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सभी 130 करोड़ भारतीय हिंदू, सबके पूर्वज एक, हमारे पास नहीं है सरकार का रिमोट: भागवत
Sat, 18 Jan 2020 07:25 PM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
Published by: अवधेश कुमार
Updated Sat, 18 Jan 2020 07:25 PM IST
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Mohan Bhagwat
- फोटो : अमर उजाला
मुरादाबाद में अपने प्रवास के तीसरे दिन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने कहा कि हमारे पास सरकार का कोई रिमोट नहीं है। साथ ही बोले कि भारत में रहने वाले सभी 130 करोड़ लोग हिंदू हैं। सबके पूर्वज हिंदू ही थे क्योंकि उन सबकी मातृभूमि भारत ही थी।
शनिवार को डा. मोहन भागवत का मुरादाबाद में प्रवास का अंतिम दिन था। एमआईटी कालेज में मकर संक्रांति कार्यक्रम में उनका बौद्घिक हुआ। उन्होंने कहा यहां हर कोई अपना है। जो लोग आज साथ नहीं हैं कल हो जाएंगे। बोले कि इस महीन अंतर को भी समझ लें। यदि हाथी पागल हो जाए तो वह भी अपना है लेकिन यह भी ध्यान रखना होगा कि उससे बचाव भी करना है।
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शनिवार को डा. मोहन भागवत का मुरादाबाद में प्रवास का अंतिम दिन था। एमआईटी कालेज में मकर संक्रांति कार्यक्रम में उनका बौद्घिक हुआ। उन्होंने कहा यहां हर कोई अपना है। जो लोग आज साथ नहीं हैं कल हो जाएंगे। बोले कि इस महीन अंतर को भी समझ लें। यदि हाथी पागल हो जाए तो वह भी अपना है लेकिन यह भी ध्यान रखना होगा कि उससे बचाव भी करना है।
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हिंदुस्तान में चाहे किसी की कोई भी पूजा पद्धति हो, लेकिन सब एक हैं और यही इसकी एकता है। भारत में प्रत्येक धर्म का सार अध्यात्म ही है। यदि राष्ट्र को वास्तव में परम वैभव तक ले जाना है तो मन की कट्टरता छोड़नी होगी। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि हम चुनाव के लिए काम कर रहे हैं पर ऐसा नहीं है। न ही हमारे पास सरकार का रिमोट है।
यह तो दोस्ती और प्रेम का मामला है। उन्होंने देश को सर्वांगीण रूप से विकसित करने की बात कही। कहा कि विश्व के सबसे धनवान लोगों की सूची में यदि भारतीय हों और यहां एक भी व्यक्ति भूखा रहे तो यह भूखों का देश ही कहा जाएगा। ऐसे में विकास सबका होना चाहिए। बोले कि शांति के साथ साथ शक्तिशाली बनना होगा।
दुर्बलता ही भय है। मातृभूमि से प्यार जरूरी है। इजराइल का उदाहरण दिया कि इजराइल के लोगों को कई गुना ज्यादा जगह देकर अफ्रीका में शिफ्ट किया जा रहा था पर उन्होंने यह कहते हुए जाने से इंकार कर दिया कि यह उनकी मातृभूमि है।
यह तो दोस्ती और प्रेम का मामला है। उन्होंने देश को सर्वांगीण रूप से विकसित करने की बात कही। कहा कि विश्व के सबसे धनवान लोगों की सूची में यदि भारतीय हों और यहां एक भी व्यक्ति भूखा रहे तो यह भूखों का देश ही कहा जाएगा। ऐसे में विकास सबका होना चाहिए। बोले कि शांति के साथ साथ शक्तिशाली बनना होगा।
दुर्बलता ही भय है। मातृभूमि से प्यार जरूरी है। इजराइल का उदाहरण दिया कि इजराइल के लोगों को कई गुना ज्यादा जगह देकर अफ्रीका में शिफ्ट किया जा रहा था पर उन्होंने यह कहते हुए जाने से इंकार कर दिया कि यह उनकी मातृभूमि है।