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एक लहर आई...मदद को फेंकी रस्सी छूटी, बचने की आस भी टूटी
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मुरादाबाद। गरजिया देवी दर्शन के लिए गए राजेश और उनका परिवार मंदिर के कपाट बंद मिलने पर मारचूला में फिशिंग देखने लगे गए थे। यहां नहाने की इच्छा होने पर नदी में उतर गए। लेकिन एक लहर ने परिवार में गमजदा कर दिया। नदी के साथ बह रहे राजेश और उनके बेटे की मदद के लिए किनारे खड़े लोगों ने रस्सी भी फेंकी थी। मदद की ये रस्सी उन तक पहुंच भी गई, लेकिन पीछे से आई एक तेज लहर ने मदद को फेंकी गई उस रस्सी को राजेश के हाथ से छुड़वा दिया। राजेश और उनके बेटे के बचने की वह आखिरी उम्मीद भी छूट गई। देर रात तक स्थानीय प्रशासन, पुलिस और गोताखोर मिलकर राजेश और उनके बेटे की तलाश में लगे हुए थे।
राजेश कुमार राणा के भाई जसवीर ने बताया कि राजेश और उनका पुत्र जब नदी के तेज बहाव में बहने लगे तो वहां मौजूद कुछ युवकों ने उन्हें बचाने के उनके पास तक रस्सी फेंकी। रस्सी फेंकने वाले युवक ने राजेश से चिल्ला-चिल्ला कर कहा कि वह रस्सी को अपनी कमर में बांध ले। राजेश अपने बेटे कार्मिक को गर्दन के सहारे लटकाकर बाहर निकलने का प्रयास कर रहे थे। पानी का बहाव तेज होता जा रहा था। लिहाजा राजेश ने मदद को फेंकी गई रस्सी को अपनी कमर में बांधने के बजाय एक हाथ में लपेट लिया। उसके सहारे राजेश ने बाहर आने का प्रयास भी किया, लेकिन इसी बीच धार और तेज हो गई। इससे हाथ में लपेटी गई रस्सी छूट गई। इसके बाद पलक झपकते ही राजेश और कार्मिक नदी की तेज धार में कहां बह किसी को नहीं पता।
जसवीर ने फोन पर बताया कि राजेश ने मेरठ में एक माह पहले ही जनरल मरचेंट की दुकान खोली है। नई जगह पर दुकान खोलने और लॉक डाउन के कारण वहां काम कम ही चल रहा था। लिहाजा वह एक सप्ताह पहले मुरादाबाद में पूनम विहार कॉलोनी स्थित उनके घर आकर रहने लगा था। जसवीर मुरादाबाद में ही इलेक्ट्रिक पैनल बनाने वाली एक कंपनी में काम करते हैं। रविवार को उनका अवकाश रहता है। एक दिन पहले ही तय हुआ था कि रविवार को दोनों भाई अपनी पत्नी व बच्चों के साथ रामनगर स्थित गरजिया देवी मंदिर दर्शन के लिए जाएंगे। तयशुदा कार्यक्रम के तहत दोनों भाई अपने परिवार के साथ हंसीखुशी एक गाड़ी से रामनगर के लिए सुबह सात बजे निकले थे। करीब दस बजे वह लोग रामनगर स्थित गरजिया देवी मंदिर पहुंच गए। वहां मंदिर के कपाट बंद मिले।
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जानकारी करने पर पता चला कि करोना के कारण एहतियात के तौर पर कपाट बंद किया गया है। इसके बाद बच्चे कहीं घूमने चलने की बात कहने लगे। राजेश ने वहां मौजूद लोगों से घूमने का स्थान पूछा तो किसी ने मरचूला में फीशिंग देखने की बात बता दी। फिर क्या था पहले से इरादा न होने के बाद भी सभी गाड़ी में सवार होकर मरचूला जा पहुंचे। बच्चों ने वहां पुल से मछलियों को देख आनंद उठाया। इसी बीच राजेश ने कहा कि नदी में किनारे पर कम पानी है, नहा लेते हैं। राजेश के साथ उसका आठ साल का बेटा कार्मिक और जसवीर की दोनों पुत्रियां नमशी (10) और आकृति (5) भी नहाने नदी के पानी में उतर गईं। इसके बाद हादसा हो गया।
