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सैंडल की किक से होगी बेटियों की सुरक्षा, परिजनों और पुलिस के पास जाएगा संदेश
Wed, 05 Jun 2019 08:50 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 05 Jun 2019 08:50 PM IST
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खास सैंडल के साथ एमआईटी के छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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एमआईटी के विद्यार्थियों ने लड़कियों की सुरक्षा के लिए एक सैंडल बनाया है। यदि कोई व्यक्ति युवतियों के साथ छेड़खानी करता है तो वह पैर मारकर अपनी सुरक्षा कर सकती हैं। सैंडल में लगी तकनीक से एक संदेश युवती के परिजनों और पुलिस स्टेशन पहुंच जाएगा। इससे सभी को घटनास्थल की जानकारी मिल जाएगी। इस प्रोजेक्ट का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ है।
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बीटेक इलैक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के चतुर्थ वर्ष के छात्र अनुज, कुमार, आशी अग्रवाल और दिवाकर शर्मा ने द फ्लाइंग कॉप एंड वूमेन डिफेंस सिस्टम प्रोजेक्ट बनाया है। सैंडल वाले प्रोजेक्ट में जीएसएम सिम, जीपीएस, दो पिन और आर्डिनो लगाया गया है। जीपीएस पुलिस थानों से लिंक रहेगा। आपात स्थिति में सैंडल से पिन बाहर आ जाएगी और इससे निकलने वाला करंट हमलावर को करंट और वह कुछ वक्त के लिए बेहोश हो जाएगा। इसके साथ ही जीपीएस एक्टिव होने से पुलिस को घटनास्थल सहित सूचना मिल जाएगी। छात्र दिवाकर शर्मा ने बताया कि साथी आशी की सुरक्षा की चिंता की वजह से यह विचार आया। दोस्तों और शिक्षक डॉ. अमित सक्सेना के सहयोग से डेढ़ वर्ष में प्रोजेक्ट पूरा हो पाया है।
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350 प्रोजेक्ट में मिला स्थान
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय की ओर से लखनऊ में 12 अप्रैल 2019 में कलाम एनुअल प्रोजेक्ट एंड पोस्टर टेक्निकल कम्पटीशन हुई थी। उसमें चयन के बाद टेक्सास इंस्ट्रूमेंट की ओर से आयोजित आईआईसीडीसी (राष्ट्रीय प्रतियोगिता) में नौ हजार प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए गए थे। दूसरे चरण में चुने गए 350 प्रोजेक्ट में सैंडल प्रोजेक्ट को भी जगह मिली है। अभी तीसरे चरण का परिणाम आना शेष है।
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