Moradabad: जाम से मुक्ति के लिए 65 प्राइवेट पार्किंग चिह्नित, नगर निगम देगा लाइसेंस, 12 लाख को मिलेगी राहत
मुरादाबाद में जाम की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने निजी पार्किंगों को लाइसेंस देने का फैसला लिया है। शहर में 65 स्थानों पर संचालित निजी पार्किंगों को अब निगम में पंजीकरण कराना होगा। निगम इन पार्किंग स्थलों को मोबाइल एप से भी जोड़ेगा।
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मुरादाबाद की सड़कों पर बढ़ते जाम से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। अब निजी पार्किंगों का संचालन लाइसेंस प्रणाली के तहत किया जाएगा। निगम ने शहर में ऐसी 65 जगहों की पहचान की है जहां फिलहाल प्राइवेट पार्किंग मनमाने तरीके से चलाई जा रही है। इन सभी संचालकों को अब निगम में पंजीकरण कराना होगा।
नियमों के अनुसार केवल वही संचालक लाइसेंस प्राप्त करेंगे जो निगम की तय शर्तों और शुल्क का पालन करेंगे। शहर में फिलहाल कई इलाकों में पार्किंग की अव्यवस्था जाम की बड़ी वजह बन चुकी है। खासकर ईदगाह रोड, बुध बाजार, स्टेशन रोड, दिल्ली रोड व कांठ रोड जैसे क्षेत्रों में गाड़ियां सड़कों पर खड़ी कर दी जाती हैं जिससे ट्रैफिक रुक जाता है।
नगर निगम ने ऐसे ही क्षेत्रों में पहले से संचालित पार्किंग स्थलों का सर्वे कराया है। इन जगहों पर अगर संचालक पंजीकरण करवाते हैं तो निगम उन्हें वैध लाइसेंस देगा और मोबाइल एप से जोड़ेगा। इससे लोग अपने नजदीकी इलाके में खाली पार्किंग की जानकारी देख सकेंगे और वहां गाड़ी पार्क कर सकेंगे।
स्कूल, अस्पताल और बैंक्वेट हॉल की पार्किंग भी जुड़ेगी
सर्वे में पाया गया है कि शहर के स्कूल, अस्पताल और बैंक्वेट हॉल के आसपास सबसे ज्यादा प्राइवेट पार्किंग संचालित हैं। इनमें से अधिकांश बिना पंजीकरण के चल रही हैं। यहां मनमाने तरीके से किराया वसूला जा रहा है लेकिन निगम को कोई शुल्क जमा नहीं किया जा रहा है। निगम ने इन सभी पार्किंग को अपने साथ जोड़ने के लिए नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
जनसंख्या और वाहन बढ़ने से बिगड़ी स्थिति
2011 की जनगणना के अनुसार शहर की आबादी 8.87 लाख थी जो अब अनुमानित 12 लाख से अधिक हो चुकी है। इसके साथ ही वाहनों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। हर साल सैकड़ों नए वाहन शहर की सड़कों पर उतर रहे हैं लेकिन पार्किंग स्थलों की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
प्राइवेट पार्किंग योजना को गंभीरता से लागू किया जाएगा। सालाना फीस लेकर लाइसेंस जारी किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बिना लाइसेंस चल रही पार्किंगों का सर्वे कराया जा चुका है। यह योजना न केवल निगम को आय देगी बल्कि शहर में जाम की समस्या को भी काफी हद तक कम करेगी। - अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त