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क्वांरटीन सेंटर का मेडिकल कचरा उठा कर कबाड़ी को बेचा, मचा हड़कंप
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पाकबड़ा (मुरादाबाद)। सरकारी लापरवाही की पराकाष्ठा उस समय पार हो गई जब क्वारंटीन सेंटर का मेडिकल कचरा पाकबड़ा नगर पंचायत क्षेत्र के एक खुले गड्ढे में फेंक दिया गया और सफाई करने वाले दो युवकों ने उसे बीनकर कबाड़ी को बेच दिया। सूचना पर मचे हंगामे के बाद एक्शन में आए प्रशासन ने दोनों सफाई कर्मियों को क्वारंटीन कर उसके घर को सैनिटाइज कर दिया। साथ ही कबाड़ी के गोदाम पर ताला ठोक कर उसके परिवार को भी क्वारंटीन किया गया है। पूरे प्रकरण की जांच एसडीएम ने शुरू कर दी है।
क्षेत्र के कस्बा पाकबड़ा में आईएफटीएम और सत्या कालेज को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है जहां नगर पंचायत पाकबड़ा के सफाई कर्मी ही साफ सफाई कर रहे हैं। यहां घोर लापरवाही सामने आई। इन सेंटरों से निकले मेडिकल कचरे को सफाई कर्मियों ने पाकबड़ा कैलासा रोड़ के किनारे पर एक बड़े गड्ढे में डाल दिया गया। हैरत की बात यह कि इसके बाद नगर के दो सफाई कर्मी उस स्थान पर पहुंच गये और कचरे में से प्लास्टिक का सामान बोतलें आदि इकट्ठी कर लिया और सड़क के पास ही एक कबाड़ी के बेच दिया। इसकी सूचना फैली तो क्षेत्र में लोग दहशत में आ गए। भाजपा नेता और चेयरमैन के पुत्र रिंकू गोस्वामी को भी इसका पता चला तो उन्होंने तत्का सीओ हाइवे रामसागर को इस बाबत अवगत कराया। पुलिस के पास मामला जाते ही प्रशासन और पुलिस की टीम हरकत में आ गई। सीओ हाइवे रामसागर, एसडीएम हिमांशू कुमार और ईओ पाकबड़ा संजय तिवारी आदि मौके पर पहुंच गये।
सफाईकर्मियों के पूरे मुहल्ले को सैनिटाइज कराते हुए दोनों सफाई कर्मियों के परिवारों को होम क्वारंटीन कर दिया गया। कबाड़ी के गोदाम पर भी नगर पंचायत का ताला लगाकर उसके परिवार को क्वारंटीन करते हुए सैनिटाइज कराया गया। कबाड़ी ने बताया की उसने केवल प्लास्टिक की बोतलें ही खरीदी थी। बाद में इस कचरे को भी गड्ढा खोदकर उसमें दबाया गया। के मुताबिक यह जानकारी जुटाई जा रही है कि और कहीं तो यह कचरा नहीं बेचा गया है।
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किसने डाला कचरा, एक दूसरे के पाले में डाल रहे हैं गेंद
पाकबड़ा। क्षेत्र में हाइवे के किनारे पर ये दो क्वारंटीन सेंटर बनाये गये हैं। यहां पर साफ सफाई का जिम्मा पाकबड़ा नगर पंचायत के सफाई कर्मियों के पास है। उनका कहना है कि वे तो केवल सफाई करने के बाद इन कालेजों की गाड़ियों में कचरा भर देते हैं। ये गाड़ियां कचरा फेंककर कहां आती हैं उन्हें नहीं पता। उधर कालेज प्रबंधन तंत्र का कहना है कि कचरा किसने डाला उन्हें नहीं पता। उन्होंने तो कालेज का सेंटर हिस्सा पूरी तरह से प्रशासन के हवाले कर दिया है। अब वहां जो हो रहा है उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की है।
हमने तो अपना कैंपस प्रशासन के हवाले कर दिया है। वहां हमारी अब गाड़ी जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। कचरा निस्तारण की जिम्मेदारी भी डीडीओ ने अपने ऊपर ली है। कूड़ा कहां डालते हैं और कौन सी टीम डालती है हमें नहीं पता है। हमारी गाड़ी कचरा नहीं डालती हैं - अरुण कुमार मिश्रा कॉर्डिनेटर आईएफटीएम
