से बात की, तब उसने कहा कि ठीक है तुम जल्दी बीस हजार का इंतजाम कर लो।
दरोगा रिश्वत लेने की जिद पर अड़ा है तब उन्होंने 19 सितंबर की सुबह मुरादाबाद में एंटी करप्शन ब्यूरो के कार्यालय में जाकर शिकायत कर दी। टीम ने जब दो दिन बाद बिलारी पहुंचने का समय मांग लिया तब उन्होंने दरोगा से यह बहाना बनाया कि वह अपने बीमार भाई जगनेश को दवाई दिलवाने मेरठ ले जा रहा है। 23 सितंबर की सुबह आपके द्वारा मांगी गई रकम थाने में आकर दे दूंगा।
अब दरोगा और सिपाही की संपत्तियों की होगी जांच
भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे दरोगा रवि प्रकाश और मुख्य आरक्षी कौशल कुमार को अब आर्थिक स्थिति और संपत्ति की भी जांच से गुजरना पड़ेगा। एंटी करप्शन टीम में शामिल इंस्पेक्टर सुखवीर सिंह भदौरिया ने बताया कि नियमानुसार आरोपी दरोगा और सिपाही की संपत्ति की जांच होगी जिसमें यह पता किया जाएगा कि इनको कितना वेतन मिलता है और कितनी संपत्ति है। अगर से आय से अधिक संपत्ति मिलती है तो आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा मजबूत हो सकता है।
पांच हजार रुपये पहले भी दे चुका था पीड़ित
पीड़ित मितेद्र ने एंटी करप्शन टीम को बताया कि मुकदमे में उसके दोनों बेटों के नाम हटवाने के लिए 40 हजार रुपये की मांग की गई थी, लेकिन 20 हजार में बात बनी। वह पांच हजार रुपये पहले ही दे चुका था। सोमवार को 15 हजार रुपये देने का वादा हुआ। जैसे ही हेड कांस्टेबल ने हाथ में 15 हजार की रकम पकड़ी तभी टीम ने रंगे हाथों में दबोच लिया।
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने हेड कांस्टेबल को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया है। हेड कांस्टेबल और दरोगा रवि प्रकाश के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस मामले में एसपी देहात और सीओ बिलारी से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने पर दोनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। - सतपाल अंतिल, एसएसपी