राजेश की पत्नी ने भतीजी को बचाया, पति-बेटे को नहीं बचा सकी
मुरादाबाद। जसवीर ने बताया कि नदी में नहाने के लिए उसकी दोनों बेटी और राजेश तथा कार्मिक गए थे। वह और उनकी पत्नी तथा राजेश की ग्यारह माह की बेटी अराध्या नदी किनारे थे। जसवीर ने बताया कि जब बाढ़ आई तो सबसे पहले उनकी पांच साल की छोटी बेटी आकृति के पैर डगमगाने लगे। इस पर उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। जिसे सुन किनारे खड़ी राजेश की पत्नी मोनिका ने फुर्ती के साथ पानी में घुसकर उसे गोद में उठा बाहर निकाल दिया। इसके बाद राजेश ने मेरी बड़ी बेटी नमशी को गोद में उठा कर बाहर निकाला। राजेश का बेटा पानी में मौजूद एक बड़े पत्थर पर बैठा था। इसके बाद राजेश अपने बेटे को निकालने के लिए गया, लेकिन काफी कोशिश के बाद भी राजेश और उसका बेटा पानी में बह गए।
घर पर सन्नाटा, पड़ोसी भी सन्न
मुरादाबाद। जसवीर के पूनम विहार स्थित आवास पर सन्नाटा पसरा है। पूरा परिवार घर में ताला लगा कर मंदिर दर्शन के लिए सुबह निकला था। पड़ोसी डॉ. रामकपूर सिंह ने बताया कि दोनों भाई परिवार के साथ सुबह करीब सात बजे रामनगर जाने की बात कह कर गए थे। बाद में उन्हें राजेश और उनके बेटे के नहाते समय बहने की खबर मिली तो वह सन्न रह गए। उन्होंने बताया कि दोनों भाइयों व उनके परिवार में काफी एका है। सभी हंसी खुशी रहते हैं। उन्होंने राजेश को हंसमुख और मिलनसार बताया। कहा कि वह हमेशा दूसरों की मदद को तैयार रहता है।
मां-पिता गढ़ से पहुंचे अल्मोड़ा
मुरादाबाद। राजेश के पिता रामऔतार राणा गढ़मुक्तेश्वर में रहते हैं। तीस मार्च 2021 को ही वह स्वास्थ्य विभाग में हेल्थ वर्कर पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। राजेश व उनके बेटे के नहाते समय मरचूला में बहने की खबर सुनकर उनका रोते-रोते बुरा हाल है। वह खबर सुनने के कुछ देर बाद ही मरचूला के लिए रवाना हो गए और देर रात वह भी वहां पहुंच गए। जसवीर ने बताया कि वहां का स्थानीय प्रशासन नदी में बहे राजेश और कार्मिक की तलाश में जुटा हुआ है।
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राजेश कुमार राणा के भाई जसवीर ने बताया कि राजेश और उनका पुत्र जब नदी के तेज बहाव में बहने लगे तो वहां मौजूद कुछ युवकों ने उन्हें बचाने के उनके पास तक रस्सी फेंकी। रस्सी फेंकने वाले युवक ने राजेश से चिल्ला-चिल्ला कर कहा कि वह रस्सी को अपनी कमर में बांध ले। राजेश अपने बेटे कार्मिक को गर्दन के सहारे लटकाकर बाहर निकलने का प्रयास कर रहे थे। पानी का बहाव तेज होता जा रहा था। लिहाजा राजेश ने मदद को फेंकी गई रस्सी को अपनी कमर में बांधने के बजाय एक हाथ में लपेट लिया। उसके सहारे राजेश ने बाहर आने का प्रयास भी किया, लेकिन इसी बीच धार और तेज हो गई। इससे हाथ में लपेटी गई रस्सी छूट गई। इसके बाद पलक झपकते ही राजेश और कार्मिक नदी की तेज धार में कहां बह किसी को नहीं पता।
