दोस्ती...कत्ल व साजिश: बैंक मैनेजर ने प्रेमिका शिक्षिका के साथ किया मर्डर, महिला ने मृतक को फंसाया था जाल में
मुरादाबाद पुलिस ने वीर सिंह हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। इस मामले में महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि बैंक मैनेजर ने प्रेमिका शिक्षिका और दोस्त के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था।
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सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर वीर सिंह (65) की हत्या प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की पपसरा (अमरोहा) शाखा के मैनेजर मनोज कुमार ने अपनी प्रेमिका शिक्षिका वीरबाला और दोस्त कार मैकेनिक अनिल कुमार गुप्ता के साथ मिलकर की थी। सोमवार को पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
पुलिस का दावा है कि मनोज कुमार ने वीर सिंह द्वारा की जा रहीं भ्रष्टाचार की शिकायतों के कारण वारदात को अंजाम दिया। एसपी देहात संदीप कुमार मीना ने बताया कि मझोला के मानसरोवर कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर वीर सिंह का शव 16 अगस्त की रात करीब 12 बजे मैनाठेर थाना क्षेत्र में चंदौसी रोड पर मिला था।
कुछ ही दूरी पर उनकी बाइक खड़ी थी। पोस्टमार्टम में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई थी। इस मामले में वीर सिंह के बेटे हर्षित चौधरी ने हत्या का केस दर्ज कराया था। पुलिस की जांच में हत्याकांड में मझोला के शाहपुर तिगरी निवासी बैंक मैनेजर मनोज कुमार, सिविल लाइंस के डबल स्टोरी एमडीए काॅलोनी निवासी कार मैकेनिक अनिल कुमार गुप्ता और मझोला के बुद्धि विहार सेक्टर-2 में रहने वाली संभल के अतौरा निवासी शिक्षिका वीरबाला यादव के नाम सामने आए।
वीरबाला पाकबड़ा के रतनपुर कला गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मनोज कुमार बताया कि वह वीर सिंह के साथ काम कर चुका है। वीरसिंह भी अमरोहा की पपसरा शाखा में तैनात रहे थे। वीर सिंह मूल रूप से अमरोहा के बागड़पुर के ही रहने वाले थे।
वीर सिंह के परिचित मनोज कुमार के पास लोन के लिए जाते थे तो मनोज उनसे पैसे मांगता था। वीर सिंह ने उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत कर दी थी। इसी कारण मनोज उनसे रंजिश रखने लगा और उसने वीर सिंह की हत्या की साजिश रची।
इसके लिए उसने अपनी प्रेमिका शिक्षिका वीरबाला यादव से वीर सिंह की दोस्ती करा दी। 16 अगस्त की शाम को शिक्षिका ने कॉल करके वीर सिंह को मिलने के बहाने एमडीए ऑफिस के पास बुला लिया, वहां से वीरबाला वीर सिंह की बाइक पर बैठकर चंदौसी कट के पास पहुंची।
पीछे से कार से पहुंचे मनोज कुमार और अनिल ने वीर सिंह को खींचकर कार में डाल दिया। आरोपियों ने पहले हाथ से वीर सिंह का गला दबाया और बाद में रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव फेंक कर आरोपी फरार हो गए थे। सोमवार दोपहर बाद पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।