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UP: खनन माफियाओं ने बॉर्डर पार कराने का ढूंढा नया तरीका, व्हाट्सएप पर लोकेशन शेयर कर अधिकारियों की कर रहे रेकी
Sat, 16 Dec 2023 12:41 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: श्याम जी.
Updated Sat, 16 Dec 2023 12:41 PM IST
सार
खनन माफियाओँ ने उत्तराखंड से यूपी में आने वाले खनिज से लदे वाहनों को बॉर्डर पार कराने का नया तरीका निकाल लिया है। खनन माफिया और उनके गुर्ग अफसरों की रेकी कर व्हाट्सएप ग्रुप पर लोकेशन शेयर कर रहे थे। खनन अधिकारी ने कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
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एफआईआर
- फोटो : social media
विस्तार
शासन की लाख सख्ती के बाद भी उत्तराखंड से खनन लदे वाहन बॉर्डर पार कर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जनपदों तक आसानी पहुंच रहे हैं। माफिया और उसके गुर्गे अफसरों की रेकी करते हैं और व्हाट्सएप ग्रुप पर लोकेशन शेयर कर देते हैं। खनन लदा ट्रक पकड़ा गया तो वहां एक संदिग्ध व्यक्ति रेती करने पहुंच गया। उसका मोबाइल चेक करने पर इसका खुलासा हुआ। इस मामले में खनन अधिकारी राहुल सिंह ने भोजपुर थाने में 22 नामजद और कुछ अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
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खनन अधिकारी ने बताया कि 30 नवंबर को भोजपुर थाना क्षेत्र के मनकुआ मंसूरपुर में खनिज लदा ट्रक पकड़ा था। इसी दौरान वहां एक संदिग्ध व्यक्ति पहुंच गया और रेकी करने लगा। टीम ने उसे पकड़कर उसका मोबाइल चेक किया। मोबाइल में कई व्हाट्सएप ग्रुप थे। परिवहन कर्ता व्हाट्सएप ग्रुप पर आरोपी ने पोस्ट किया था कि टीम ट्रक के पास खड़ी है। आरोपी अफसरों की लोकेशन दे रहा था।
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खनन अधिकारी ने बताया कि व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए आरोपी टास्क फोर्स के सदस्य और प्रवर्तन की टीम के कार्य में बांधा डाल कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे थे। इतना ही नहीं आरोपी नंबर प्लेट पर ग्रीस लगा देते हैं या फिर कपड़ा बांध देते हैं। आरोपी के मोबाइल से पता चला है कि उन्होंने हाईवे किंग्स नाम से भी एक ग्रुप बना रखा है, जिसमें 83 सदस्य हैं।
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इसमें हसन, सलीम हिंदुस्तान रोड लाइंस और तसलीम रजा ग्रुप एडमिन हैं। दूसरा व्हाट्सएप ग्रुप अपना ग्रुप नाम से बना है, जिसमें 42 सदस्य हैं। इसके एडमिन आरिफ सलीम मुंशी और फरमान खान हैं। ग्रुप के मैसेज से स्पष्ट है कि इस ग्रुप में सलीम काशीपुर मुख्य भूमिका निभाता है। समय और प्रवर्तन टीम को देखकर ट्रक पास करता है। खनन विभाग की टीम ने जांच पड़ताल की तो कई और नाम सामने आए हैं।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ केस
संभल के दीपा सराय चौक निवासी तस्लीम रजा, हसन रजा, संभल निवासी जाबिर प्रधान, संभल के बेगम सराय निवासी नफीस, मो. फैजान, अनीस, सलीम, नाजिम, संभल के सिरसी निवासी कासिम, मुरादाबाद के धौलपुर बमनिया निवासी महताब, भोजपुर गणेशपुर देवी निवासी जाबुल प्रधान, मुरादाबाद के मंगूपुरा निवासी आरिफ, मुरादाबाद के मंगूपुरा निवासी आकिल, भोजपुर के गोधीपुर हमीरपुर निवासी अरकान मिस्त्री, मुरादाबाद के नूरपुर बस्तौर निवासी परवेज, अमरोहा के चौधरपुर निवासी मकबूल, अमरोहा के श्योनाली निवासी जाहिद, अमरोहा के फतेहपुर निवासी अदीब, अमरोहा के नूरपुर बस्तौर निवासी कामिल, उत्तराखंड के काशीपुर सलीम और भोजपुर निवासी फरमान खान के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
इन धाराओं में दर्ज किया गया केस
एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि भोजपुर थाने में खनन अधिकारी राहुल सिंह की तहरीर पर आईपीसी की धारा 353, 420, खान एवं खनिज (विकास का विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 (4) और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा (3) में केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी गई हैं।