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जसवीर ने फोन पर बताया कि राजेश ने मेरठ में एक माह पहले ही जनरल मरचेंट की दुकान खोली है। नई जगह पर दुकान खोलने और लॉक डाउन के कारण वहां काम कम ही चल रहा था। लिहाजा वह एक सप्ताह पहले मुरादाबाद में पूनम विहार कॉलोनी स्थित उनके घर आकर रहने लगा था। जसवीर मुरादाबाद में ही इलेक्ट्रिक पैनल बनाने वाली एक कंपनी में काम करते हैं। रविवार को उनका अवकाश रहता है। एक दिन पहले ही तय हुआ था कि रविवार को दोनों भाई अपनी पत्नी व बच्चों के साथ रामनगर स्थित गरजिया देवी मंदिर दर्शन के लिए जाएंगे। तयशुदा कार्यक्रम के तहत दोनों भाई अपने परिवार के साथ हंसीखुशी एक गाड़ी से रामनगर के लिए सुबह सात बजे निकले थे। करीब दस बजे वह लोग रामनगर स्थित गरजिया देवी मंदिर पहुंच गए। वहां मंदिर के कपाट बंद मिले।
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राजेश की पत्नी ने भतीजी को बचाया, पति-बेटे को नहीं बचा सकी
मुरादाबाद। जसवीर ने बताया कि नदी में नहाने के लिए उसकी दोनों बेटी और राजेश तथा कार्मिक गए थे। वह और उनकी पत्नी तथा राजेश की ग्यारह माह की बेटी अराध्या नदी किनारे थे। जसवीर ने बताया कि जब बाढ़ आई तो सबसे पहले उनकी पांच साल की छोटी बेटी आकृति के पैर डगमगाने लगे। इस पर उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। जिसे सुन किनारे खड़ी राजेश की पत्नी मोनिका ने फुर्ती के साथ पानी में घुसकर उसे गोद में उठा बाहर निकाल दिया। इसके बाद राजेश ने मेरी बड़ी बेटी नमशी को गोद में उठा कर बाहर निकाला। राजेश का बेटा पानी में मौजूद एक बड़े पत्थर पर बैठा था। इसके बाद राजेश अपने बेटे को निकालने के लिए गया, लेकिन काफी कोशिश के बाद भी राजेश और उसका बेटा पानी में बह गए।
घर पर सन्नाटा, पड़ोसी भी सन्न
मुरादाबाद। जसवीर के पूनम विहार स्थित आवास पर सन्नाटा पसरा है। पूरा परिवार घर में ताला लगा कर मंदिर दर्शन के लिए सुबह निकला था। पड़ोसी डॉ. रामकपूर सिंह ने बताया कि दोनों भाई परिवार के साथ सुबह करीब सात बजे रामनगर जाने की बात कह कर गए थे। बाद में उन्हें राजेश और उनके बेटे के नहाते समय बहने की खबर मिली तो वह सन्न रह गए। उन्होंने बताया कि दोनों भाइयों व उनके परिवार में काफी एका है। सभी हंसी खुशी रहते हैं। उन्होंने राजेश को हंसमुख और मिलनसार बताया। कहा कि वह हमेशा दूसरों की मदद को तैयार रहता है।
मां-पिता गढ़ से पहुंचे अल्मोड़ा
मुरादाबाद। राजेश के पिता रामऔतार राणा गढ़मुक्तेश्वर में रहते हैं। तीस मार्च 2021 को ही वह स्वास्थ्य विभाग में हेल्थ वर्कर पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। राजेश व उनके बेटे के नहाते समय मरचूला में बहने की खबर सुनकर उनका रोते-रोते बुरा हाल है। वह खबर सुनने के कुछ देर बाद ही मरचूला के लिए रवाना हो गए और देर रात वह भी वहां पहुंच गए। जसवीर ने बताया कि वहां का स्थानीय प्रशासन नदी में बहे राजेश और कार्मिक की तलाश में जुटा हुआ है।