मुरादाबाद में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम पर हमला, छतों से फेंके पत्थर, सात महिलाओं समेत 17 गिरफ्तार
दो दिन पहले नागफनी के नवाबपुरा इलाके में कोरोना पॉजिटिव पीतल कारोबारी की मौत के बाद बुधवार को उसके परिजनों को क्वारंटीन करने हॉटस्पॉट नवाबपुरा पहुंची पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम पर लोगों ने पथराव कर दिया। कारोबारी के परिजन क्वारंटीन करने का विरोध करते हुए टीम से भिड़ गए और बाद में पथराव कर दिया। आसपास की छतों और गलियों से टीम पर जबरदस्त पथराव किया गया।
हमले में जिला अस्पताल के डाक्टर एससी अग्रवाल, फार्मासिस्ट संजीव कुमार और ईएमटी पंकज सिंह समेत छह स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गए। इनमें डाक्टर की हालत नाजुक बनी हुई है। हमले में कई पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। एंबुलेंस और पुलिस जीप भी क्षतिग्रस्त कर दी गई। डीएम और एसएसपी ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर पथराव में शामिल सात महिलाओं समेत 17 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों में 200 अज्ञात भी हैं। इन पर कातिलाना हमले और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मौके पर पहुंचे आईजी रमित शर्मा का कहना है कि हमलावरों पर एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी।

महिलाओं ने शुरू किया पथराव
नवाबपुरा हाजी नेब की मस्जिद के पास रहने वाले एक 50 वर्षीय पीतल कारोबारी की सोमवार को कोरोना से टीएमयू में मौत हो गई थी। इसके बाद हॉटस्पॉट चिन्हित कर इलाके को सील कर दिया गया था। डब्ल्यूएचओ के मानकों के अनुसार, कोरोना पॉजिटिव की मौत के बाद उसके परिजनों के संक्रमित होने की आशंका में कारोबारी के परिवार को क्वारंटीन कर उनकी जांच होनी थी।
इसलिए बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम नवाबपुरा पहुंची। टीम देखकर महिलाएं भड़क गईं। उन्होंने किसी को भी साथ ले जाने देने से इनकार कर दिया और टीम से भिड़ गईं। हंगामा पर नागफनी एसओ को भी मौके पर बुला लिया गया। डाक्टरों ने महिलाओं और स्थानीय लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन तभी महिलाओं ने टीम पर पथराव कर दिया।
एंबुलेंस के साथ गए डा. एससी अग्रवाल, फार्मासिस्ट संजीव कुमार और ईएमटी पंकज सिंह, स्वास्थ्यकर्मी अतरपाल सिंह, आराम सिंह और एंबुलेंस चालक मुनिराज सिंह पथराव में जख्मी हो गए।
पुलिस कंट्रोल रूम पर हमले की सूचना मिलते ही डीएम राकेश कुमार सिंह और एसएसपी अमित पाठक जब मौके पर पहुंचे, तब भी पथराव होता रहा। शहर इमाम सैय्यद मासूम अली आजाद और पुलिस अधिकारियों की बातचीत के दौरान दूसरी गली से पथराव किया गया। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शहर इमाम ने मस्जिद से लोगों को लाउडस्पीकर से समझाया कि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग आपकी मदद के लिए आया है उन पर पथराव न करें। घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर घटना में शामिल लोगों की तलाश शुरू कर दी है।