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मानसून शुरू होने के बाद तीसरी बार दगा दे गया पूर्वानुमान
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मुरादाबाद। मौसम विभाग ने अपनी तकनीक को बढ़ाया है, इसके बावजूद मानसून तकनीक को चकमा दे रहा है। मानसून शुरू होने के बाद तीन बार ऐसा हुआ है कि विभाग ने दूसरे चरण के सक्रिय होने का पूर्वानुमान जारी किया था और मध्यम से भारी बारिश की संभावना व्यक्त की थी, लेकिन बारिश नहीं हुई है। इसकी वजह से उमस भरी भीषण गर्मी से शहरवासी बेहाल हो रहे हैं और राहत के लिए बेसब्री से बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि रविवार से मंगलवार तक मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ समेत पूर्वांचल के जनपदों में बारिश होने की वजह से वातावरण में नमी बढ़ी हुई है, जिसकी वजह से उमस बढ़ रही है। अभी रविवार से मंगलवार तक बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि मौसम विज्ञान विभाग का केंद्र जनपद स्तर पर है। ऐसे में पूरे जनपद के किसी भी हिस्से में यदि बूंदाबांदी या बारिश का पूर्वानुमान होता है तो उसे जनपद के नाम से जारी करना पड़ता है। इसकी सटीक गणना के लिए ब्लॉक स्तर पर केंद्र बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, लेकिन अभी इसमें डेढ़ से दो वर्ष तक का समय लग सकता है। यदि ब्लॉक स्तर पर पूर्वानुमान जारी होगा, तो उसके सटीक होने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।
पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि मानसून के कमजोर रुख की वजह से मैदानी क्षेत्रों में बारिश नहीं हो पा रही है। शुरुआत की तरह अभी गति तेज नहीं हो पा रही है, इसलिए पूर्वांचल में बारिश हो रही है और लखनऊ तक बारिश खत्म हो जाती है। इससे आगे के इलाकों में बची हुई बारिश आ पा रही है। 26-27 जून, तीन-चार जुलाई के बाद शुक्रवार और शनिवार को ऐसा मौका आया, जब पूर्वानुमान में बारिश की संभावना व्यक्त की गई थी, लेकिन बारिश नहीं हुई है। रविवार को 29, सोमवार को 41 और मंगलवार को सौ मिली मीटर तक बारिश होने की संभावना है। शनिवार को भी 21 मिली मीटर बारिश होने का अनुमान था, लेकिन हल्के बादल होने की वजह से बारिश नहीं हुई है।
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शनिवार को अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय वातावरण में नमी 85 फीसदी थी, जो शाम को 78 फीसदी रही। हवा की गति पांच से दस किलोमीटर प्रति घंटा पूरब दिशा से पश्चिम दिशा में रही।
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आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ समेत पूर्वांचल के जनपदों में बारिश होने की वजह से वातावरण में नमी बढ़ी हुई है, जिसकी वजह से उमस बढ़ रही है। अभी रविवार से मंगलवार तक बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि मौसम विज्ञान विभाग का केंद्र जनपद स्तर पर है। ऐसे में पूरे जनपद के किसी भी हिस्से में यदि बूंदाबांदी या बारिश का पूर्वानुमान होता है तो उसे जनपद के नाम से जारी करना पड़ता है। इसकी सटीक गणना के लिए ब्लॉक स्तर पर केंद्र बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, लेकिन अभी इसमें डेढ़ से दो वर्ष तक का समय लग सकता है। यदि ब्लॉक स्तर पर पूर्वानुमान जारी होगा, तो उसके सटीक होने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।
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पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि मानसून के कमजोर रुख की वजह से मैदानी क्षेत्रों में बारिश नहीं हो पा रही है। शुरुआत की तरह अभी गति तेज नहीं हो पा रही है, इसलिए पूर्वांचल में बारिश हो रही है और लखनऊ तक बारिश खत्म हो जाती है। इससे आगे के इलाकों में बची हुई बारिश आ पा रही है। 26-27 जून, तीन-चार जुलाई के बाद शुक्रवार और शनिवार को ऐसा मौका आया, जब पूर्वानुमान में बारिश की संभावना व्यक्त की गई थी, लेकिन बारिश नहीं हुई है। रविवार को 29, सोमवार को 41 और मंगलवार को सौ मिली मीटर तक बारिश होने की संभावना है। शनिवार को भी 21 मिली मीटर बारिश होने का अनुमान था, लेकिन हल्के बादल होने की वजह से बारिश नहीं हुई है।
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शनिवार को अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय वातावरण में नमी 85 फीसदी थी, जो शाम को 78 फीसदी रही। हवा की गति पांच से दस किलोमीटर प्रति घंटा पूरब दिशा से पश्चिम दिशा में रही।