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प्रदूषण समस्या की जांच को चीनी मिल पहुंची प्रदूषण विभाग की टीम

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 13 Apr 2022 12:15 AM IST
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Mill's crushing session completed, closed machines could not be investigated
क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाली राख से प्रदूषण की जांच के लिए विभाग की टीम मंगलवार दोपहर चीनी मिल पहुंची। मिल का पेराई सत्र पूरा होने की वजह से बंद मशीनों की जांच नहीं हो पाई। अब तकनीकी टीम को बुलाकर जांच कराई जाएगी।
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नगर के कई सामाजिक संगठन तहसील प्रशासन को ज्ञापन देकर आरोप लगाते रहते हैं कि बिलारी चीनी मिल की चिमनी से निकल रही राख से प्रदूषण बढ़ रहा है। इससे बीमारियां फैलने की आशंका हैं। इस समस्या के समाधान को लेकर त्रिपक्षीय वार्ता भी हो चुकी है। इसके बावजूद एसडीएम ने सामाजिक संगठनों की मांग पर प्रदूषण विभाग की टीम को मामले की जांच करने के लिए बिलारी बुला लिया। मंगलवार सुबह 11 बजे तहसील मुख्यालय पर एसडीएम कार्यालय में एसडीएम घनश्याम वर्मा के अलावा प्रदूषण विभाग से आए सहायक पर्यावरण अभियंता विनोद कुमार सिंह और लैब सहायक आकाश जोशी की मौजूदगी में सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों को बुलाकर त्रिपक्षीय वार्ता हुई।
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त्रिपक्षीय वार्ता में सामाजिक संगठनों की ओर से डा. राकेश, रफीक, राकेश जैन, नोमान जमाल, प्रेम कुुमार, चौधरी भयराज सिंह, शकील साबरी, रणजीत सिंह, अचिंत कुमार मुन्ना, राजपाल यादव, चौधरी हुकुम सिंह, कुलदीप सक्सेना, केपी सिंह राणा, मोबीन अहमद आदि शामिल हुए। प्रदूषण विभाग के अधिकारियों का कहना था कि पहले यह तय करना पड़ेगा कि नागरिकों के मकानों की छतों पर आने वाली छाई किस औद्योगिक इकाई की है। सामाजिक संगठन लगातार इस जिद पर अड़े थे कि समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए।
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बाद में एसडीएम के साथ प्रदूषण विभाग के अधिकारी और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी बिलारी के लक्ष्मीजी चीनी मिल के प्रशासनिक कार्यालय पहुंचे। यहां चीनी मिल उपाध्यक्ष सुभाष खोखर की मौजूदगी में पुन: वार्ता हुई। प्रदूूषण विभाग के अधिकारियों का कहना था कि मिल का पेराई सत्र बंद हो जाने और ब्वॉयलर तथा अन्य मशीनें बंद हो जाने की वजह से मिल की मशीनों की जांच होना संभव नहीं है। हालांकि मिल उपाध्यक्ष ने दावा किया कि उनकी यूनिट में जरूरी संयंत्र लगे हुए हैं और पर्यावरण मानकों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। अंत में तय हुआ कि तकनीकी टीम बुलाकर क्षेत्र की औद्योगिक इकाईयों की जांच कराई जाएगी। राख उड़ने से होने वाले प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा।
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