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Moradabad News: बच्चों की याददाश्त पर भारी मोबाइल की लत, बोलने में भी परेशानी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 13 Mar 2025 02:05 AM IST
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Mobile addiction is very harmful for children's memory, they also face difficulty in speaking
अमर उजाला ब्यूरो
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मुरादाबाद। यदि बच्चे के रोने व परेशान करने पर आप भी फौरन उसे मोबाइल थमा देते हैं तो जरा संभल जाइए। मानसिक रोग विशेषज्ञों का अध्ययन है कि छह साल तक के ऐसे बच्चे जो मोबाइल फोन से खेलते हैं, आगे चलकर उनकी याददाश्त कमजोर हो जाती है। साथ ही उन्हें कई प्रकार की मानसिक विकृतियों का सामना करना पड़ता है।
जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञों के पास दो माह में 76 ऐसे मामले आए हैं, जिनमें दो साल के बच्चे को बोलने में परेशानी हो रही थी। सामान्य बच्चों की अपेक्षा उनका मानसिक स्तर छह माह पीछे था। यह सब मोबाइल के कारण ही हुआ। डॉक्टरों का कहना है कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आने वाले कार्टून शो या कार्टून गीत बच्चों के दिमाग की एकाग्रता को खत्म करते हैं।
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स्कूल में दाखिले के बाद इन बच्चों को पढ़ाई में ध्यान नहीं लगता। उनका दिमाग एक चीज पर नहीं ठहरता और वह स्वभाव से उग्र हो जाते हैं।
छोटी-छोटी बातों पर उन्हें गुस्सा आता है। इसे अटेंशन डेफिसिएंसी डिसआर्डर कहा जाता है। ऐसे में मामलों में कई बच्चों को स्कूलों द्वारा काउंसलिंग के लिए मानसिक रोग विशेषज्ञों के पास भेजा गया है।
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