हमने तो खुद ही इस मामले की सूचना प्रशासन को दी। हम पहले ही कह चुके हैं कि मेडिकल वेस्ट पाकबड़ा में नहीं डाला जाएगा क्योंकि यहां तो नगर क्षेत्र के सामान्य कूड़े के निस्तारण की ही कोई उचित व्यवस्था अभी नहीं है- खेमवती देवी, चेयरपर्सन नगर पंचायत पाकबड़ा
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क्षेत्र के कस्बा पाकबड़ा में आईएफटीएम और सत्या कालेज को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है जहां नगर पंचायत पाकबड़ा के सफाई कर्मी ही साफ सफाई कर रहे हैं। यहां घोर लापरवाही सामने आई। इन सेंटरों से निकले मेडिकल कचरे को सफाई कर्मियों ने पाकबड़ा कैलासा रोड़ के किनारे पर एक बड़े गड्ढे में डाल दिया गया। हैरत की बात यह कि इसके बाद नगर के दो सफाई कर्मी उस स्थान पर पहुंच गये और कचरे में से प्लास्टिक का सामान बोतलें आदि इकट्ठी कर लिया और सड़क के पास ही एक कबाड़ी के बेच दिया। इसकी सूचना फैली तो क्षेत्र में लोग दहशत में आ गए। भाजपा नेता और चेयरमैन के पुत्र रिंकू गोस्वामी को भी इसका पता चला तो उन्होंने तत्का सीओ हाइवे रामसागर को इस बाबत अवगत कराया। पुलिस के पास मामला जाते ही प्रशासन और पुलिस की टीम हरकत में आ गई। सीओ हाइवे रामसागर, एसडीएम हिमांशू कुमार और ईओ पाकबड़ा संजय तिवारी आदि मौके पर पहुंच गये।
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सफाईकर्मियों के पूरे मुहल्ले को सैनिटाइज कराते हुए दोनों सफाई कर्मियों के परिवारों को होम क्वारंटीन कर दिया गया। कबाड़ी के गोदाम पर भी नगर पंचायत का ताला लगाकर उसके परिवार को क्वारंटीन करते हुए सैनिटाइज कराया गया। कबाड़ी ने बताया की उसने केवल प्लास्टिक की बोतलें ही खरीदी थी। बाद में इस कचरे को भी गड्ढा खोदकर उसमें दबाया गया। के मुताबिक यह जानकारी जुटाई जा रही है कि और कहीं तो यह कचरा नहीं बेचा गया है।
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किसने डाला कचरा, एक दूसरे के पाले में डाल रहे हैं गेंद
पाकबड़ा। क्षेत्र में हाइवे के किनारे पर ये दो क्वारंटीन सेंटर बनाये गये हैं। यहां पर साफ सफाई का जिम्मा पाकबड़ा नगर पंचायत के सफाई कर्मियों के पास है। उनका कहना है कि वे तो केवल सफाई करने के बाद इन कालेजों की गाड़ियों में कचरा भर देते हैं। ये गाड़ियां कचरा फेंककर कहां आती हैं उन्हें नहीं पता। उधर कालेज प्रबंधन तंत्र का कहना है कि कचरा किसने डाला उन्हें नहीं पता। उन्होंने तो कालेज का सेंटर हिस्सा पूरी तरह से प्रशासन के हवाले कर दिया है। अब वहां जो हो रहा है उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की है।
हमने तो अपना कैंपस प्रशासन के हवाले कर दिया है। वहां हमारी अब गाड़ी जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। कचरा निस्तारण की जिम्मेदारी भी डीडीओ ने अपने ऊपर ली है। कूड़ा कहां डालते हैं और कौन सी टीम डालती है हमें नहीं पता है। हमारी गाड़ी कचरा नहीं डालती हैं - अरुण कुमार मिश्रा कॉर्डिनेटर आईएफटीएम
हमने तो खुद ही इस मामले की सूचना प्रशासन को दी। हम पहले ही कह चुके हैं कि मेडिकल वेस्ट पाकबड़ा में नहीं डाला जाएगा क्योंकि यहां तो नगर क्षेत्र के सामान्य कूड़े के निस्तारण की ही कोई उचित व्यवस्था अभी नहीं है- खेमवती देवी, चेयरपर्सन नगर पंचायत पाकबड़ा